Abhishek Jain lemon farming

हम जानते है कि, अगर सच्चे मन और लगन से कोई कार्य किया जाए तो उस कार्य में जरूर कामयाबी मिलती है। आज भी लोग यही सोचते है कि केवल शहरों में ही रोजगार मिलता है और इसी सोच के वजह से वो रोजगार के लिए अपने परिवार से दूर शहरों में भटकते है। लेकिन आज भी कुछ लोग ऐसे है जो शहर की चमक-धमक से दूर रहके अपना जीवन शांति से व्यतीत करना पसंद करते है। ऐसे ही लोगों में से एक है, अभिषेक जैन (Abhishek Jain)। जो शहर की नौकरी छोड़, गांव में ही एक अच्छा रोजगार करके अपना जीवन व्यतीत कर रहे है।

परिचय

अभिषेक जैन (Abhishek Jain) राजस्थान (Rajasthan) राज्य के भिलवार जिला के संग्रामगढ़ के रहने वाले हैं। इन्होंने बीकॉम की पढ़ाई अजमेर से की। पढ़ाई करने के बाद ये मार्बल बिज़नेस में जाने की तैयारी में थे। लेकिन पिता के मृत्यु के बाद इन्होंने खेती के तरफ अपना रुख बदला। उनके पास पुश्तैनी 30 बीघा जमीन थी जिसपर उन्होंने खेती करने को सोचा। और आज अपनी उस जमीन पर अमरूद और नींबू बड़ी मात्रा में उगाते हैं साथ ही साथ वह निम्बू का अचार भी तैयार करते है जिसमे उनको लाखों का मुनाफा होता है।

Abhishek Jain lemon farming

कैसे की शुरुआत

दरसअल, अभिषेक का सपना मार्बल बिज़नेस में जाने का था। उन्होंने कभी खेती करने के बारे में नही सोचा। हालाकिं उनके पिता एक किसान थे, पिता के मृत्यु के समय वह अपने गांव संग्रामगढ़ गए। जहां उनका पुश्तैनी 30 बीघा जमीन थी। जब उन्होंने अपने खेतों का भ्रमण किया तब उनके मन मे खेती के लिए लगाव पैदा हुआ और उन्होंने ठान लिया कि एक सफल किसान बनना है। अभिषेक जैविक खेती करते हैं। अभिषेक का कहना हैं कि, “मैंने खेती शुरूआत जब की थी तो मुझे मिट्टी के बारे में ज्यादा कुछ पता नही था कि मिट्टी में क्या मिलाते हैं और मिट्टी के लिए क्या सही है। पहले तो मैंने केमिकल का भी प्रयोग किया, जिससे पौधे खराब होने लगे और मेरी खेती बेकार होने लगी। उसके बाद मैंने यह निश्चय किया कि अब मैं जैविक खेती ही करूँगा। पहले मुझे जितना खर्च जहरीले केमिकल्स को खरीदने में होता था लेकिन अब उससे ज्यादा बचत होता है।”

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कितना का होता है मुनाफा?

आजकल अभिषेक के द्वारा निम्बू का उत्पादन बड़े स्तर पर होता हैं और अब उनके द्वारा निम्बू का आचार भी बनाया जाता है। जब उन्होंने पहली बार निम्बू का अचार बनाया तो सबसे पहले अपने परिवार और मेहमानों में परोसा तो जिसके बाद लोंगो ने खूब प्रशंसा की और लोंगो ने मांग भी बढ़ा दी। इसके बाद अभिषेक ने 50 किलोग्राम निम्बू का आचार बनाकर लोगो में बांटा, जिसको लोगो ने खूब पसंद किया।

अब प्रत्येक साल 600-800 किलोग्राम आचार तैयार किया जाता है। प्रत्येक 900 ग्राम पर 200 की कीमत होती है। उन्होंने बताया, “निम्बू ने मेरी किस्मत को बदल कर रख दिया। मेरे लिए वरदान साबित हुई। आज के समय में मुझे लगभग 5 लाख तक का मुनाफा होता है।” अभिषेक खुद के साथ ही साथ गांव के लोगो को रोजगार भी देते है। साल भर अमरूद की उपज में समय लगता है, इसके बाद अच्छा फल दिखता है। अभिषेक की माँ और पत्नी भी इस काम मे इनकी मदद करती हैं। निम्बू की खेती तो सालो भर होती है और इसलिए इसके मांग में कभी ह्रास नही होता है। लेकिन कभी मौसम खराब होने के कारण कुछ नुकसान भी होता है, लेकिन अभिषेक का मानना है कि, व्यापार में ऐसे परेशानियां तो आती ही रहती है इसलिए इससे हमें घबराना नही चाहिए।

अभिषेक का कहना है कि, खेती के लिए शुरुआत सही और सटीक होनी चाहिए, धीरे-धीरे समय के साथ सब विकास करने लगता है और जहां तक खेती की बात है तो प्रकृति के समीप रह कर आपको बहुत अच्छा महसूस होगा। मिट्टी के प्रति आपके बच्चो का भी आकर्षण बढ़ेगा और उनको भी महसूस होगा कि थाली में भोजन कितनी कठिनाइयों के बाद आता है।

Abhishek Jain lemon farming

टीम समकिट नाम का एक बनाया समूह।

खेती में रुझान रखने वाले लोगों के साथ मिलकर अभिषेक ने एक समूह बनाया है। जिसका नाम टीम समकिट रखा गया है, जिसमे पीएचडी, कृषि विशेषज्ञ जैसे छात्र शामिल हैं। ये लोग व्हाट्सएप के जरिये मिट्टी की उर्वरकता को बढ़ाने, छत पर गार्डनिंग करने, आदि जैसे विषयों को एक दुसरे तक पहुँचाने का काम करते हैं। जिससे लोगो को कई प्रकार की जानकारियां प्राप्त होती हैं। अब तक करीब 20 समूहों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है।

आपको भी अगर निम्बू का आचार आर्डर करना हो या अभिषेक से कुछ जानकारियां लेनी हो तो आप 09982798700 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

निधि बिहार की रहने वाली हैं, जो अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अभी बतौर शिक्षिका काम करती हैं। शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने के साथ ही निधि को लिखने का शौक है, और वह समाजिक मुद्दों पर अपनी विचार लिखती हैं।

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