Saturday, December 3, 2022

स्टार्टअप्स को मदद करने के लिए दो युवाओं ने शुरू किया स्टार्टअप, कमा रहे हैं लाखों रूपए महीना

आज हर कोई अपना व्यवसाय शुरू करना चाहता है, लेकिन कौन सा व्यवसाय शुरू किया जाए, आइडिया को इम्प्लीमेन्ट किस तरह करे, कहां और कैसे मार्केटिंग की जाए तथा इसके लिए फंड की व्यवस्था कहां से करे? यह सब ऐसे सवाल हैं, जो हर एंटरप्रेन्योर के मन में होते हैं। ऐसे ही कुछ सवालों के साथ दिल्ली के आदित्य (Aditya) और मानस (Manas) ने पेडल स्टार्ट नाम से अपने स्टार्टअप की शुरुआत की है।

वे लोग नए स्टार्टअप को आइडिएशन, प्लानिंग से लेकर एक्जिक्यूशन और मार्केटिंग तक पहुंचाने का काम करते हैं। वह अब तक ऐसे 2000 से ज्यादा स्टार्टअप को सपोर्ट कर चुके हैं और सालाना उनका 12 लाख रुपए का टर्नओवर है। – Aditya and Manas jointly launched business to help startups, now earning 1 lakh rupees every month.

स्टार्टअप शुरु करने की थी पूरी जानकारी

आदित्य (Aditya) ने इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट की पढ़ाई किए और मानस (Manas) इंजीनियरिंग ड्रॉप आउट हैं। दोनों ने लंबे समय तक अलग-अलग स्टार्टअप्स के लिए काम किया है तथा कई स्टार्टअप में वह कोर टीम का हिस्सा भी रह चुके हैं। आदित्य बताते हैं कि लंबे समय तक इस फील्ड में काम करने की वजह से मुझे स्टार्टअप की अच्छी समझ हो गई थी। स्टार्टअप कैसे शुरू होता है तथा उसके लिए किन चीजों की जरूरत होती है, यह सब उन्हें पहले से ही पता था। लॉकडाउन की वजह से घर पर काम करते हुए उन्हें इसके बारे में सोचने का काफी समय मिला।

पेडल स्टार्ट की हुई शुरुआत

Aditya And Manas Pedal Startup

लॉकडाउन के दौरान कई लोगों की नौकरियां चली गई और लोग नए स्टार्टअप की प्लानिंग में जुटे हुए थे। ऐसे में एक प्लेटफॉर्म बनना जिसमें लोगों का सपोर्ट मिल सके यह आसान नहीं था। आदित्य ने मानस से इस बारे में बात की और अपना आइडिया शेयर किया और दोनों ने मिलकर पेडल स्टार्ट नाम से अपने स्टार्टअप की शुरुआत की। मानस बताते हैं कि बड़े शहरों के यूथ को स्टार्टअप के लिए प्लेटफॉर्म मिल जाता है, लेकिन छोटे शहरों के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण कार्य हो जाता है क्योंकि कोई गाइड करने वाला नहीं होता।

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छोटे शहरों के लोगों के लिए स्टार्टअप शुरु करना है मुश्किल

छोटे शहरों के लोगों के लिए अपने आइडिया को इम्प्लीमेन्ट से लेकर उसका कामयाबी तक पहुंचना आसान नहीं होता क्योंकि उन्हें हर सुविधा उपलब्ध नहीं होती। ऐसे लोगों को आदित्य की टीम सारी चीज मुहैया कराती हैं। इस कार्य के लिए उनके साथ 10 से 12 एक्सपर्ट और मेंटर्स जुड़े हैं। इसके अलावा कई बड़े स्टार्टअप्स के फाउंडर और इन्वेस्टर्स से भी उनका टाइअप है। आदित्य कहते हैं कि जब कोई नए स्टार्टअप के लिए हमसे अप्रोच करता है तो हम पहले उसकी पूरी बेसिक डीटेल का पता लगाते हैं। उसके बाद उसके आइडिया और प्लानिंग को लेकर चर्चा शुरु करते हैं।– Aditya and Manas jointly launched business to help startups, now earning 1 lakh rupees every month.

लोगों की मदद के साथ ही करते हैं अपना बिजनेस

एक्सपर्ट उनसे बात करके यह समझने की कोशिश करते हैं कि सामने वाला उस आइडिया को लेकर कितना तैयार है तथा उस चीज को लेकर उसका पैशन है कि नहीं। यह सारी बाते जाने के बाद उसे मेंटर्स या बड़े एंटरप्रेन्योर से मिलवाया जाता हैं। उनके साथ वन टु वन सेशन कराते हैं, ताकि हर चीज को लेकर उनका कॉन्सेप्ट क्लियर हो जाए। उसके बाद आदित्य की टीम PR टीम से कॉन्टैक्ट कराते हैं। प्रमोशन के लिए सपोर्ट प्रोवाइड करते हैं। साथ ही वह सोशल मीडिया और डिजिटल मार्केटिंग पर फोकस करते हैं। केवल इतना ही नहीं अगर किसी को फंड की जरूरत हो तो वह इन्वेस्टर्स भी मुहैया कराते हैं।

Aditya And Manas Pedal Startup

इस तरह किया जाता है पैसा चार्ज

आदित्य (Aditya) बताते हैं कि खास बात यह है कि हमारी पूरी प्रोसेस प्रैक्टिकल बेस्ड है। उनके हमारे पास रेवेन्यू के लिए तीन मॉडल हैं, जिसमें एक सब्सक्रिप्शन मॉडल, दूसरा इक्विटी और तीसरा मॉडल है इन्वेस्टर्स से कमीशन। आदित्य कहते हैं कि जो स्टार्टअप हमारे साथ जुड़े हैं उनसे हम मंथली सब्सक्रिप्शन चार्ज लेते हैं, जिससे दो से तीन फीसदी तक उनकी इक्विटी में हिस्सेदारी होती है। उसके साथ ही ऐसे इन्वेस्टर्स जो हमारे साथ जुड़े हैं और जिन्हें हमारे माध्यम से इन्वेस्टमेंट का प्लेटफॉर्म मिला है, उनसे भी वह दो से तीन फीसदी तक चार्ज करते हैं। – Aditya and Manas jointly launched business to help startups, now earning 1 lakh rupees every month.

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