Friday, January 22, 2021

एक इंजीनियर ने नौकरी छोड़कर शुरू की प्राकृतिक खेती , लिख दी सफलता की इबारत !

कृषि भारत का आधार है और किसान उस आधार के निर्माणकर्ता ! कई लोगों के लिए कृषि जीविकोपार्जन का प्रमुख साधन है तो कई लोगों ने इसे अपना शौक बनाया है तो कई ने कैरियर ! एक अच्छी-खासी इंजीनियरिंग की पढाई के बाद कृषि को अपना कैरियर बनाना थोड़ा असहज सा लगता है पर नालागढ क्षेत्र के एक नौजवान अनुभव बंसल ने इंजीनियरिंग की पढाई करके नौकरी पाई लेकिन नौकरी छोड़कर खेती को हीं अपनाया और सफलता की ऐसी इबारत लिखी जो कई लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है ! 

अनुभव बंसल नालागढ के रहने वाले हैं ! इन्होंने इंजीनियरिंग की पढाई की और एक सॉफ्टवेयर डेवेलपर कम्पनी में नौकरी करने लगे ! लगभग दो वर्षों की नौकरी करने के पश्चात अनुभव के दिल-ओ-दिमाग में खेती करने का विचार आया ! इनके पिता एक बिजनेसमैन हैं ! कृषि करने का विचार इनके अंदर ऐसा घर कर गया कि ये कृषि के लिए नौकरी तक को छोड़ने के लिए राजी हो गए !

 

ऐसे हुई शुरूआत

अनुभव को नौकरी करते वक्त खेती करने का विचार आया ! ये इसे कैरियर के रूप में अपनाना चाहते थे जिसके लिए कृषि की जानकारी बेहद आवश्यक थी ! इसके बाद कृषि के बारे में जानकारी और बारीकियाँ सीखने हेतु ये कृषि विभाग, सोलन गए और प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी हासिल की ! इन्होंने 16 बीघा जमीन को किराए पर ले लिया और अपने कृषि कार्य में जुट गए !

कई सब्जियों और फसलों का करते हैं उत्पादन

अनुभव के अंदर कृषि का पूरा खाका खींच चुका था ! वे कई तरह की सब्जियों और फसलों का उत्पादन करना चाहते थे ! कृषि शुरू करने के साथ हीं इन्होंने एक स्टॉल भी खोल दिया ! इस स्टॉल पर ये अपने द्वारा प्राकृतिक तरीके से उत्पादित कई तरह की सब्जियां बेचते हैं ! अनुभव हमेशा से हीं कृषि को व्यापार के रूप में विकसित करना चाहते थे इसलिए सब्जियों के साथ इन्होंने कई तरह के व्यवसायिक फसलों का भी उत्पादन शुरू किया ! इन्होंने हल्दी की भी खेती शुरू कर दी ! हल्दी की अच्छी पैदावार ने इनके कृषि के क्षेत्र में बढते कदमों को और गति प्रदान कर दिया !

 

कर रहे अच्छी आमदनी

अपने स्टॉल के माध्यम से सब्जियों के बेचने से अपने कृषि वाले बिजनेस की शुरूआत करने वाले अनुभव के लिए शुरूआती दो साल आमदनी के दृष्टिकोण से बहुत बढिया साबित नहीं हुआ लेकिन जब इन्होंने हल्दी की खेती की तो प्रथम वर्ष में हीं बेहतरीन उत्पादन ने उनके लिए सफलता का नया द्वार खोल दिया ! इन्होंने अपने प्राकृतिक हल्दी का पैकिंग शुरू किया , उस हल्दी से हल्दी पाउडर बनाकर पैकिंग करना शुरू किया और ग्राहकों को बेचना शुरू किया ! प्रकृति हल्दी होने के कारण यह शीघ्र हीं बिक जाती है ! हल्दी से इन्होंने लगभग 10 लाख रूपये की कमाई की ! जिसे अनुभव ने और अधिक करने का लक्ष्य रखा है !

लोगों के लिए बने प्रेरणास्रोत

अनुभव ने प्राकृतिक खेती कर आज जो सफलता हासिल की है वह लोगों के लिए एक सीख की तरह है ! कई लोग अनुभव से प्रेरणा लेकर अपने कृषि कार्य को बढा रहे हैं ! कृषि विभाग , सोलन के एक विशेषज्ञ घर्मपाल जी ने बताया कि “अनुभव बंसल बीते कुछ वर्षों से प्राकृतिक कृषि में बेहतर कार्य कर रहे हैं ! उनके कृषि कार्यों के बारे में अन्य लोगों को भी बताया जाता है जिससे कि वे प्रेरित हो सकें” ! अनुभव बंसल ने अपने बेहद सफल कृषि कार्य के कारण किसानों में गहरी पैठ बनाई है ! नालागढ क्षेत्र के कई किसानों ने अनुभव से उनकी हल्दी का बीज लेकर हल्दी की बुआई कर रहे हैं !

 

अनुभव बंसल ने अपने सफल प्राकृतिक खेती से लोगों को एक रास्ता दिखाने का काम किया है ! उन्होंने एक ऐसे कृषि मॉडल की रचना की है जिससे सीखकर अन्य लोग भी इसे आमदनी का जरिया बना सकते हैं ! अनुभव ने अपने कृषि कार्यों से कुछ लोगों को रोजगार भी दिया है !

प्राकृतिक खेती को करके अनुभव बंसल ने ना सिर्फ खुद पर्यावरण का हिफाजत की है बल्कि अन्य लोगों को भी प्रेरित किया है ! Logically अनुभव बंसल के कार्यों की सराहना करता है !

Vinayak Suman
Vinayak is a true sense of humanity. Hailing from Bihar , he did his education from government institution. He loves to work on community issues like education and environment. He looks 'Stories' as source of enlightened and energy. Through his positive writings , he is bringing stories of all super heroes who are changing society.

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