Sunday, October 25, 2020

अंजली मलिक खुद से खाद बनाकर छत पर लगाती हैं सब्जियां, आर्गेनिक सब्जियों का करती हैं बेहतर उत्पादन

वैसे तो हमने बहुत सारे शिक्षकों की कहानियां पढ़ी है जो अपने बच्चों को पढ़ा कर उस मुकाम तक पहुंचाते हैं जहां वह जाना चाहता है। उन शिक्षक से प्रेरणा लेकर कुछ शिक्षक भी उनकी तरह बनते हैं। या बनना चाहते हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे शिक्षिका के बारे में बताएंगे बच्चों को पढ़ाने व उनके सपनों को आकार देने के साथ ऑर्गेनिक सब्जियां अपने छत पर उगाती हैं और उसके लिए वह खाद घर के कचरों से बनाती हैं।

यह हैं शिक्षिका अंजली मल्लिक

अंजलि मल्लिक (Anjali Mallik) दिल्ली (Delhi) से ताल्लुक रखती हैं। अंजली यहां लगभग 45 वर्षों से निवास कर रही हैं। अंजलि एक विद्यालय के प्रधानाध्यापक भी रह चुकीं हैं। अंजलि का मानना है कि हम अपने सेहत पर ध्यान नहीं देते हैं जिस कारण हमें बीमारियां होती हैं और हम बीमारियों में जो पैसे खर्च करते हैं वह गलत है। वही हम अपने सेहत का ध्यान रखें, शुद्ध भोजन में पौष्टिक आहार लें और सबसे जरूरी केमिकल युक्त सब्जियों को ना खाकर जैविक सब्जियों को खायें तो हम स्वस्थ रह सकते हैं। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपनी छत पर खेती करने का निश्चय किया। वह लगभग 2 वर्षों से यहां जैविक खेती कर रही हैं।

एग्रीकल्चर कोर्स की कर चुकी हैं पढ़ाई

अंजलि पेड़-पौधों में ज्यादा रुचि में रखती हैं। जिस कारण उन्होंने एग्रीकल्चर का कोर्स किया है। अंजलि ने अपनी छत पर इसलिए सब्जियां उगाई ताकि यह शुद्ध सब्जियों का सेवन कर सकें। धीरे-धीरे वह इससे बहुत कुछ सीख चुकी थी और इससे अनुभव लेकर ट्रेनिंग देना भी शुरू कर दिया। उनका मानना है कि जो लोग शहर में रहते हैं वह जरूर शुद्ध सब्जियों का सेवन करें क्योंकि शहर के बाजार से जो सब्जियां खरीद कर लाई जाती है वह केमिकल युक्त होती है। गांव में हर कोई यह चाहता है कि वह सब्जियां उगाए और उसे उगाकर खाता भी है जिससे वहां लोग ज्यादा स्वस्थ रहते हैं। उन्होंने बताया कि अगर आपके पास जगह की कमी है तो आप अपनी बालकनी में भी अपने खाने के पौधों को लगा सकते हैं।

यह भी पढ़े :- घर पर बैठे सब्जियों की कर ली खेती,छोटे छोटे बर्तनों में लगाई हैं 30 तरह की सब्जियां: पढ़ें पूरी प्रक्रिया

अपनी प्रेरणा व प्रशिक्षण से 60 लोगों को सीखा चुकी हैं खेती

अंजलि खुद तो खेती करती हीं हैं और दूसरों से भी करवाती है। शुरुआती दौर में थोड़ी कठिनाई हुई लेकिन इनकी सफलता को देखकर लोग इनकी तरफ बहुत आकर्षित हुए। फिर उन्होंने सोचा कि क्यों ना मैं इनसे कुछ सलाह लेकर छत पर भी अपने खाने योग्य सब्जियों को उगाऊं। अब तक अंजलि ने 60 से अधिक लोगों को छत पर खेती करने के तरीके सीखा चुकी हैं और सभी अपनी खेती मे लगें भी है। साथ हीं अगर किसी को इनसे प्रशिक्षण प्राप्त करनी है तो वह उनसे ट्रेनिंग ले सकते हैं वह ट्रेनर भी हैं।

ग्रो बैग के उपयोग से करती हैं खेती

एक साथ अन्य प्रकार की सब्जियों को उगाने के लिए अंजलि “ग्रो बैग” का उपयोग करती हैं। जो 10*6 फीट का होता है। अगर हम इस ग्रो बैग का उपयोग कर सब्जियों को उगाना चाहते हैं तो लगभग 15-20 तरह के सब्जियों को हम इसकी मदद से उगा सकते हैं। साथ ही इस ग्रो बैग का एक अलग ही फायदा है कि हमारे छत पर कोई भी सीलन जैसी परेशानी नहीं होती है। तो इस कारण हम बिना किसी डर के अपने छत पर सब्जियों को उगा सकते हैं। अंजलि ने यह जानकारी दी कि “ड्रेनेज सिस्टम” की मदद से हम पौधों को जितनी पानी की आवश्यकता हो उतनी पानी दे सकते हैं। ड्रेनेज सिस्टम का फायदा है कि पौधों में बाहरी पानी नहीं जाता और इससे पानी की बचत होती है। उन्होंने बताया कि अगर फिर भी कोई मन में डर या संकोच हो तो पौधों को लगाने के लिए थर्मोकोल या लोहे की परत का उपयोग कर सकते हैं।

500 से अधिक व्यक्तियों को प्रकृति खेती की दी जानकारी

अंजलि जब कृषि से संबंधित किसी को कोई जानकारी देती हैं तो वह उन्हें देशी बीज के उपयोग का सुझाव देती हैं। अंजलि ने यह बताया कि हमारी मिट्टी में कुछ ऐसे कींट होते हैं जो हमारी मिट्टी के लिए लाभदायक होते हैं। लेकिन अधिक पैदावार के चलते बाजारों से केमिकल युक्त कीटनाशक को खरीद कर उनका छिड़काव कर देते हैं जिसके कारण सारे कींट मर जाते हैं इसीलिए हमारे मिट्टी की उर्वरक क्षमता कम हो जाती है। वह जब भी ट्रेनिंग देती हैं तो इस दौरान लोगों को इस बात से रूबरू कराती हैं। पौधों में डालने हेतु खाद बनाने के लिए वह किचन वेस्ट की जानकारी देती हैं जैसे कि फल और सब्जियों के छिलके या फिर चायपत्ती की मदद से उर्वरक बनाना। अब तक इन्होंने 500 लोगों को प्राकृतिक कृषि के बारे में जानकारी दिया है। अंजलि “फैमिली फार्मर कांसेप्ट” के आधार पर कार्य करती हैं। अंजलि ने बताया कि जिस तरह हमें हमारे परिवार के लिए एक फैमिली डॉक्टर की आवश्यकता होती है इसी तरह फैमिली फार्मर का निर्माण भी जरूरी है।

एक शिक्षिका होने के बावजूद भी खुद नैचुरल खेती छत पर करना और दूसरों को जानकारी देकर उन्हें भी इस खेती हेतु प्रेरित करने जैसे नेक कार्य करने के लिए The Logically अंजलि मल्लिक को सलाम करता है।

Khusboo Pandey
Khushboo loves to read and write on different issues. She hails from rural Bihar and interacting with different girls on their basic problems. In pursuit of learning stories of mankind , she talks to different people and bring their stories to mainstream.

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