आइडिया था घर-घर किराना समान पहुंचाने का, कुछ ही वर्षों में कंपनी की टर्नओवर 22,000 करोड़ पहुंची

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Apurva mehta instakart

सीखने की कोई उम्र नहीं होती। हमारे जीवन में हर बदलाव अपने साथ कुछ-न-कुछ सीख लेकर आता है। जीवन में होनेवाली हर घटना से सीख लेकर जो उसे अपने जीवन में अपनाता है, वही सफलता की ऊंचाई छूता है। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो जीवन में होनेवाली परिवर्तन से सीख ने लेकर उसे कोसते रहते हैं। असफलता हर मोड़ पर समाने आती है पर सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि मनुष्य बाधाओं का सामान कैसे करता है और अपनी मंजिल तक कैसे पहुंचता है। हमारी आज की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। आज हम आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहें हैं जो घर-घर जा कर किराना का सामान डिलीवरी करता था। आज उसने अपने अनूठे उपाय से 22 हजार करोड़ का कारोबार खड़ा कर लिया।

आइये जानते है उस शख्स के बारें में।

इस शख्स का नाम है, अपूर्व मेहता। अपूर्व का जन्म कनाडा में हुआ। उनकी उम्र 26 वर्ष है। इन्हें बचपन से टेक्नोलॉज़ी से बेहद प्रेम था। हमेशा इनके अंदर कुछ अलग और नया करने की इच्छा होती थी। अपूर्व ने यूनिवर्सिटी ऑफ वाटरलू से वर्ष 2008 में इलेक्ट्रानिक इंजीनियरिंग से स्नातक किया। कॉलेज की पढ़ाई खत्म करने के बाद अपूर्व ने अमेजन के साथ काम किया। 2 वर्ष काम करने के बाद इन्होंने महसुस किया कि इनका सीखना बंद हो गया है। ज़िंदगी सरल हो गई है, कोई चुनौतियां नहीं है।

अपूर्व दुनिया में भौतिकवादी बदलाव लाना चाहते थे। वे समझते थे कि जब वह किसी बड़ी कम्पनी में काम करेंगे तब ही यह सम्भव हो पायेगा। इसके लिये सिर्फ एक ही रास्ता था, वह रास्ता इंटरप्रेन्योर का था। अपूर्व को बिजनेस के बारे में कोई जानकारी नहीं थी क्यूंकि आरंभ से ही इन्हें कम्प्यूटर में अधिक रुचि थी। काम को अच्छी तरह से समझने के लिये इन्होंने टेक मीटिंग में जाना शुरु किया।

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आरंभ के समय में अपूर्व को कुछ भी समझ नहीं आ रहा था। लेकिन इसके हर भाग को पसंद कर रहे थे, वे सही रास्ते पर चल रहे हैं, इस बात पर भरोसा उन्हें हिम्मत देते गया। अपूर्व के पास बहुत सारे उपाय थे लेकिन वे कुछ नहीं कर पा रहे थे। उस दौरान अमेजन में काम कर रहें थे। उन्हें अपने आइडिया के ऊपर काम करने के लिये वक्त नहीं मिलता था। बाद में उन्होंने नौकरी छोड़ने का निर्णय लिया। इसके बाद अपूर्व सेन फ्रांसीको चले गये। वहां उनका एक दोस्त रहता था। 2 वर्ष तक अपूर्व का पता उनके मित्र का घर का सोफ़ा होता था। वहां वे अपने आइडिया के बारे में विचार करते और अपने नये स्टार्टअप के लिये कोड्स लिखा करते थे। आरंभ मे उन्हे यह सब करने मे मजा आता था लेकिन नाकामयाब होने की वजह से उन्हे निराशा हाथ लगती थी। इन 2 वर्षों में उन्होंने 20 कंपनिया आरंभ की। लेकिन किसी भी कम्पनी ने सफलता का स्वाद नहीं चखा।

कुछ महीने बाद अपूर्व एक नये स्टार्ट अप प्लान के साथ वापस आ गयें। उनका आइडिया था- वकीलो का सोशल नेटवर्क बनाना। इस कार्य के लिये उन्होंनें 1 लाख डॉलर रुपये फंड की व्यव्स्था भी की लेकिन 1 वर्ष बाद उस काम में भी उनकी रुचि नहीं रही। अपूर्व को महसूस हुआ कि वह गलत रास्ते पर चल रहें हैं। उन्होने अपने स्टार्टअप को छोड़ दिया। उनके इन्वेस्टर का 1 लाख रुपया डूब चुका था। उनके जीवन का यह सबसे खराब समय था।

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आनेवाले कुछ महीने अपूर्व के लिये चुनौतीयों से भरा हुआ था। उनके पास आमदनी का कोई माध्यम नहीं था। अप्रवासी होने की वजह से वह अधिक दिन अमेरिका में भी नहीं रह सकते थे। उनकी मां का स्वास्थ्य भी खराब रहने लगा था और वे कुछ सहयता नहीं कर पा रहें थे। यह समय उनके लिये बेहद खराब था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।

अपूर्व कुछ ऐसा करना चाहते थे जो घर के पास रहकर भी किया जा सके। बचपन से उन्हें कुछ चीजे बिल्कुल नापसंद थी। उदाहरण के लिये किराने की दुकान तक सामान लेने जाना, चीजे खरीदना, उसके लिये लाइन में खड़े होना और भारी सामान का बैग उठाना। उन्होने खोजबीन किया तो मालूम हुआ कि सब कुछ ऑनलाइन मिल रहा है। जैसे किताबे खरीदना, टीवी देखना, लोगों से मिलना आदि।

अपूर्व ने वर्ष 2010 में ग्रॉसरि डिलीवरी एप्प का निर्माण किया। उसका नाम इंस्टाकार्ट था। यह उनकी कम्पनी थी, इसे उनके कुछ मित्र उपयोग कर रहे थे। कुछ महिनो बाद उनके ग्राहक बनने लगे। उसके बाद उन्होंने कुछ कर्मचारी रखे, जो किराने का सामान घर तक पहुंचाते थे।

वर्ष 2012 में अपूर्व ने 2 सह संस्थापकों की नियुक्ति की, मैक्स मुलन और ब्रैंडन लेओनार्डो। वर्तमान मे इंस्टाकार्ट का वैल्यूएशन लगभग 3.4 मिलियन डॉलर है। फोर्ब्स के 40 वर्ष वाले अमीर आदमी के नाम में अपूर्व का नाम भी शामिल है। 25 राज्य के 1200 शहरों में अपूर्व के कम्पनी के 36 सेवा केंद्र है। अपूर्व के लिये लगभग 50 कर्मचारी फुल टाइम कार्य करते हैं। फोर्ब्स ने अपूर्व को “द मोस्ट प्रॉमिसींग कम्पनी इन अमेरिका” का नाम दिया है।

अपनी राह पर डटे रहने और लगातार प्रयास करने के लिए The Logically अपूर्व मेहता की सराहना करता है।

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