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अपनी ड्यूटी के साथ ही माइग्रेंट लेबर्स के अनेकों बच्चों को यह पुलिस अफसर शिक्षित कर रहे हैं: देश सेवा के साथ समाजसेवा

कोरो’नावा’यरस के महामारी के बाद पूरी दुनिया में बहुत सारे लोगों की जिंदगी बिल्कुल तरह से बदल चुकी है. खासकर इस परिस्थिति के बाद स्टूडेंट्स की पढ़ाई पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ा है। वैसे स्टूडेंट्स जिनके पास इंटरनेट और मोबाइल जैसी आधुनिक सुविधाएं हैं वह अपनी पढ़ाई आसानी से कर पा रहे हैं, लेकिन जिनके पास पढ़ने के लिए उचित सुविधाएं नहीं है उनके लिए शिक्षा एक सपने के समान हो चुका है।

लेकिन इस दौरान कुछ ऐसे भी लोग हैं जो अपने हुनर और काबिलियत का सही उपयोग कर जरूरतमंदों की सेवा में लगे हैं ! ऐसी ही कहानी एक पुलिस ऑफिसर की है जो अपनी ड्यूटी के अलावा कुछ बच्चों को पढ़ाकर उन्हें शिक्षित करने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं।

 police officer teaching poor kids

बेंगलुरु के सब इंस्पेक्टर सन्ताप्पा अपनी ड्यूटी से समय निकलकर कुछ कुछ बच्चों को बुनियादी शिक्षा देते हैं और उनकी ज़िंदगी संवारने की कोशिश कर रहे है! अब आपके पास एक सवाल होगा कि आखिर एक पुलिस अफसर बच्चों को क्या पढ़ा सकता है. तो आप यह जानकर हैरान होंगे कि सब इंस्पेक्टर सन्ताप्पा बच्चों को वैदिक मैथ, जनरल नॉलेज, मॉरल साइंस जैसे अनेकों विषयों को पढ़ा रहे हैं।

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पुलिस अफसर सन्ताप्पा ने बताया कि उनके पिता एक माइग्रेंट लेबर थे और अभी भी उन्हें यह देखकर काफी तकलीफ होती है कि, उनके जैसे अनेकों बच्चे जिनके पास पैसा और सुविधा के अभाव में अशिक्षा जैसी बीमारी का शिकार हो रहे हैं!

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सब इंस्पेक्टर सन्ताप्पा ने जब कुछ बच्चों को सड़क किनारे इधर-उधर घूमते हुए देखा तो उन्हें उनके दुर्दशा पर तरस आ गई, और उन्होंने निर्णय लिया कि अब वह ऐसे अनेको बच्चों की जिंदगी संवारने के लिये अपना पूरा प्रयास कर करेंगे!

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शुरुआती दिनों में पहले इन्होंने अपना क्लास एक ओपन एरिया में शुरू किया और पढ़ाने के लिए इनके पास केवल एक ब्लैक बोर्ड था, लेकिन अब अनेकों लोग इस मुहिम से प्रेरित होकर मदद के लिए आ गए हैं, और अब इनके पास पढ़ाने के लिए जरूरी सामान उपलब्ध हो चुका है। सन्ताप्पा बताते हैं कि वह किंडर गार्डन के बच्चों से लेकर हाईस्कूल तक के बच्चों को अपने योग्यता अनुसार शिक्षा दे रहे हैं।

सन्ताप्पा बच्चों को उनके नाम से ना बुलाकर भारत के महान विभूतियों के नाम से बुलाते हैं। इस बात को एक बच्चे ने बताया कि “सर मुझे गांधी जी के नाम से बुलाते हैं और मैं कोशिश करूंगा कि आगे चलकर मैं गांधी जैसा कुछ बड़ा कर पाऊं”

https://twitter.com/Krishanupatra17/status/1303204697583443969?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1303204697583443969%7Ctwgr%5E&ref_url=https%3A%2F%2Findianexpress.com%2Farticle%2Ftrending%2Ftrending-in-india%2Fbangalore-karnataka-cop-teacher-children-of-migrant-workers-6589123%2F

नकारात्मकता से भरी इस दुनिया में पुलिस अफसर सन्ताप्पा का मुहिम एक सकारात्मक संदेश देता और कहीं ना कहीं अनेकों लोगों को प्रेरित करता है, कि हमें अच्छाई के लिए अपनी यथाशक्ति अनुसार प्रयास करना चाहिए और लोगों की मदद करनी चाहिए!

The Logically की तरफ से पुलिस अफसर सन्ताप्पा की मुहिम की हम सराहना करते हैं और इस नौजवान पुलिस अफसर को उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हैं!

अंजली पटना की रहने वाली हैं जो UPSC की तैयारी कर रही हैं, इसके साथ ही अंजली समाजिक कार्यो से सरोकार रखती हैं। बहुत सारे किताबों को पढ़ने के साथ ही इन्हें प्रेरणादायी लोगों के सफर के बारे में लिखने का शौक है, जिसे वह अपनी कहानी के जरिये जीवंत करती हैं ।

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