Tuesday, April 20, 2021

MNC की नौकरी छोड़कर अपने गांव में शुरू किए दूध का कारोबार, अपने अनोखे आईडिया से लाखों रुपये कमा रहे हैं

जैसा कि सभी जानते हैं कि दूध हमारे सेहत के लिए के लिए बहुत लाभदायक है। डॉक्टर भी लोगों को प्रतिदिन दूध पीने को कहते हैं। सहजीज कल्पना की जा सकती है कि दूध के क्षेत्र में काम करने हेतु हमारे देश में एक बङी संभावना है। चूकि हमारा देश गांवों का देश है। यहां पशुपालन भी बृहद पैमाने पर किया जाता है। आज की यह कहानी ऐसे इंसान की है जिन्होंने दूध के क्षेत्र में बङी संभावनाओं को पहचाना और अपनी मल्टीनेशनल कम्पनी की नौकरी को त्याग मिल्क पार्लर प्रारंभ किया। आज वे महीने में लाखों कमा रहे हैं।

MBA करने के बाद प्रदीप ने छोड़ी नैकरी

प्रदीप हरियाणा से ताल्लुक रखते हैं। इन्होंने MBA की पढ़ाई के बाद मल्टीनेशनल कम्पनी में नौकरी तो किया लेकिन उसमें इनकी दिलचस्पी अधिक दिनों तक नहीं रह पाई। उन्होंने अपनी नौकरी को छोड़ने का निश्चय कियख। वे नौकरी त्याग कर अपने घर आ गए। प्रारंभ में उन्होंने रोहतक में 5 जगहों पर टेस्टी मिल्क बेचने का शुभारंभ किया। प्रदीप ने इसका नाम “बागड़ी मिल्क पार्लर” रखा। जब उन्हें उससे जीत मिली तब आगे और भी मिल्क प्रोडक्ट बेचने लगे। उनकी इस जीत से उनके पिता आश्चर्यचकित हुए। बागड़ी मिल्क पार्लर शब्द बागड़ से बना है। 2 वर्ष पूर्व शुरू किए गए इस कार्य से वे आज महीने में लाखों की कमाई कर रहे हैं।

pradeep with his teem member

पिता हैं शिक्षक

प्रदीप के पिता गवर्नमेंट टीचर रहे हैं। जब प्रदीप इस कार्य को शुरू किए तब उनके पिता ने उन्हें बहुत कुछ कहा, ये कार्य 10वीं पास व्यक्ति भी कर सकता है तुम क्यों करोगे तुमने MBA किया है। प्रदीप श्योराण जब यह कार्य किए तब ज्यादा फायदा होने लगा तब उनके पिता को यह महसूस हुआ किया उन्होंने अपने बेटे को गलत बोला। प्रदीप को 2020 के 20 अप्रैल को मसूरी में आयोजित “लालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी” में उनके पार्लर का डेमो के लिए निमन्त्रित किया गया था।

पशुपालन में है फायदे

उनके दूध हरियाणा में ही नहीं बल्कि पूरे भारत का भाग बना है। उन्होंने बताया कि हमारे युवाओं को अब दूध पीना पसंद नहीं वह ज्यादातर पेय पदार्थों जैसे कोल्ड ड्रिंक, लिम्का, माजा इन सब चीजों में इंटरेस्ट दिखा रहे हैं। इसीलिए मैंने इस कार्य को शुरू किया ताकि वह दूध के महत्व को समझें और फिर उनका रुझान दूध और दही में बढ़े। उन्होंने अपनी पढ़ाई संपन्न करने के बाद “हैवेल्स बरजर पेंट” जैसी बड़ी कंपनी में कार्य किया है। उन्होंने बताया कि अगर हम किसी कंपनी में कार्य करने के अलावा खुद का व्यवसाय शुरू करें तो हमें अधिक मुनाफा है। अगर वह कार्य पशुपालन का हो तो फिर तो वह सोने पर सुहागा है।

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आगे की तैयारी

इतना ही नहीं यह आगे चाहते हैं कि ट्राईसाईकिल के माध्यम से उत्पाद जो बिकते हैं उसके साथ ही गुड़ की कुल्फी भी बेचें और उसकी तैयारी में वे लग भी गए हैं। उन्होंने बताया कि हमारे इस कार्य में अधिक ग्राहक भी आ रहे हैं क्योंकि उन्हें भी इससे लाभ मिल रहा है। उन्हें ताजा दूध मिल रहा है जो शुद्ध, उचित मूल्य और ताजी होने के साथ-साथ टेस्टी भी है।

मल्टीनेशनल कम्पनी की नौकरी छोड़ गांव आखर मिल्क पार्लर की शुरुआत कर जिस तरह प्रदीप मुनाफा कमा रहे हैं वह कार्य सराहनीय है। The Logically उनके कार्यों की प्रशंसा करता है।

Khusboo Pandey
Khushboo loves to read and write on different issues. She hails from rural Bihar and interacting with different girls on their basic problems. In pursuit of learning stories of mankind , she talks to different people and bring their stories to mainstream.

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