Sunday, December 10, 2023

भारत का अनोखा मंदिर जहां बिल्लियों की होती है पूजा-अर्चना, लोग बिल्ली को मानते हैं देवी का अवतार

हिंदू धर्म के अनुसार, पशुओं को देवी-देवताओं के वाहन के रूप में प्रदर्शित किया गया है जैसे मां दुर्गा की सवारी शेर, भगवान गणेश की सवारी चूहा, कार्तिकेय की सवारी मोर, धन की देवी मां लक्ष्मी की सवारी उल्लू जैसे अन्य कई पशु हैं जो देवी-देवताओं की सवारी है। जबकी बिल्ली को अशुभ माना जाता है और इसलिए यदि बिल्ली दिख जाए या रास्ता काट दे तो उसे अशुभ की गिनती में रखा जाता है। कई बार तो लोग बिल्ली द्वारा रास्ता काटने पर खुद का रास्ता बदल देते हैं।

लेकिन ठीक इसके विपरीत हमारे भारत देश में एक ऐसी जगह है जहां 1000 सालों से किसी देवी-देवता की नहीं बल्कि बिल्लियों की पूजा-अर्चना की जाती है। इस बात पर यकीन करना थोड़ा मुश्किल है लेकिन यह सच है। तो इसी कड़ी में चलिए जानते हैं उस जगह और बिल्लियों की पूजा से जुड़ी बातें- (Devi Mangamma temple in Bekkalale village of Karnataka where cat is worshipped as a god)

कहां स्थित है वह जगह जहां की जाती है बिल्लियों की पूजा?

भारत के कर्नाटक (Karnataka) राज्य के मांड्या (Mandya) जिले में स्थित बेक्कालेले गांव (Bekkalale Village) एक ऐसा गाँव है, जहां के निवासी किसी अन्य देवी-देवता के बजाय बिल्ली को देवी का अवतार मानकर पूरे विधि-विधान से उसकी पूजा-अर्चना करते हैं। इतना ही नहीं इस गांव का नाम भी उसी से प्रेरित होकर रख गया है अर्थात गांव के नाम को कन्नड़ शब्द ‘बेक्कू’ से लिया गया है जिसका मतलब ‘बिल्ली’ होता है।

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बिल्ली की पूजा करने की क्या है मान्यता?

आप सभी के मन में यह सवाल चल रहा होगा कि आखिर बेक्कालेले के लोग बिल्ली की पूजा क्यों करते हैं और इसके पीछे की वजह क्या है। ऐसे में बता दें कि पौराणिक कथाओं के अनुसार, सैकड़ों साल पहले की बात है जब इस गांव को बुरी ताकतों ने अपने आतंक से परेशान कर रखा था। उस दौरान देवी मंगम्मा ने बिल्ली का रूप धारण करके समस्त ग्रामवासियों को बुरी ताकतों से रक्षा की थी। देवी मंगम्मा ने बिल्ली का रुप दिखाकर वहां से अंतर्ध्यान हो गई थी।

अंतर्ध्यान होने के साथ ही देवी मंगम्मा (Goddess Mangamma) ने वहां एक निशान छोड़ गई जहां आगे चलकर एक मंदिर को बनाया गया। उसी समय से लेकर आज तक तकरीबन 1 हजार वर्ष से वहां के लोग बिल्ली में आस्था रखते हैं और भक्ति भाव से उसकी पूजा-अर्चना करते हैं। साथ ही ग्रामीण जन बिल्लियों की सुरक्षा पर विश्वास रखते हैं। इसके अलावा बेक्कालेले के निवासी प्रतिवर्ष देवी मंगम्मा का उत्सव बहुत ही धूम-धाम और हर्षों-उल्लास के साथ मनाते हैं।

बिल्ली को क्षति पहुंचाने वाले को दे दिया जाता है गाँव निकाला

बेक्कालेले (Bekkalale) गांव के लोग बिल्ली को देवी मंगम्मा (Goddess Mangamma) अवतार मानने के साथ ही वे मंगम्मा की अपनी कुलदेवी भी मानते हैं। इसी वजह से वे बिल्ली में अटूट आस्था रखकर उसकी पूजा करते हैं। यहां के लोगों में बिल्ली के प्रति ऐसी निष्ठा है कि यदि कोई बिल्ली को हानि पहुंचाता है तो उसे गांव से बाहर निकाल दिया जाता है। इतना ही नहीं यदि किसी बिल्ली की मृत्यू हो जाएं ग्रामीणवासी अपनी पूरी रीति-रिवाज के साथ उसका अंत्येष्टि करते हैं।