Tuesday, April 20, 2021

झारखंड के माउंटेन मैन ‘चाड़ा पहान’ ने पत्नी के लिए पहाड़ का सीना चीरकर निकाला पानी

पहले के मुकाबले आज हमारा देश काफी तरक्की पर है, परंतु आज भी कई ऐसे गांव हैं, जहां सड़क, पानी और बिजली की समस्या बनी हुई है। झारखंड की राजधानी रांची से महज 40 किलोमीटर दूर खूंटी जिला के मुरहू प्रखंड के एक गांव जिसका नाम है कुजरांग। एक नक्सल प्रभावित इलाके होने की वजह से यहां आज भी सड़क, पानी और बिजली की समस्या बनी हुई है।

जिस प्रकार हवाएं मौसमों का रुख बदल देती है, उसी प्रकार यहां के रहने वाले एक किसान जिसका नाम है, चाड़ा पहान। उन्होंने इस गांव की दिशा ही बदल दी, जिसकी वजह से लोग इन्हें माउंटेन मैन के नाम से जानते हैं।

आइए जानते हैं इनका नाम माउंटेन मैन कैसे बना?

चाड़ा पहान कुजरांग गांव के रहने वाले हैं। कुंजरांग एक नक्सल प्रभावित क्षेत्र है। वहां आज भी बिजली, पानी और सड़कों की समस्या बनी हुई है। ईटीवी भारत की टीम ने इस गांव के बारे में बताया कि जब हमारी टीम इस गांव में पहुंची तो यहां के एक ग्रामीण फगुआ पहान ने बताया कि इस गांव में कोई भी इंसान पैदल चलने की हिम्मत नहीं कर पाता था। यह गांव बहुत ही पिछड़ा हुआ है। वही इस गांव के दूसरे ग्रामीण चाड़ा बुंडू ने बताया कि इस गांव में पानी की समस्या सबसे ज़्यादा है।

Chada pahan mountain man of Jharkhand

पानी के लिए संघर्ष

कुंजरांग गांव के ग्रामीणों के लिए यह नया नहीं था क्योंकि यहां पानी की समस्या पुराने जमाने से ही लोग झेलते आ रहे हैं, परंतु खेती करने वाले चाड़ा पहान को यह मंजूर न था। चाड़ा पहान को इसलिए यह मंजूर नहीं था क्योंकि उनकी पत्नी अक्सर बीमार रहती थी और उन्हें पानी लाने के लिए पहाड़ों पर दूर तक जाना पड़ता था।

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एक आम किसान से माउंटेन मैन का सफर

चाड़ा पहान एक दिन पहाड़ पर लकड़ी लाने के लिए गए। वहां उन्होंने चट्टानों के बीच पानी रिसता देखा, तभी उनके दिमाग में यह बात आया कि क्यों ना पहाड़ पर एक कुआं बना दें? जिसमें पानी जमा होगा और पाइप से सीधे गांव तक पहुंचेगा। यही सोच कर उन्होंने छैनी और हथौड़ा लेकर पहाड़ में गढ्डा बनाने लगे।

वहां पानी लाने के लिए लगभग 2 किलोमीटर चलना पड़ता था। जिसके कारण उनकी पत्नी को बहुत ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने बताया कि मैंने सब्बल और हथौड़े से थोड़ा-थोड़ा पूरे पत्थर निकाल दिए और पहाड़ में लगभग 10 से 12 फीट गहरा गड्ढा खोदा। गड्ढा खोदने के बाद इसमें पानी आने लगा और आज भी इसमें पानी है।

Chada pahan mountain man of Jharkhand

पहाड़ से लगभग 500 मीटर दूरी पर चाड़ा पहान का घर है। इन्हें 250 फीट ऊंचे इस पहाड़ पर कुआं खोदने में करीब 1 साल लग गए थे। यह कार्य उन्होंने अकेले ही किया था। इनकी मदद ना तो इनके परिवार वाले ने किया और ना ही गांव वालों ने। चाड़ा के बेटे का नाम सोमा पहान है, जिन्होंने बताया कि इस कार्य में करीब एक से डेढ़ साल लग गए। उनके बेटे ने बताया कि उन्होंने यह काम केवल छैनी और हथौड़े के सहारे ही किया है।

गांव में अब 24 घंटे पानी आता है

कुंजरांग गांव के ग्रामीणों में अब ख़ुशी का माहौल है, क्योंकि चाड़ा की वजह से आज यहां 24 घंटे पानी रहता है और वह भी बिना बिजली और पंप के, पर उन्होंने बताया कि गर्मियों में थोड़ी सी परेशानी होती है क्योंकि पानी सूखने लगते हैं। फिर भी उन्होंने ने कहा कि बरसात के दिनों में पहाड़ का पानी पाइप के जरिए घर तक आ सकता है जिससे हमें थोड़ी राहत मिल सकती है।

Chada pahan mountain man of Jharkhand

सरकार से मदद की उम्मीद

ग्रामीणों का कहना है कि यह परेशानी भी खत्म हो सकती है पर इसके लिए हर शख्स को माउंटेन मैन बनना पड़ेगा जो आसान नहीं है। यदि सरकार चाहे तो यहां की परेशानियों का समाधान निकल सकता है। फगुना महान ने कहा कि ऊपर पहाड़ों पर पानी है और वहां से पाइपलाइन के जरिए पूरे गांव में पानी की सुविधा दी जा सकती है।

चाड़ा पहान के इस हिम्मत और हौसले ने यह साबित कर दिखाया कि मुसीबत चाहे कितनी भी बड़ी हो पर इंसान के जुनून के आगे वह बहुत छोटी है। इनके सोच और कारनामें की वजह से लोग इन्हें माउंटेन मैन कहते हैं।

News Desk
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