Tuesday, May 24, 2022

महेंद्र सिंह धोनी बृहद स्तर पर कर रहे जैविक खेती , लोग ले रहे हैं प्ररेणा !

भारत के पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज महेन्द्र सिंह धोनी का क्रिकेट प्रेम तो जगजाहिर है लेकिन आजकल उनका कृषि प्रेम देखते बन रहा है ! माही ने अपने राँची स्थित फार्म में जैविक खेती की शुरूआत की है !

जैविक खेती की शुरुआत

कुछ महीने पूर्व धोनी जैविक खेती की शुरूआत की थी ! इस कार्य के लिए उन्होंने 1 ट्रैक्टर भी खरीदा था ! राँची स्थित फार्म के 43 एकड़ भूमि में कृषि कार्य आरम्भ किया है ! एक तकनीकी टीम के साथ यह खेती वे पूरी योजनाबद्ध तरीके से कर रहे हैं ! उनका मकसद है कि जैविक खेती और उत्पादों को आमजनों तक पहुँचाया जाए ताकि रसायनिक खाद और छिड़काव से उत्पन्न फसलों से होने वाली हानि से लोगों को बचाया जा सके !

धोनी और उनकी टीम

धोनी के इस कृषि कार्य में मैत्री फाउंडेशन के सचिन झा , शैलेश कुमार , रौशन कुमार , नवल कच्छप , सोहन महतो , डा. विश्वरंजन और कुणाल गौरव पूरा सहयोग करते हैं ! टीम के सभी सदस्य कहते हैं कि “धोनी सर के साथ काम करने में बहुत मजा आता है ! उनकी सकारात्मकता और ऊर्जा हमलोगों को थकने नहीं देती” ! उनकी योजना जैविक खेती और उत्पाद को राँची और आस-पास के क्षेत्रों में पहुँचाना है जिसे अन्य राज्यों तक बढाया जाएगा !

विभिन्न प्रकार के सब्जियों , फसलों और फलों की खेती

महेन्द्र सिंह धोनी अपनी टीम के साथ एक व्यापक स्तर पर जो खेती कर रहे हैं उसके अंतर्गत वे कई फसलों , सब्जियों व फलों की खेती कर रहे हैं ! इसके लिए वे अलग-अलग उत्पादन के लिए निश्चित जगहों का चयन किया गया है ! पपीता , बन्दगोभी , फूलगोभी , तरबूज , आम , अमरूद , धान , स्वीट कॉर्न आदि उत्पादों की खेती की जा रही है !

बनाए गए हैं कई सेन्टर

धोनी ने अपने उत्पादन के पश्चात उत्पादों को आम लोगों तक पहुँचाने के लिए राँची में कई केन्द्र स्थापित किए हैं ! मोहराबादी , धुर्वा , रातू रोड , चुटिया , पंडरा , अरगोड़ा में केन्द्र खोला गया है ! इन केन्द्रों के माध्यम से उत्पादों को लोगों के लिए उपलब्ध करवाने ने बहुत आसानी होगी !

आज जब खेती में रसायन के प्रयोग से उपजने वाले उत्पाद लोगों के स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित कर रहे हैं , धोनी के द्वारा प्राकृतिक खेती करना और उसके लोगों तक विस्तार करना एक प्रेरणा भरा कार्य है ! Logically महेन्द्र सिंह धोनी द्वारा किए जा रहे कार्यों की खूब सराहना करता है !

यह भी पढ़ें –
इंटरनेट से जैविक खेती की विधि सीख अब कई गुना पैदावार बढ़ा चुके हैं , आमदनी भी कई गुना बढ़ी – खेती