छोटे-छोटे कंटेनर में पौधे लगाकर मुम्बई की दीप्ति अपने बालकनी में 30 तरह की सब्जियां उगा रही हैं, पढ़ें पूरी प्रक्रिया

86

हरी सब्जी और फल खाने के फायदे तब होते है जब हम उन्हें ताजे-ताजे खाएं। फल और सब्जी ज़्यादा गुणकारी उस समय होते है जब उसे सही से उगाएंगे। अधिकतर लोग बाजार के भरोसे रहते हैं और उनको लगता है कि वह एकदम ताजे फल और सब्जियों का सेवन कर रहें हैं लेकिन बाजार से लाए हुए हरे साग-सब्जी बासी है या नहीं इसका पता हमें नहीं होता है। कुछ लोग बाजार से लाए हुए सब्जियों और फल का सेवन नहीं करतें हैं। वह अपने घर पर ही सब्जी और फल उगाते हैं क्योंकि उनका मानना हैं कि घर पर उगे हुए फल खाद से बने होते है उनमें किसी भी प्रकार के हानिकारक रासायन का प्रयोग नहीं होता है और वह सेहत के लिए ज़्यादा फायदेमंद होते है।

ऐसी ही सोच रखने वाली हैं दीप्ति झंझनी (Dipti jhanjhani)। यह मुंबई की रहने वाली हैं। इनकी उम्र 34 वर्ष हैं। दीप्ति ने जय हिंदू कॉलेज से बैचलर ऑफ़ मास मीडिया (BMM) से स्नातक की हुई हैं और पुणे के फ्लमे युनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म के पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा की डिग्री हासिल की हैं। उन्होनें नेटवर्क 18 जैसे मीडिया के लिए काम किया हैं। दीप्ति ने DNA, हिंदू, और टाइम्स ऑफ इंडिया के लिए फ्रीलांस भी किया हैं।

दीप्ति झंझनी 8 साल से अपने घर के 50 वर्ग फुट की बालकनी में 30 अलग-अलग प्रकार की सब्जियां उगा रही हैं। रोचक बात यह है की दीप्ति सब्जियां उगाने के लिए किसी भी प्रकार के रासायनिक खाद और कीटनाशक का इस्तेमाल नहीं करती हैं। आईये जानतें है इन्होंने यह सब कैसे किया??

दीप्ति ने नवंबर 2017 में एक “एडिबल गार्डेन” की शुरुआत की। दीप्ति ने बताया कि एडिबल गार्डेन बनाने के लिए निम्नलिखित उपाय है:-

छोटे प्लास्टिक के कंटेनर में मिट्टी भरें, उसमें बीज को इस तरीके से फैलाए कि सारे बीज को बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके। इसपर पानी का छिड़काव करतें रहें और उसको अपने घर की खिड़की पर रखें। अगर मिट्टी नहीं है तो कार्डबोर्ड या टिशू पेपर का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। कार्डबोर्ड का इस्तेमाल करमे के लिए सबसे पहले कार्डबोर्ड को 24 घंटे के लिए पानी में भिगो देना है इसकी बाद अगले सुबह इसके दो टुकड़े कर के दोनों टुकड़ों के बीच में बीज को सैंडविच की तरह रखें। कार्डबोर्ड को नम रखने के लिए उनपर पानी का छिड़काव करना है।

यह भी पढ़े :-

इज़राइल और UK में जाकर सीखे खेती का गुड़, अब किसानों को जैविक खेती की विधि सिखाते हैं: यहां पढ़िए गुड़

टिशू पेपर को इस्तेमाल करने की विधि :-

टिशू पेपर को पानी मे भिगोने की जरुरत नहीं है। इसे नम रखने के लिए पानी का स्प्रे करना है। बीज को टिशू पेपर में रखकर खिड़की पर रखना है ताकी सुर्य की रोशनी मिल सके।

दीप्ति का कहना हैं कि खरबुज, कद्दू, करेला जैसे कठोर बीज वाली सब्जियों को उगाने के लिए उन्हें सीधे मिट्टी में लगाया जा सकता है। उनका ये भी कहना है की 20 इंच के बर्तन में इमली और निम्बु भी लगाया जा सकता है। दीप्ति बताती हैं की छोटे बीज वाले सब्जियों जैसे टमाटर, शिमला मिर्च और मिर्च को गमले में बोने से पहले उनको धूप में रखा जाए तो ज़्यादा अच्छा है।




दीप्ति पेड़ पौधों के लिए खाद बनाने की विधि भी बताती हैं जो इस प्रकार है :-

वह बताती हैं कि घर के फलों और सब्जियों के छिलकों को मिक्सी में पीस कर उनमें 4 कप पानी डाले इससे एक गाढ़ा पेस्ट बनकर तैयार हो जायेगा। अपने पौधों को पानी देने के लिए इस मिश्रण का उपयोग करे। इसमें पोटैशियम की मात्रा अधिक होती है।

Source-Thebetterindia

दीप्ति झंझनि ने बालकनी के अलावा अपने अपार्टमेंट पतिसर में एक बड़ा गार्डन स्थापित किया है। यह गार्डन 540 वर्ग फुट क्षेत्र में फैला हुआ है और इसमें 100 से अधिक वनस्पति पौधें, फलों, और औषधियों के पेड़ लगे हुए है। इस अपार्टमेंट क्मप्लेक्स में 40 लोग रहते हैं और उन सभी को इसका लाभ मिलता है।
अपने घरों में लगाये गार्डन में उगने वाले फल और सब्जी पोषण से भरपुर होते है। रोज के आपूर्ति के लिए बाजार जाने की ज़रुरत नहीं होती है। दीप्ति ने ढाई साल में, 20 एडिबल गार्डन की स्थापना की है।

The Logically का मानना हैं कि आप भी दीप्ति द्वारा बताये गये सुझाव से अपने घरों के खिड़कियों पर ताजी सब्जियां उगा सकते है और अपने घर की बालकनी में एडिबल गार्डेन बना सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here