Wednesday, August 4, 2021

जिस थाने में पिता ASI हैं, वहीं बेटी DSP बन कर आई, पिता का सर फक्र से ऊंचा हुआ

माता-पिता के लिए गर्व की बात तब होती है जब उनके बच्चे अपने परिश्रम के दम पर सफलता प्राप्त कर लें। आज हम आपको एक ऐसे पिता और बेटी की कहानी बताएंगे जो एक हीं थाने में पुलिस अधिकारी हैं। बेटी अपने पिता से उच्च पद पर है। पिता अपने बेटी को थाने में सैल्युट करते हैं। बेटी DSP है और पिता SI.

डीएसपी शाबेरा अंसारी

शाबेरा अंसारी (Shabera Ansari) उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बलिया (Baalia) की निवासी हैं। इनके पिता का नाम अशरफ अली (Asharaf Ali) है। ये दोनों पिता और बेटी एक ही पुलिस स्टेशन में कार्यरत हैं। पिता मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में स्थित इंदौर (Indore) के लसूड़िया पुलिस थाने (Lasudia poolice Station) में SI (सब इंस्पेक्टर) हैं। वहीं शाबेरा मझौली पुलिस थाने में DSP के पद पर कार्यरत हैं। इनके पिता अपनी बेटी को सैल्युट करतें हैं और वही घर पर इनके हाथों का बना खाना खातें हैं। इनका एक ही थाने में अपनी अपनी ड्यूटी करने का रीजन लॉकडाउन है।

लॉक-डाउन के वजह पिता फंस चुके थे

जब अशरफ बलिया आये तब यह अपने बेटी से मिलने के लिए बेटी के जिले में गए। तब तक पूरे देश मे लॉकडाउन लग गया। अशरफ उसी जिले में रह गये तब पुलिस मुख्यालय ने आर्डर दिया कि वह वहीं रहें और मझौली में ही अपने कर्तव्यों का निर्वाह करें। इन्होंने इस आदेश का पालन करते हुए अपनी बेटी के थाने में ड्यूटी किया।

Dsp daughter and asi

दोनों ने किया अपने-अपने कर्तव्यों का पालन

शाबेरा मझौली पुलिस थाने की इंचार्ज हैं और इनके पिता भी यहां अपना कार्य कर रहें हैं। कोरोना के कहर में पिता और बेटी ने अपना-अपना कार्य ईमानदारी पूर्ण किया है। ये 1 या 2 घण्टे नहीं बल्कि अपनी सेवाएं 20-20 घंटे दे रहें हैं। वैसे तो अशरफ उम्र, रिश्ते और लिहाज में बड़ें हैं लेकिन पद में वह अपनी बेटी से जुनियर हैं। बेटी सीनियर है, इस नाते अशरफ शाबेरा को सलाम करतें हैं। वही डियूटी खत्म होने के बाद घर पर शाबेरा के हाथ का बना खाना खातें हैं।

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DSP होने से पूर्व शाबेरा भी SI ही थी

मध्य प्रदेश पुलिस में शाबेरा SI थी। साल 2018 में इनकी नियुक्ति DSP के पोस्ट पर हुई और यह इस पद पर तैनात होते हुए ट्रेनिंग ले रही हैं। इन्होंने PCS की तैयारी कर उसमें सफलता प्राप्त कर अपने DSP पद को ग्रहण किया है।

एक ही थाने में अपने कर्तव्यों का पालन जिस तरह इन दोनों पिता और बेटी ने किया है, वह वन्दनीय है। The Logically इन्हें शत-शत नमन करता है।