Thursday, October 29, 2020

खेती में कुछ नया करना चाहते हैं तो इन चार तरह की खेती को समझें, कम जगह में अच्छे पैदावार होते हैं

आधुनिकरण के फायदे तो बहुत हैं लेकिन हम इस बात को नकार नहीं सकते कि इससे हमारे पर्यावरण को क्षति भी पहुंच रही है। इस क्षति को कम करने के लिए हमारे देश के बहुत से व्यक्ति पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दें रहें हैं। यहां तक की बड़े-बड़े शहरों में भी कुछ व्यक्ति कोशिश कर रहें कि वे अपने भोजन के लिए ख़ुद पौधों को लगाकर उससे फल, फूल और सब्जियों को उगा सकें। आज हम आपको मुंबई शहर के कुछ ऐसे स्थानों के विषय मे बतायेंगे जहां अधिक मात्रा में पौधों को लगाकर उनमें सब्जियों और फलों को उगाया जा रहा है।

भारत के बड़े-बड़े शहरों में कंक्रीट, ट्रैफिक और अत्यधिक जनसंख्या के साथ शोरगुल होने के कारण, हरियाली बहुत ही कमी है। यह सच है जब शहरों में नए सिरे से उत्पादन होता है तो लगता है क्या ऐसा यहां भी हो सकता है??? हैरानी की बात यह है कि मुंबई जो सबसे घनी आबादी वाले शहरों में से एक है। इतनी धनी आबादी और शोर-शराबा होने के बावजूद भी शहर के केंद्र में एक ऐसी जगह है, जहां शहरी उद्यान बनाने के लिए सीमित स्थान का चतुराई से उपयोग किया जा रहा है। इन स्थानों पर हम यह सीख सकते हैं कि हमारा भोजन कैसे तैयार करना है?? अगर कभी भी मुंबई घूमने को मिले तो हमें यहां जरूर आना चाहिए। मुंबई में इन 4 शहरी उद्यानों की यात्रा करना बहुत ही लाभदायक होगा।

शहरी पत्तियां (Urban Leaves)

माटुंगा (Matunga) में डॉन बोस्को (Don Bosco) के परिसर में स्थित यह टैरेस गार्डन (Terrace Garden) मुंबई पोर्ट ट्रस्ट (Mombai Port Trust) के साथ एक खानपान अधिकारी (Catering Officer) का दिमाग था। जो रसोई के कचरे को रिसाइकल करने के तरीकों से टैरेस को एक हरियाली में तब्दील कर दिया। आज यह तरीका तेजी से बढ़ा है और एक स्वयंसेवक द्वारा संचालित आंदोलन बन गया है। यहां इस गार्डन में कस्टर्ड ऐप्पल, स्टारफ्रूट और अनार के कई पौधे हैं जो बहुत ही स्वादिष्ट हैं। इस बगीचे को इस प्रकार पोषित करने में जितना सोचा और प्रयास किया गया है कि जब हम इसे ध्यान से देखतें हैं तो लगता है यह अंतरिक्ष को डिजाइन करने के लिए पौधों को सूरज की रोशनी के कोण तक विकसित किया गया है। हम बढ़ते माइक्रोग्रेन पर या प्रूनिंग विधियों पर एक कार्यशाला के लिए साइन अप कर सकते हैं। यहां उत्पन्न सभी उपज डॉन बॉस्को या स्वयंसेवकों की रसोई में जाती है।

पिक्सी डस्ट फार्म (Pixie Dust Form)

यह छोटा-सा खेत अपेक्षाकृत नई परियोजना है। यह कल्पना की गई थी जब बांद्रा (Bandra) के सेंट जोसेफ कॉन्वेंट (St Joseph convet) में ननों ने खाद बनाना शुरू किया था। एक स्थानीय निवासी और बागवानी के उत्साही लोगों ने कॉन्वेंट के परिसर में 1,500 वर्ग फुट में एक छोटा सा पैच स्थापित कर खड़ा कर दिया। यह हर सप्ताहांत सुबह यहां आने वाले आगंतुकों के लिए कुछ घंटों के लिए खुला रहता है। आप क्रम परिवर्तन में शामिल प्रक्रियाओं का निरीक्षण कर सकते हैं और यहां तक कि कचरे को परिवर्तित करने और खेती के नए तरीके खोजने के लिए कई प्रयोगों में भाग ले सकते हैं। जब तक यह प्रक्रिया आप सीख नहीं लेतें तब तक नियमित रूप से यहां जाने की कोशिश करें।

फ्लाईओवर फार्म (Flyover Form)

यह शायद मुंबई (Mumbai) में एक बगीचे के लिए सबसे अनौपचारिक स्थानों में से एक है। यह स्थान मोहम्मद अली रोड (Mohmmad Ali Road) के व्यस्त खंड पर एक इमारत की छत पर स्थित है। इस उद्यान शहर के पुराने हिस्से का दृश्य देखकर बहुत ही रमणीय लगता है। चाहे वह पास के भवनों के आर्ट डेको मेहराब हों या बंदरगाह। जब आप अद्भुत दृश्यों में अंतर कर रहे हों तो आप यहां के बर्तनों की ओर ध्यान दें तब आपको बहुत कुछ दिखेगा। आप टमाटर और पपीते से लेकर ग्रीन टी और एवोकाडो तक सब कुछ बेहद ही नायब तरीके से लगा हुआ देख सकते हैं। अगर आप यहां के कुछ फलों का नमूना अपने बगीचों के लिए लेना चाहें तो ले सकतें हैं। बागवानी कार्यशालाओं के लिए सप्ताहांत पर स्वयं सेवक से या वहां के निवासी माली से अपना खुद का पैच सेट कर सकते हैं।

ग्रीन सोल ऑर्गेनिक फूड गार्डन प्रोजेक्ट

यह उद्यान शहर के बाहरी इलाके नवी मुंबई (Navi Mubai) में स्थित है और यह एक एकड़ में फैला है। आप इसे एक सब्जी का थैला या बगीचा कह सकते हैं। टाटा मेमोरियल अस्पताल (Tata Memorial Hospital) के परिसर में स्थित इस गार्डन का उपजायी हुई सब्जियां सेंट जूड इंडिया चाइल्ड केयर सेंटर (St Jud India Child Care Center) में बच्चों को खिलाने के लिए दिया जाता है। यह किशोर कैंसर रोगियों के लिए एक आश्रय स्थल है। आपको यहां मौसमी सब्जियां मिलेंगी, जैसे- सूरन, तेंदुली, और बैंगन। आप यहां स्वयंसेवक (volunteer) के तौर पर काम कर जैविक खेती की जटिलताओं के बारे में मंगलवार और शनिवार को जान सकते हैं। साथ ही इस समुदाय द्वारा किए जा रहे अच्छे कार्यों के बारे में भी जान सकते हैं। आप अपनी स्वेच्छा से दान करके उनके प्रयासों में योगदान दें।

The Logically मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर में रहने वाले ऐसे व्यक्तियों को सलाम करता है जो ख़ुद तो पौधे उगाते हैं और दूसरों को इसके फल और सब्जियों का स्वाद चखाते हैं।

Khusboo Pandey
Khushboo loves to read and write on different issues. She hails from rural Bihar and interacting with different girls on their basic problems. In pursuit of learning stories of mankind , she talks to different people and bring their stories to mainstream.

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