Monday, November 30, 2020

ऊसर जमीन को उपजाऊ बनाने में माहिर है यह किसान, अबतक 300 लोगों को सीखा चुके हैं इसका गुड़

बंजर भूमि जिसमे लवणों की मात्रा अधिक होती है। लोगों का मानना है कि वैसे भूमि पर कुछ भी नहीं उगाया जा सकता। लेकिन हमारे देश के कई किसानों ने इस बात को झूठा साबित कर दिखाया है। कुछ किसानों ने इस बंजर जमीन पर फलों और सब्जियों की खेती कर मिसाल कायम की है, तो कुछ किसानों ने बहुत कम समय में इसे उपजाऊ बनाकर अपने जज़्बे और हौसलें से सबको आश्चर्यचकित कर दिया है। आज की हमारी यह कहानी एक ऐसे किसान की है जो दिल्ली में काम कर रहे थे और घर आकर बंजर भूमि को उपजाऊ बना दिये हैं।

सिपाही लाल (Sipahi Lal)

45 वर्षीय सिपाही लाल (Sipahi Lal) ने अंगदपुर (Angadpur) बहेलिया गांव से संबंध रखते हैं। यह लगभग 23 वर्षों से दिल्ली (Delhi) में रहते थे लेकिन अपने गांव आकर इन्होंने अपनी बंजर जमीन को लभगभ 122 दिनों में उपजाऊ बनाकर यहां के सभी किसानों का मनोबल बढ़ाया है। बंजर जमीन पर खेती करने का आईडिया इन्हें एक “ऊसर समिति” के बैठक से मिली।

यह भी पढ़े :-

घर के बेकार पड़े डब्बों और टूटी ग्लास में फ़ल और सब्जी की खेती करते हैं, छत और बालकनी में उंगाते हैं सबकुछ

दिन-रात एक करके जमीन को बनाया हरा-भरा

सिपाही लाल ने दिन-रात फवारे से ख़ुदाई किया। साथ ही सिंचाई कर खेतों में पानी को संग्रहीत किये ताकि खेतों की मिट्टी में नमी बनी रहे। उन्होंने अपने और पड़ोसियों के घरों से निकले कचरों और गोबर की मदद से खाद बनाकर खेतों में डालना शुरू किया। लगभग 1 साल तक मेहनत करने के बाद उनकी मेहनत रंग लाई और उनकी बंजर भूमि उपजाऊ भूमि में परिवर्तित हो गईं। खेत को उपजाऊ बनाने में उन्हें 15 हजार रुपये की लागत खर्च हुई, लेकिन फसल के निलकने से यह लागत पहली बार में ही पूरी हो गई। जिससे सिपाही लाल को अधिक प्रसनता हुई।




इलाके के किसानों का मनोबल बढ़ा

सिपाही लाल की खेती से वहां के 46 किसानों ने भी बंजर जमीन पर खेती करनी शुरू की। शुरुआती दौर में सिपाही को सब पागल बोला करते और उन पर हंसते थे लेकिन इन्होंने अपने खेत को उपजाऊ बनाकर सबको चुप करा दिया। अब गैर सरकारी संस्था (NGO) भारतीय किसानों की सहायता भी कर रही है। रसूलपुर ब्लॉक में लगभग 300 से अधिक किसान सिपाही से प्रेरणा लेकर अपनी बंजर भूमि को उपजाऊ बनायें हैं। वर्तमान में भी किसान इस कार्य मे लगे हुयें हैं। Sipahi 45 वर्ष के उम्र में भी बंजर भूमि को उपजाऊ बनाकर सभी किसानों के लिए प्रेरणा बने। इसके लिए The Logically सिपाही लाल (Sipahi Lal) को सलाम करता है।

Khusboo Pandey
Khushboo loves to read and write on different issues. She hails from rural Bihar and interacting with different girls on their basic problems. In pursuit of learning stories of mankind , she talks to different people and bring their stories to mainstream.

2 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

सबसे लोकप्रिय

इस दसवीं पास ने ट्रैक्टर से लेकर पावर ग्लाइडर तक बना डाले, पिछले 2 दशक में 10 अविष्कार कर चुके हैं

अगर आपमे कुछ करने की चाहत हो तो फिर आपको किसी डिग्री की ज़रूरत नही होती। डिग्री आपको सिर्फ किताबी ज्ञान दे सकती है...

थाईलैंड अमरूद, ड्रैगन फ्रूट जैसे दुर्लभ फलों की प्रजाति को ब्रम्हदेव अपने छत पर ही उगाते हैं: आप भी जानें तरीका

आज के समय मे सबकी जीवनशैली इतनी व्यस्त हैं कि हम चाह के भी अपना मनपसंद का काम नही कर पा रहे हैं या...

30 साल पहले माँ ने शुरू किया था मशरूम की खेती, बेटों ने उसे बना दिया बड़ा ब्रांड: खूब होती है कमाई

आज की कहानी एक ऐसी मां और बेटो की जोड़ी की है, जिन्होंने मशरूम की खेती को एक ब्रांड के रूप में स्थापित किया...

भारत की पहली प्राइवेट ट्रेन ‘तेजस’ बन्द होने के कगार पर पहुंच चुकी है: जानिए कैसे

तकनीक के इस दौर में पहले की अपेक्षा अब हर कार्य करना सम्भव हो चुका है। बात अगर सफर की हो तो लोग पहले...