Sunday, December 5, 2021

काश्मीर के फूलों की खुश्बू को पूरे भारत में बिखेरने वाली महिला की कहानी : नुसरत जहां

जिस कश्मीर को पूरी दुनिया खूबसूरती के लिए जानती है उसी कश्मीर के घाटियों में स्थित खूबसूरत फूलों , फलों , जड़ी-बूटियों की पहचान आज विश्व के कई देशों तक पहुँच चुकी है ! यह प्रयास नुसरत जहां आरा नाम की एक महिला ने किया है ! आईए जानते हैं उनकी कहानी कि कैसे उन्होंने कश्मीर की खुशबू हजारों मीलों तक पहुँचाई…

आज हर किसी का सपना होता है कि पढाई के बाद उनकी नौकरी मिल जाए ! ज्यादातर लोग नौकरी पैकर सेटेल्ड होना हीं कैरियर का प्रमुख उद्देश्य मानते हैं ! लोगों में आज प्राइवेट नौकरी के अपेक्षा कहीं अधिक सरकारी नौकरी पाने की चाह कहीं अधिक होती है ! ऐसे में पाई हुई नौकरी को छोड़कर कुछ नायाब करना कहीं अधिक कठिन है लेकिन नुसरत जहाँ आरा नाम की महिला ने अपनी सरकारी नौकरी छोड़कर अपने घर-आंगन से एक बेहतरीन शुरूआत कर सफलता हासिल किया है !

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नुसरत जहाँ आरा कश्मीर के पुलवामा जिले के दादूरा गाँव की रहने वाली हैं ! कम्प्यूटर में अपनी शिक्षा पूरी कर वह एक अच्छी खासी सरकारी नौकरी कर रही थीं ! नौकरी अच्छी थी पर उनका मन इस नौकरी में उतना नहीं रम रहा था ! उन्होंने महसूस किया कि वह सिर्फ उस नौकरी के लिए नहीं बनी हैं !उनकी जिंदगी इस संकुचन से निकलकर कुछ अलग और विस्तृत करने के लिए है ! उन्होंने नौकरी छोड़ कर बिजनेस करने का फैसला किया ! वह बिजनेस के आईडिये के लिए इधर-उधर घूमती रहीं कुछ खास समझ नहीं आ रहा था ! उन बातों का मनन करते हुए नुसरत को फूल की दुकान करने का विचार अच्छा लगा !

फूल के बिजनेस की शुरूआत

वह जहाँ रहती थीं वह घाटी फूलों के लिए प्रसिद्ध थी लेकिन वहाँ पर एक भी ताजे फूल की दुकान नहीं थी ! यह नुसरत के लिए एक सुनहरा अवसर था ! वह वहीं पर फूलों का बिजनेस शुरू करना चाहती थीं लेकिन उसके लिए एक समस्या पैसों की आ रही थी ! वहाँ कोई ऐसा शख्स भी नहीं था जो इस कार्य में निवेश कर सके और सरकार की ओर से भी इसके लिए कोई खास लगाव नहीं था ! नुसरत को इस कार्य की शुरुआत करनी थी इसलिए वह कम संसाधन में बेहतर कार्य करने की कोशिश शुरू कर दी ! उनके पास जो कुछ भी थोड़े से पैसे बचे हुए थे उसे प्रयोग में लाकर अपने घर के आंगन में हीं फूलों की खेती शुरू कर दी ! कुछ समय पश्चात नुसरत का प्रयास रंग लाने लगा और उनका फूलों का कारोबार अच्छा चलने लगा !

“कश्मीर एसेंस” की शुरूआत

नुसरत ने अपने फूलों का कारोबार करते हुए देखा की उन जगहों पर जड़ी-बूटियां और ढेर सारे पौधे हैं जो सौंदर्य प्रसाधन के प्रयोग में लाए जाते हैं ! इन सभी चीजों में नुसरत को एक अपार संभावनाएं दिखीं और उन्होंने इनसे बने उत्पाद को लांच करने के लिए “कश्मीर एसेंस” की शुरूआत की ! इस ब्रांड की खासियत यह है कि इसमें ज्यादातर उत्पाद कश्मीर का प्राकृतिक उत्पाद हीं हों ! इस ब्रांड में केसर , बादाम , सेब , अखरोट , चेरी , ओलिव , खुबानी , खाद्य पदार्थ की ऑर्गेनिक उत्पाद , सुगंधित तेल , और कई प्रकार के सौंदर्य प्रसाधन आदि प्रोडक्ट्स के तौर पर उपलब्ध हैं ! नुसरत साईंटिस्ट के साथ मिलकर भी काम कर रही हैं ! वे स्थानीय तौर पर मिलने वाले सभी जड़ी-बूटियों , फूलों और सुगंधित तेेलों से अपने उत्पाद को और विकसित किया व व्यापार को आगे बढ़ाया !

पूरी तरह से प्राकृतिक हैं इनके उत्पाद

कश्मीर एसेंस के अंतर्गत जो भी उत्पाद बनाए जाते हैं वह पूरी तरह ऑर्गेनिक होते हैं ! यह सभी प्रोडेक्ट्स आयुर्वेद के सिद्धांतों , वनस्पति विज्ञान के आधार पर बनाया जाता है ! अनके उत्पाद में किसी भी तरह का कोई भी केमिकल और पेट्रोलियम पदार्थ का इस्तेमाल नहीं किया जाता है !

नुसरत जहां के द्वारा बनाए गए सभी प्रोडेक्ट्स लोगों के बीच बेहद हीं पसन्द किए जाते हैं ! इनका विदेशों में भी व्यापक स्तर पर निर्यात किया जाता है ! पूरी तरह से ऑर्गेनिक और गुणवत्ता पूर्ण होना इनके प्रोडक्ट्स की खासियत है और यही इसे लोगों के बीच गहरी पैठ देता है !

नुसरत जहां आरा ने जिस तरह अपने आस-पास के चीजों की महत्ता जानकर उसी के साथ छोटे स्तर से अपने बिजनेस की शुरूआत कर एक बड़े मुकाम पर पहुँची हैं वह ना सिर्फ कश्मीरियों के लिए अपितु अन्य क्षेत्रों के कई लोगों हेतु एक प्रेरणा का स्रोत हैं ! Logically नुसरत जहां आरा जी के कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा करता है और उनकी सफलता के लिए उनको बहुत-बहुत बधाईयाँ देता है !