Friday, December 4, 2020

दुनिया की 40% हींग की खपत भारत मे होने के बावज़ूद, इस वजह से यहां नही होती खेती: कारण जानिए

हमारे यहां औरतें खाना बनाने के दौरान हींग का छौंक लगाती हैं। हींग के छौंक से चाहे वह दाल हो या सब्जी उसका स्वाद ज़ायकेदार हो जाता है। सभी औरतें हींग अपने किचन में ज़रूर उपलब्ध रखतीं हैं। ये जितना खाने का स्वाद बढ़ाता हैं, इसमे गुण भी अधिक होता है। यह हमारे पाचनतंत्र के लिए बहुत उपयोगी है। लेकिन दुःखद बात यह है कि इसका आयात किया जाता है, अन्य देशों से। ये हमारे देश में नहीं मिलता, ना ही हमारे किसान इसकी खेती करतें हैं। पूरे विश्व में सबसे ज्यादा हींग का उपयोग हमारे देश में ही होता है। लेकिन खुशी इस बात की है कि हमारे यहां भी अब हींग की खेती पहली बार शुरू हुई है। तो आइए पढ़तें है इसके बारे में विस्तार से।

आखिर हींग का इतिहास है क्या??

हींग के इतिहास के बारे में बात किया जाए तो इसका जवाब बहुत ही कठिन है। इस बारे में हर किसी का मानना अलग अलग है। कोई व्यक्ति बताता है कि हींग ईरान से भारत में मुगल काल के वक्त आया और कुछ लोग बताते हैं कि जब कुछ जनजाती ईरान से हमारे देश में आए तो इसे साथ लाएं। फिर इसने हमारे देश में लोगों के खानपान में एक अहम भूमिका हासिल कर लिया। कुछ लोगों का मानना है कि हमारे देश में इसका इस्तेमाल ईसा पूर्व से हो रहा है। इतिहास चाहे जो भी हो लेकिन यह बात तो सत्य है कि बिना हींग के खाने का स्वाद उतना बेहतरीन नहीं होता जितना इसकी एक चुटकी मात्रा से हो जाता है।

heeng plant
हींग के पौधे

विश्व भर में सबसे ज्यादा आयात हमारे देश में

हमारे देश में प्रत्येक वर्ष कच्ची हींग का आयात ईरान, अफगानिस्तान और उज्बेकिस्तान से लगभग 12 सौ टन किया जाता है। यह अनुमान लगाया गया है कि प्रत्येक वर्ष लगभग 600 करोड़ रुपए का हींग हमारे देश में खरीद कर आता है।

यह भी पढ़े :- मइक्रोसॉफ्ट की नौकरी छोड़ बना रहे हैं कटहल का आटा, जिसके हैं कई औषधीय फायदे: मिल चुका है स्टार्टअप अवार्ड

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार हमारे देश में 1963-1989 के बीच हींग की खेती को प्रारंभ किया गया था। हालांकि हमारे पास इसका कोई पुख्ता सबूत नहीं है। अभी से 3 वर्ष पहले जब ज्यादा लोग हींग की मांग करने लगे तो फिर इसके विषय में यह आवाज उठी कि हींग की खेती हमारे देश में की जाये। इसके लिए हींग के बीज ईरान से आए और इन पर रिसर्च कर इन्हें बोया गया। जब बीज अंकुरित होने लगे तो इसमें एक चौंकाने वाला रिजल्ट सामने आया। लगभग 1% बीज अंकुरित हुए मतलब कि अगर आप 10 बीज लगाते हैं तो उसमें से एक पौधा ही अंकुरित होगा। हालांकि हमारे एक्सपर्ट रिसर्च में लगे हैं कि हमारे देश में हींग का अधिक से अधिक मात्रा में उत्पादन हो सके।

heeng
हींग

पहली बार शुरू हुई हींग की खेती

अगर कोई हींग का पौधा लगाता है तो इसके लिए वातावरण उसके अनुकूलित होना चाहिए। यह एक प्राकृतिक जड़ी बूटी है जो कि ज्यादातर हिमालय पर्वत पर मिलती है। लेकिन हमारे यहां के वैज्ञानिक इस कार्य में लगे हैं कि यह हींग की कृत्रिम खेती कर सके। हिमाचल प्रदेश के एक गांव पालमपुर में इसकी शुरुआत की गई है। IHBT के डायरेक्टर संजय सिंह ने इसे उगाने की शुरुआत की है। अगर इस कार्य में सफल हुए तो हमारे यहां भी इसकी खेती अधिक से अधिक मात्रा में होगी और इसे आयात कर दूसरे देशों से लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

Khusboo Pandey
Khushboo loves to read and write on different issues. She hails from rural Bihar and interacting with different girls on their basic problems. In pursuit of learning stories of mankind , she talks to different people and bring their stories to mainstream.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

सबसे लोकप्रिय

अपने घर मे 200 पौधे लगाकर बनाई ऐसी बागवानी की लोग रुककर नज़ारा देखते हैं: देखें तस्वीर

बागबानी करने का शौक बहुत लोगो को होता है और बहुत लोग करते भी हैं और उसकी खुशी तब दोगुनी हो जाती है जब...

यह दो उद्यमि कैक्टस से बना रहे हैं लेदर, फैशन के साथ ही लाखों जानवरों की बच रही है जान

लेदर के प्रोडक्ट्स हर किसी को अट्रैक्ट करते हैं. फिर चाहे कपड़े हो या एसेसरीज हम लेदर की ओर खींचे चले जाते है. पर...

गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को दे रही हैं नौकरी, लगभग 800 महिलाओं को सिक्युरिटी गार्ड की ट्रेनिंग दे चुकी हैं

हमारे समाज मे पुरुष और महिलाओ के काम बांटे हुए है। महिलाओ को कुछ काम के सीमा में बांधा गया हैं। समाज की आम...

पुराने टायर से गरीब बच्चों के लिए बना रही हैं झूले, अबतक 20 स्कूलों को दे चुकी हैं यह सुनहरा सौगात

आज की कहानी अनुया त्रिवेदी ( Anuya Trivedi) की है जो पुराने टायर्स से गरीब बच्चों के लिए झूले बनाती हैं।अनुया अहमदाबाद की रहने...