Sunday, October 24, 2021

उत्तराखंड का युवक बना रहा है बिच्छू घास से चाय, औषधीय गुणों वाले इस चाय से महीने में लाखों का हुआ फ़ायदा

इस लॉकडाउन एक वाक्य बहुत चर्चित हुआ था आपदा को अवसर में बदले। कुछ लोगो ने वाकई इस आपदा के समय को अपने लिए अवसर में बदला हैं। इन्ही में से एक हैं दान सिंह रौतेला। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के नौंवाड़ा गांव के रहने वाले 30 वर्षीय दान सिंह रौतेला ( Dan singh rautela) लॉकडाउन होने के पहले दिल्ली में काम करते थे। दिल्ली मेट्रो में वह कॉन्ट्रैक्ट पर काम करते थे पर लॉकडाउन हो जाने के कारण इनको काम मिलना बंद हो गया। दान सिंह निराश हो कर अपने घर वापस आ गए और यही कोई काम की तलाश करने लगे।

 kandali grass

कोरोना से बचने के लिए सब अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए तुलसी , अदरक जैसे औषधीय गुणों से भरपूर तत्वों का इस्तेमाल कर रहे थे। एक दिन दान सिंह को उनके गांव के बड़े-बुज़ुर्गो से बातचीत में पता चला कि पहले वह लोग बिच्छू घास (कंडाली) का इस्तेमाल खाने में करते थे। यह कहने में तो स्वादिष्ट लगता ही था साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता हैं। फिर क्या था दान सिंह को इसमे एक अवसर नज़र आया और उन्होंने इससे चाय बनाने की कोशिश की । शुरू-शुरू में जब भी कोई बाहर से आता तो उसे प्रयोग के तौर पर यह बिच्छू घास से बनी चाय पिलाते थे। इसमे उन्होंने देखा कि यह हर्बल चाय सर्दी-खासी, बुखार में 1-2 घंटे के अंदर ही असर दिखाता हैं। तब दान सिंह ने बिच्छू घास (कंडाली) से बनी चाय को माउंटेन टी (Mountain Tea) नाम से बाज़ार मे जून 2020 के पहले हफ्ते में लॉन्च किया।

made tea by kandali grass

माउंटेन टी (Mountain Tea) बनाने की प्रक्रिया

दान सिंह को बिच्छू घास उनके घर से 200 km की दूरी पर मिल जाता हैं। इसे काटने के बाद 3 दिन तक धूप में सुखाया जाता हैं । सूखने के बाद इसे हाथो से ही मसल दिया जाता है ताकि पत्तियां तने से अलग हो जाए। 1 kg चाय बनाने के लिए इसमे कंडाली के अलावा तुलसी, अदरक, लेमनग्रास, तेज़ पत्ता आदि 30-30 ग्राम की मात्रा में मिलाई जाती हैं। इसे बनाने के लिए सिर्फ 1 सीलिंग मशीन की ज़रूरत पड़ती है जिसे चाय की पैकिंग के लिए इस्तेमाल की जाती हैं। इस काम मे तीन से चार लोगों की ज़रूरत पड़ती हैं और 40 हज़ार तक का खर्च आता हैं। आज दान सिंह रौतेला चाय के इस व्यवसाय से एक लाख रुपये प्रति महीने की कमाई कर रहे हैं।

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बिच्छू घास की चाय के फायदे

दान सिंह बताते है कि बिच्छू घास से रोगप्रतिरोधक क्षमता तो बढ़ती ही है साथ ही यह डाइबटीज और गठिया में भी फायदेमंद हैं। इस चाय में विटामिन A और विटामिन C प्रचुर मात्रा में पाया जाता है इस कारण यह बुखार, सर्दी-खासी में भी लाभदायक हैं।

Herbal tea

अमेज़न ने दिया माउंटेन टी का ऑर्डर

दान सिंह बताते है कि उन्हें अमेज़न की तरफ से डेढ़ सौ किलो चाय का आर्डर मिला हैं। इन्हें दिल्ली बिहार, राजस्थान जैसे राज्यो से माउंटेन टी ( Mountain Tea) के आर्डर आते हैं। माउंटेन टी की कीमत 1000 रुपये प्रति किलोग्राम हैं। दान के पास हर महीने 100 से भी ज़्यादा आर्डर आते हैं। वह इससे हर महीने 1 लाख रुपये तक की कमाई होती हैं।

भविष्य की योजना

दान सिंह रौतेला (Dan singh rautela)बताते हैं की 2021 में उनकी 500kg हर्बल टी का कारोबार करने की योजना हैं। वह इस चाय को एक बड़े ब्रांड के रूप में स्थापित करना चाहते हैं। इससे स्थानीय लोगो को रोजगार मुहैया करवाने चाहते है ताकि उन्हें अपना घर छोड़ कर बाहर काम के लिए न जाना पड़े।