Saturday, March 6, 2021

बिना किसी कोचिंग का सहारा लिए, दूसरे प्रयास में ही निकाल लिए UPSC, बन चुके हैं IAS अधिकारी: जानिए सफलता का मंत्र

आजकल हर बच्चे का कुछ ना कुछ सपना होता है। वे चाहते हैं कि हम अच्छे से पढ़कर परिश्रम करके भविष्य में कुछ बन सकें। हमारे देश में हर वर्ष यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा आयोजित होती है। हर बच्चे का सपना होता है कि इस परीक्षा में उत्तीर्ण होकर वो एक आईएएस अधिकारी बने। परन्तु कुछ बच्चे सोचते हैं कि बिना कोचिंग के परीक्षा पास कर पाना मुश्किल है। लेकिन कुछ बच्चे ऐसे भी हैं जो सेल्फ स्टडी कर के इस परीक्षा में उत्तीर्ण होते हैं। उन्हीं कुछ बच्चों में से एक हैं आईएएस अधिकारी अभिषेक वर्मा। जो बिना कोचिंग किए सिर्फ सेल्फ स्टडी से आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं।

अभिषेक वर्मा हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के रहने वाले हैं। अभिषेक वर्मा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने गांव के प्राइमरी स्कूल से शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने हिंदी मीडियम से जीआईसी बलिया से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की। उन्होंने अपने परिश्रम से इंटरमीडिएट में 70 फीसदी अंक हासिल किए। इंटर करने के बाद अभिषेक वर्मा ने आईआईटी दिल्ली से कंप्यूटर साइंस से बीटेक किया। बीटेक करने के बाद अभिषेक वर्मा को एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी मिली। लेकिन उन्होंने इस नौकरी में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। अभिषेक वर्मा का सपना था कि वे आईएएस अधिकारी बनकर समाज की सेवा करें। अभिषेक वर्मा ने अपने सपने को साकार करने के लिए सिविल सर्विस की तैयारी शुरू कर दी। अभिषेक वर्मा ने साल 2016 में पहली बार यूपीएससी की परीक्षा दी। इस परीक्षा में उन्हें 961 वीं रैंक हीं मिले। इस रैंक से अभिषेक वर्मा को भारतीय लेखा एवं लेखा सेवा के लिए चयन किया गया था। लेकिन वे इस नौकरी से खुश नहीं थे। अभिषेक वर्मा ने फिर से यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। इस बार उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और परिश्रम से परीक्षा की तैयारी की। वे दूसरी बार यूपीएससी की परीक्षा में टॉप किया। इस बार उन्होंने 32 वीं रैंक हासिल कर अपना सपना साकार किया।

Ias abhishek verma

अभिषेक वर्मा बताते हैं कि अक्सर यूपीएससी के बच्चे पूछते हैं कि यूपीएससी की परीक्षा को पास करने के लिए कोचिंग करना आवश्यक है। इस बारे में अभिषेक वर्मा कहते हैं कि वे कोचिंग को ज्यादा महत्व नहीं देते। कोचिंग में काफी समय बर्बाद हो जाता है। वे कहते हैं कि इससे ज्यादा बेहतर है कि आप ऑनलाइन स्टडी मैटीरियल से आप तैयारी कर सकते हैं। सबसे ज्यादा जरूरी इस परीक्षा को पास करने के लिए सेल्फ स्टडी काफी फायदेमंद साबित होता है। अभिषेक वर्मा कहते हैं कि कोचिंग से आपको एक गाइडेंस मिलता है। जो आप कहीं और से कम पैसे और कम समय में भी कर सकते हैं। लेकिन वे कहते हैं कि अगर आप को कोचिंग करना ज्यादा जरूरी लगता है तो वो आप पर निर्भर करता है। लेकिन मैं इसे जरूरी नहीं समझता हूं।

यह भी पढ़े :- घर चलाने के लिए पिता घूमकर दूध बेचते थे, बेटे ने UPSC निकाला, बन गए IAS अधिकारी: प्रेरणा

अभिषेक वर्मा बताते हैं कि यूपीएससी के बच्चों को इस परीक्षा की तैयारी करने के लिए तीन बातों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
(1) यूपीएससी के बच्चों को यूपीएससी के वेबसाइट को खोलकर सिलेबस को देखना चाहिए और उसी सिलेबस के अनुसार अपनी पढ़ाई करनी चाहिए।
(2) यूपीएससी के बच्चों को पिछले साल के प्रश्नों को देखना चाहिए। इस प्रश्न को देखने से पता चलता है कि कैसे सिलेबस को प्रश्नों में बदलते हैं।
(3) अभिषेक वर्मा बताते हैं कि पिछले साल के प्रश्नों को देखने के बाद आप किताब का लिस्ट बनाए। और किताब को बहुत समझकर चिन्हित करें। क्यूंकि यूपीएससी की तैयारी करने के लिए बहुत सारी किताबें उपलब्ध हैं। इसलिए अच्छे से सोच-समझकर लिस्ट तैयार करें जिससे काम से कम किताबें एकत्रित हों और आपउस किताब को बार- बार पढ़े।

अभिषेक वर्मा आगे बताते हैं कि अगर आप यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं तो आपको आने वाली मुश्किलों से डरना नहीं है। उस मुश्किलों को सामना करके अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहना है। अभिषेक वर्मा कहते हैं कि यूपीएससी की तैयारी करने के लिए आप को बहुत अभ्यास करनी चाहिए। जितना संभव हो सके उतना अभ्यास करना चाहिए। वे कहते हैं कि अगर समझ में ना आए तो इंटरनेट की सहायता से सारा मैटिरियल आसानी से मिल जाएगा और वीडियो देखकर आप अपने विषय को काफी अच्छे से समझ सकते हैं।

अभिषेक वर्मा यूपीएससी के बच्चों को सलाह देते हुए बताते हैं कि वो अपने सिलेबस को अच्छे से खत्म करें। और सिलेबस को खत्म करने के बाद उसे बार-बार अभ्यास करें और टेस्ट पेपर को सॉल्व करें। वे कहते हैं कि आप अगर टेस्ट पेपर सॉल्व कर रहे हैं तो उसे इस प्रकार सॉल्व करें कि आप जैसे परीक्षा में बैठे हों। इन प्रश्नों को समय से पहले खत्म करने की कोशिश करें। और अगर आप का कोई प्रश्न छूट रहा है तो उसे छोड़ दें। और आगे इस कमियों में सुधार करें।

Rajnikant Jha
Rajnikant Jha is a graduate lad from Bihar. He is looking forward to understand difficulties in rural part of India. Through Logically , he brings out positive stories of rural India and tries to gain attention of people towards 70% unnoticed population of country.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

सबसे लोकप्रिय