Sunday, December 5, 2021

सरकारी अफसर लड़कों के लिए बने मसीहा, फ्री कोचिंग देकर 70 लड़कों को अधिकारी बना दिया: प्रेरणा

एक कहावत है – बड़े लोगों की बड़ी-बड़ी बातें। अक्सर ऐसा देखा जाता है कि जो लोग ओहदे अथवा पद में बड़े होते है वे अपने पीछे वालों की कम ही सुनते हैं। ख़ुद आगे बढ़ने के बाद लोग दूसरों को आगे बढ़ाने में मदद ना के बराबर करते हैं। वहीं कुछ ऐसे भी व्यक्ति है जो दूसरों की मदद के लिए जी जान लगा देते हैं। ऐसे ही एक ऑफिसर है पंकज कुमार वर्मा जो दूसरों की मदद करने के लिए ही जाने जाते है।

कौन है पंकज कुमार वर्मा

पंकज कुमार वर्मा (Pankaj Kumar Verma) उत्तरप्रदेश (Uttar Pradesh) के अम्बेडकरनगर (Ambedkarnagar) जिले के अपर जिलाधिकारी हैं। पंकज एक ऑफिसर है। अफ़सर बनने के बाद पंकज का सफर केवल अपनी कुर्सी तक ही सीमित नहीं रहा। वे वैसे बच्चों को पढ़ाने लगे जो पैसे के अभाव में अपने सपने को पीछे छोड़ देते है। पंकज निःशुल्क कोचिंग चलाकर अनेकों बच्चों को उनके अफ़सर बनने का सपना पूरा करने में मदद कर रहे है। पंकज “सिविल सर्विसेज मार्गदर्शिका कोचिंग” की स्थापना कर गरीब तबके से आने मेधावी छात्र और छात्राओं को बिना किसी शुल्क के शिक्षा दे रहे हैं।

अबतक 70 युवाओं का हुआ चयन

पंकज कुमार इस नेक कार्य को पिछले कई सालों से करते आ रहे है। उनके कोचिंग से पढ़कर अबतक लगभग 70 बच्चें सिविल सर्विसेज के साथ अन्य क्षेत्रों में भी अपना सेवा दे रहे हैं। हाल ही में यूपीएससी परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ जिसमें मार्गदर्शिका कोचिंग के 9 छात्रों ने अपने सफलता का परचम लहराया हैं।

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सिविल सर्विसेज मार्गदर्शिका कोचिंग की स्थापना

पंकज कुमार वर्मा (Pankaj Kumar Verma) मार्गदर्शिका कोचिंग की स्थापना साल 2016 में किए। अब तक अपने इस अनूठे कार्य की शुरुआत वे उत्तरप्रदेश के 3 जिले में कर चुके हैं। पंकज एसडीएम (SDM) पद पर रहते हुए सहारनपुर में अपने मित्रों की मदद से सिविल सर्विसेज मार्गदर्शिका कोचिंग की स्थापना किए और बेसहारा बच्चों को निःशुल्क पढ़ाना शुरू किये। साथ ही पंकज के कुछ मित्रों की मदद से बिजनौर और मुरादाबाद में भी निःशुल्क सिविल सर्विसेज मार्गदर्शिका कोचिंग का संचालन हो रहा है। पंकज अपने दूसरी कोचिंग में ऑनलाइन क्लास लेते है और जब छुट्टियां रहती है तब ख़ुद जाकर पढ़ाते हैं। 

पंकज वर्मा के अनुसार वह ख़ुद एक साधारण परिवार से और पिछड़े इलाके के रहने वाले हैं। वह अपने एक शिक्षक की प्रेरणा से सिविल सर्विस में गए। आज वह उन शिक्षकों के गुरु दक्षिणा को वापस करने का प्रयास करते हैं। पंकज को अपनी पढ़ाई में जो परेशानियां झेलनी पड़ी उसे अपनी सफलता के बाद भूले नहीं और आज वह हर संभव प्रयास कर रहे है कि दूसरे बच्चों के समस्याओं का समाधान कर सकें।

पंकज कुमार वर्मा जिस तरीके से अपने पद और समाज के प्रति ज़िम्मेदारी संभाल रहे है उसके लिए The Logically आभार प्रकट करता है और अपने पाठकों से जरूरतमंद बच्चों की मदद करने की अपील करता है।