Saturday, December 3, 2022

सेना से रिटायर्ड होने के बाद बंजर जमीन पर शुरू की खेती और फसलों से लहलहा दिया: जमील पठान

पर्यावरण का संरक्षण हम सभी के लिए बेहद आवश्यक है। इसलिए जितना हो सके हमें पर्यावरण के हित में कार्य करना चाहिए। जैसे अधिक-से-अधिक पौधे लगाएं और अन्य लोगों को इसके लिए जागरूक करें। हलांकि ऑर्गेनिक फार्मिंग भी पर्यावरण संरक्षण के लिए ही जाना जाता है। आज हम आपको ऐसे रिटायर्ड फौजी से मिलाएंगे जिन्होंने बंजर भूमि को हरियाली में तब्दील किया और इस खेती से उनकी कमाई लाखों रुपए में हो रही है।

रिटायर्ड फौजी जमील पठान

वह फौजी हैं जमील पठान (Jamil Pathan) जो राजस्थान (Rajasthan) से ताल्लुक रखते हैं। रिटायर होने के बाद उन्होंने यह तय किया कि वह खेती करेंगे जिसके लिए उन्होंने 7 एकड़ जमीन में खेती प्रारंभ की। हालांकि यह जमीन बंजर पड़ी हुई थी परंतु उन्होंने यह ठान लिया था कि वह इस बंजर पड़ी जमीन को हरियाली में बदल देंगे। उन्होंने यहां 20,000 से भी ज्यादा पौधे लगाए और तब यह हरियाली में बदल गया आज वह इसी खेती से लाखों रुपए कमा रहे हैं।

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हजारों लोगों को दिया प्रशिक्षण

जमील की खेती में उनका परिवार उनका सहयोग करता है। वह खेती के साथ 60 हजार के करीब लोगों को प्रशिक्षण दिया है। वह चाहते हैं कि राजस्थान का हर एक व्यक्ति बंजर पड़ी जमीन को हरा भरा करे। खेती के लिए वह यहां के लोगों को जागरूक भी कर रहे हैं जिस कारण आज यहां अधिकतर लोग खेती से अच्छा मुनाफा कमा कर उसे उपजाऊ बना रहे हैं।

Retired Soldier of Rajasthan Jameel Pathan made the Barren Land Green

उनके बेटे का नाम जुनैद है जो एक इंजीनियर हैं। वह भी अपने पिता की मदद के लिए खेती में हाथ बटाते हैं। इसके अतिरिक्त वह किसानों को प्रशिक्षण भी देते हैं। उनकी बहू भी यहां के महिला कृषकों को यह सिखाती है कि किस तरह फलों एवं सब्जियों की खेती की जाए।

रिटायर्ड होने के बाद शुरू किया खेती

जानकारी के मुताबिक वर्ष 2015 में जमील सेना से रिटायर हुए। उन्होंने यह तय किया कि वह बंजर पड़ी जमीन पर खेती प्रारंभ करेंगे। हालांकि शुरुआती दौर में उन्हें बहुत सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, परंतु वह अपने निश्चय पर अडिग रहे और आखिरकार इस जमीन पर फसलों को लहलहा दिया।

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किसानों के लिए बने उदाहरण

उन्होंने अपने खेतों में ज्यादातर फलों के पौधे की बुआई की है। इसके अतिरिक्त उन्होंने सब्जियों की बुआई की है। वह अपने खेती से अच्छा पैसा कमा रहे हैं जिस कारण इस एरिया के सभी किसानों के लिए उदाहरण बने हुए हैं।