Thursday, August 18, 2022

जानिए अंतरिक्ष में कैसे उगाई गई मूली, 2021 में फसल धरती पर लाने की तैयारी

हम अकसर आपको तरह – तरह की खेती के बारे में बताते रहते हैं। साथ ही कुछ ऐसे आसान तरीके जिनसे लोगों ने आसानी से अपने आशियाने में ही फसल उगाई है। लेकिन इस बार जिस खेती की बात हम करने जा रहें हैं वो दरअसल अंतरिक्ष में हुई है। थोड़ा अजीब तो लगेगा लेकिन यही सच है अब अंतरिक्ष भी खेती संभव है।

नासा (NASA) के वैज्ञानिकों ने पहली बार अंतरिक्ष में मूली (Radish) की फसल उगाई है। खबर है कि इस फसल को 2021 में धरती पर लाने की तैयारी है. नासा की अंतरिक्षयात्री और फ्लाइट इंजीनियर केट रूबिन्स ने अंतरिक्ष (Space) में मूली के 20 पौधों को काट लिया है और पैक कर कोल्‍ड स्‍टोरेज में रख दिया है. मूली के पौधों को अब 2021 में धरती पर लाने की तैयारी है।

Radish farming

मूली उगाने के पीछे क्या थी वजह ?

वैज्ञानिकों ने इस फसल का नाम हेबिटेट-02 रखा है. बता दें कि अंतरिक्ष में मूली उगाने का सबसे बड़ा कारण ये था कि मूली 27 दिन के अंदर तैयार हो जाती है। मूली का इस्‍तेमाल शोध में किया जाता है. ये पौष्टिक और तेजी से उगने वाली फसल है. अंतरिक्ष यात्री और भी फसल उगा सकते थे लेकिन उन्‍होंने मूली को ही चुना क्‍योंकि वह जल्‍द से जल्‍द अंतरिक्ष में कोई फसल उगाना चाहते थे।

 Radish farming in space

इसके साथ ही इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन(International space station) की ओर से जानकारी दी गई है कि स्पेस के जिस चैम्बर में इसे उगाया जाता है, वहां लाल, नीली और हरी और व्हाइट एलईडी लाइट की रोशनी डाली जाती है ताकि पौधे की ग्रोथ अच्छी हो. वैज्ञानिक अब अतंरिक्ष में उगने वाली मूली की तुलना फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर में उगाई गई मूली से करेंगे. इसके साथ ही वह धरती पर उगने वाली मूली से भी इसकी तुलना करेंगे।

अंतरिक्ष में फसल उगाने में वैज्ञानिकों को मिली सफलता मानव इतिहास के लिए अहम उपलब्धि है।