Sunday, December 5, 2021

चेन्नई के मछुआरों ने स्वक्षता का दिया अनोखा सन्देश, झील से साफ किये 700 किलो प्लास्टिक का कचड़ा

स्वच्छता का होना जिंदगी के लिए बेहर जरूरी है। स्वच्छता हीं स्वस्थ जीवन जीने का मूल मंत्र है। अपने रहने और कार्य के क्षेत्र को स्वच्छ रखना हमारे कर्तव्यों में होना चाहिए। किसी भी व्यक्ति को लिए अकेले स्वच्छता कायम करना संभव नहीं, स्वच्छता के लिए जन भागीदारी बहुत जरूरी है। इसी क्रम में आज बात स्वच्छता कायम करने वाले 50 मछुआरों की जिन्होंने मिलकर एक झील से कई क्विंटल कचरा साफ किया और लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया।

आज देश भर में स्वच्छता को लेकर भरसक कई कार्यक्रम चल रहे हैं, प्रयास किए जा रहे हैं फिर भी लोगों की लापरवाही और करतूतों के कारण स्वच्छता कायम होने में बाधा उत्पन्न होती है। आज देश भर में कई ऐसे जल स्रोत हैं जिसमें घर से निकलने वाले कचरे को जमा कर दिया जाता है जिससे वह प्रदूषित हो जाते हैं और खुद के साथ जीव-जन्तुओं की जिंदगी दुश्वार कर देते हैं। लोगों द्वारा फेंके जाने वाला प्लास्टिक, पॉलिथीन जीव-जन्तुओं की जान तक ले लेते हैं। चूकि प्लास्टिक का विघटन बेहद मुश्किल होता है वह जस का तस विद्यमान रहता है जिससे उसकी मात्रा निरन्तर बढती जाती है।

Photo:- Indiatimes

चेन्नई से कुछ दूर पर स्थित कोरट्टूर नाम की झील है। लोगों ने इसमें कूड़ा-करकट डालते-डालते इसे प्रदूषित कर दिया था। प्लास्टिक और पॉलिथीन सहित भारी मात्रा में मौजूद कचरे जीव-जन्तुओं को भी प्रभावित कर रहे थे। झील में वहाँ कचरों का ढेर दिखाई पड़ता था। कचरा रहने के कारण मछलियों की मात्रा बहुत कम थी। Kottur Lake Inland Fisherman Association के प्रेसिडेंट एम विनोथ ने TOI से बताया कि “इस झील से प्रतिदिन मछली पकड़ा जाता है हमें हमेशा पानी बोतल और कचरा मिलता है। जब मछुआरे मछली पकड़ने जाते हैं तो वे घायल हो जाते हैं। इसमें कूड़ा फेंकना आम हो गया है जिससे जलीय जीवन भी खूब कुप्रभावित हुआ है”। रोज यह देखकर मछुआरे बेहद व्यथित हो उठते थे और उसकी सफाई पर विचार करते। जब कोई उपाय नहीं ढूँढा को वहाँ के 50 मछुआरों ने खुद पहल की और झील को साफ कर दिया।

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मछुआरों द्वारा शुरू किए प्रयास में चेन्नई का PWD विभाग भी साथ आया। Makkal Padhukappu Iyakkam नाम के एक NGO ने भी मदद का हाथ बढ़ाया। उस एनजीओ के साथ मिलकर वहाँ के 50 मछुआरों ने उस झील को स्वच्छ करने का काम किया। कई क्विंटल कचरों को निकाला गया जिसके बाद वह जलाशय स्वच्छ हो गया। करीब 70 बोरों में 700 किलोग्राम कचरा इस झील से निकाला गया।

Fishermen clear garbage from #Korattur lake#Chennai #TamilNadu pic.twitter.com/vMLAw4mBtP

— TOIChennai (@TOIChennai) August 29, 2020

50 मछुआरों ने जिस तरह एकजुटता दिखाकर स्वच्छता के प्रति अपनी संजीदगी दिखाई और अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए झील को कचरों से मुक्त किया वह स्वच्छता हेतु बृहद प्रेरणात्मक संदेश है। उनके किए गए सामूहिक प्रयास से पता चलता है कि स्वच्छता सर्व भागीदारी का काम है।

स्वच्छता के क्षेत्र में मिसाल कायम करने वाले उन मछुआरों को The Logically नमन करता है और साथ हीं अपने पाठकों से यह अपील करता है कि हमेशा स्वच्छता का ख्याल रखें, अपने आस-पास स्वच्छ रखें तथा दूसरों को भी स्वच्छता हेतु प्रेरित करें। स्वच्छ रहें, स्वच्छ रखें