Tuesday, May 24, 2022

देश सेवा के लिए विदेश की अच्छी-खासी नौकरी छोड़ दी, अपने कठिन प्रयास से 10वीं रैंक लाकर बने IAS अधिकारी

युवाओं में यूपीएससी की परीक्षा के लिए एक खास जुनून होता है, इसका अंदाजा आप इससे लगा सकते है कि हर साल यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के लिए 10 लाख से अधिक उम्मीदवार पंजीकरण करते हैं। हालांकि यह परीक्षा बहुत ही कठिन होती है इसलिए इसमें युवाओं को सफलता प्राप्त करने में सालों का समय लग जाता है। – Success story of IAS Abhishek Surana from Rajasthan.

आपको बता दें कि यूपीएससी की परीक्षा में केवल उन्हीं कैंडिडेट को सफलता मिलती है, जो लगन और मेहनत के साथ तैयारी करते हैं। IAS अधिकारी अभिषेक सुराना (IAS Abhishek Surana) की कहानी भी कुछ ऐसी है। अभिषेक आईआईटी दिल्ली से पढ़ने के बाद विदेश में अच्छी सैलरी वाली नौकरी करने लगे।

Left her good job to serve Country became an IAS officer

देशसेवा के लिए किए यूपीएससी की तैयारी

अभिषेक मूल रूप से राजस्थान के भीलवाड़ा के रहने वाले हैं। शुरूआती पढाई पूरी करने के बाद उन्होंने आईआईटी दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। अभिषेक ने पहले विदेश में नौकरी की उसके कुछ समय बाद उन्होंने अपना बिजनेस किया, लेकिन आखिर में देशसेवा का जुनून उन्हें यूपीएससी की तैयारी करने पर मजबूर कर दिया। – Success story of IAS Abhishek Surana from Rajasthan.

Left her good job to serve Country became an IAS officer

विदेश की नौकरी छोड़ किए यूपीएससी की तैयारी

विदेश में नौकरी करने के दौरान अभिषेक हमेशा देशसेवा के विषय में सोचते थे और यह उनकी देश भक्ति ही थी कि वह विदेश की नौकरी छोड़ भारत वापस आकर यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दिए। यह फैसला लेना उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं था क्योंकि सेट करियर छोड़ कर एक ऐसे रास्ते पर निकले, जिसमे संघर्ष था लेकिन सफलता सुनक्षित नहीं थी।

Left her good job to serve Country became an IAS officer

चौथे प्रयास में मिली सफलता

अभिषेक 5 साल तक लगातार यूपीएससी की परीक्षा दिए तब जाकर उनका आईएएस बनने का सपना पूरा हुआ। उन्हें शुरुआती 2 अटेंप्ट में तो सफलता ही नही मिली, लेकिन तीसरी बार में उन्होंने 250वीं रैंक के साथ परीक्षा क्लीयर किया, जिससे उन्हें IAS पद नहीं मिला। उसके बाद उन्होंने चौथा अटेंप्ट दिया और ऑल इंडिया 10वीं रैंक हासिल करके आईएएस बने और अपने सपने को पूरा किया। – Success story of IAS Abhishek Surana from Rajasthan.