Monday, March 8, 2021

सुविधा से वंचित बच्चों का सँवार रहे हैं भविष्य । 74 बच्चों के बैच में इस बार 23 बच्चों का सेलेक्शन नवोदय में हुआ ।

देश में शिक्षा का स्तर प्रतिदिन गिरता जा रहा है,जिससे आनेवाली पीढ़ी के लिए एक अंधेरे भविष्य का निर्माण हो रहा है। देश के भिन्न कोने में शिक्षा की बदहाली बन्द आंखों से भी नजर आती है, लेकिन इन सबके बीच कुछ लोगों द्वारा ऐसे प्रयास किये जा रहे हैं जो उम्मीद के दीपक को बुझने नही देते ।
एक ऐसी ही कहानी राजस्थान के चित्तौड़गढ़ की है जहां सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को नवोदय और सैनिक स्कूल की तैयारी कराई जाती है और हर साल यहां से बच्चों का चयन भी होता है।

M-2 क्लास की शुरुआत

बात 2013 की है जब मनोज मीणा खुद की पढाई कर रहे थे , तब उन्होंने गांव के बच्चों के बारे में सोचा और सरकारी स्कूल की बदहाल हालत को देखते हुए उन्होंने गांव में रहने वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए कुछ करने का निर्णय लिया । इन बच्चों को सामान्य कोचिंग देने से भी अधिक फायदा नही होने वाला था क्योंकि आगे की पढाई के लिए गांव में अच्छे स्कूल नही थे । यहीं से शुरुआत हुई M-2 क्लास की. M-2 क्लास के जरिये बच्चों को नवोदय और सैनिक स्कूल के तैयारी का सिलसिला शुरू हो गया । यहां गांव के सरकारी और प्राइवेट स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को नवोदय और सैनिक स्कूल की तैयारी कराई जाती है और साथ ही उन्हें प्रारंभिक शिक्षा के साथ कंपेटेटिवे माहौल दिया जाता है जिससे उनके अंदर शैक्षणिक विकास मैं तीव्रता आए .

2013 में शुरू हुए M-2 क्लासेस में पहले वर्ष केवल 11 बच्चे थे जिनको बेहतर तरीके से पढाया गया और पहले वर्ष ही संस्थान की मेहनत रंग लाई और यहां से 3 बच्चों का नवोदय विद्यालय में एक बच्चे का सैनिक स्कूल में चयन हुआ ।

शुरुआती दौर में M-2 क्लास को भी अन्य सभी नए संस्थानों के जैसे अनेकों परेशानियों से जूझना पड़ा था । बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने के कारण सूबे के प्राइवेट संस्थानों ने संस्था के अध्यक्ष मनोज मीना को अलग अलग तरीकों से फंसाने का प्रयास किया , जिसके चलते उन्हें 2 बार जेल भी जाना पड़ा । लेकिन इन सभी के बीच M-2 क्लास का कारवां आगे बढ़ते गया और बहुत जल्द संस्थान में लोगों का भरोसा बनते गया।

M-2 क्लास को चलाने के लिए किसी भी बच्चे से किसी भी तरीके का कोई फीस नहीं लिया जाता है। यहां हर वर्ग के बच्चे को मुफ्त शिक्षा दी जाती है।
संस्थान के आर्थिक ढांचा को बरकरार रखने में यहां के सदस्य खुद के पैसे से सभी तरीके का व्यवस्था करते हैं। यहां तक कि संस्थान के बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ अलग-अलग एक्टिविटीज में भी भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाता है। एक पूर्ण रूप से शैक्षणिक माहौल बनाने के लिए यहां के सदस्यों ने हर तरीके से अपना बेहतर देने का प्रयास किया ।M-2 क्लासेस के प्रांगण में समय-समय पर शैक्षणिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाता है जिससे छोटे बच्चों में पढ़ाई के प्रति लालसा बनी रहे।

कुछ दिनों बाद संस्थान की कड़ी को मजबूती देने में यहां से पढ़ के निकले बच्चों ने मदद किया । अभी तक M-2 क्लास से अनेकों बच्चे निकल चुके हैं जिसमें कुछ बच्चे अपनी गांव वापसी पर संस्थान में आकर दूसरे बच्चों को मार्गदर्शन देते हैं और पढ़ाते हैं । वर्ष 2020 के रिजल्ट में भी संस्थान ने अपना बेहतरीन प्रदर्शन देते हुए 23 बच्चों को नवोदय विद्यालय में दाखिला कराने में मदद किया।

Logically से बात करने समय संस्थान के सदस्यों से मिली जानकारी के अनुसार इस पैटर्न की पढ़ाई जरूरी थी, क्योंकि ग्रामीण माहौल के बच्चों में हुनर और प्रतिभा होने के बाद भी इन्हें एक बेहतर मंच नहीं मिल पाता है , जहां से यह अपनी काबिलियत का सही प्रयोग कर पाए। इनके सम्पूर्ण विकास के लिए बेहतर स्कूल और कॉलेज में दाखिला मिलना जरूरी है , जिससे इनकी पढ़ाई आगे बढ़ती रहे और ये भविष्य में कुछ अच्छा करें।
संस्थान का विस्तार
पिछले वर्षों में मिली सफलता को देखते हुए संस्थान के सदस्यों ने M-2 क्लास की पैटर्न को विस्तारित रूप देने का निर्णय लिया , जिससे अधिक बच्चों को बढ़ाया जा सके और उन तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाई जा सके अभी M-2 क्लासेस के तीन ब्रांच शुरू किया जा चुके हैं।
जिससे अधिक बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में मदद मिलेगी।

शिक्षा का नवाचार
M-2 क्लास के प्रयास से चित्तौड़गढ़ के आसपास ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का माहौल बनता दिख रहा है हर कोई अभी बच्चे को बेहतर शिक्षा देने की बात कर रहा है।
संस्थान के सदस्यों ने अपने बेहतर प्रयास से शिक्षा कि कमजोर ढांचा को मजबूत करने का पुरजोर कोशिश किया है . Logically इनके जज्बे और प्रयास को नमन करते हुए भविष्य में उच्चतम शिखर प्राप्त करने की कामना करता है।

Prakash Pandey
Prakash Pandey is an enthusiastic personality . He personally believes to change the scenario of world through education. Coming from a remote village of Bihar , he loves stories of rural India. He believes , story can bring a positive impact on any human being , thus he puts tremendous effort to bring positivity through logically.

2 COMMENTS

  1. I am part of m-2prayas
    Good quality of education
    In rural area
    Good aporchunity for poor children
    Thank you M-2 prayas

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