Saturday, March 6, 2021

मंजुला वघेला: एक ऐसी महिला जो कभी कूड़ा बीनकर 5 रुपये कमा पाती थीं, आज करोड़ों की मालकिन हैं

अगर कोई महिला या व्यक्ति छोटी सी नौकरी प्रारंभ कर उसे बड़े कारोबार में तब्दील कर बड़ी उपलब्धि हासिल करे तो इस बात से बेइंतेहा खुशी होती है। आज की हमारी यह कहानी इसी से मिलती-जुलती है। एक ऐसी महिला जो कचरा चुन कर अपना जीवन बसर कर रही थी, उसी महिला ने कुछ पैसों से कारोबार शुरू कर आज बड़ी कम्पनी स्थापित किया है।

यह हैं मंजुला वाघेल

मंजुला वाघेला कूड़ा चुनकर पूरे दिन में 5 रुपये कमा कर अपना जीवन बसर कर रही थी। इन दिनों वह सुबह में उठती और हाथ में थैला पकड़, कचरा चुनना शुरू कर देती थी और पूरे दिन यही काम करती। जो चीज उपयोग और रिसाइकल करने योग्य रहती, उन्हें वह कबाड़ वाले को से देती। उससे जो भी पैसे मिलते, उससे अपना काम चलाती थी। लेकिन कहते हैं ना कि समय बदलते देर नहीं लगता। अगर भाग्य में कुछ अच्छा लिखा होगा तो अच्छा होकर ही रहता है।

मुलाकात हुई इला बेन भट्ट से

जैसे-तैसे कर जिंदगी व्यतीत हो रही थी। तब इनकी मुलाकात “सेल्फ एंप्लॉयड विमेन एसोसिएशन” के फाउंडर इला बेन भट्ट से हुई। फिर मंजुला वाघेला का समय बदल गया। इला बेन इनकी मदद “श्री सौंदर्य सफाई उत्कर्ष महिला सेवा सहकारी मंडली लिमिटेड” के कार्यों में करतीं हैं। जब यह अपने कार्यों में लगीं तब दुर्भाग्यवश इनके पति का निधन हो गया और इनके बेटे का जिम्मा भी इनके ऊपर ही आ गया। फिर भी यह डरी नहीं और ना ही घबराई और अपने लक्ष्य को पाने के लिए लगातार मेहनत करती रही।

Manjula waghela teem

सम्भाला कारोबार

मंजुला ने अपने कारोबार का बागडोर अपने हाथों में लिया और फिर अपने कार्य के रास्ते पर चल पड़ी। बहुत ही जल्द इनके सौंदर्य मंडली को इनके प्रथम ग्राहक “नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन” को मिला। तब इन्होंने इंस्टिट्यूट, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों, घरों और बड़े-बड़े संगठनों में अपने सेवा की शुरुआत की। इतना ही नहीं उन्होंने गुजरात के “इंटरनेशनल इवेंट वाइब्रेंट” तक को भी अपने सफाई की सेवा दी।

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कचरा इकट्ठा कर अपना जीवन व्यतीत करने वाली मंजुला अब सौंदर्य मंडली के जरिए उपलब्धि प्राप्त कर चुकी थी। यह अपने कार्यों के लिए टेक्नोलॉजी और मॉडर्न उपकरणों का भी प्रयोग करती है। जैसे माइक्रो-फाइबर मॉप्स, रोड क्लीनर्स, फ्लो क्लीनर, स्क्रबर्स और हाई-जेट प्रेशर। इनमें जिन बातों से कठिनाई है, उन बातों का ध्यान रखते हुए यह उन्हीं महिलाओं को या लोगों को कार्य पर लगाती है जो उस विषय में अच्छी जानकारी प्राप्त किए हुए रहते हैं।

इस कार्य के साथ साथ यह अपने बेटे के शिक्षा पर भी ध्यान रखतीं हैं। कचरा चुन कर जीवन व्यतीत करने वाली मंजुला आज करोड़ो की कमाई कर रहीं हैं। अपनी मेहनत से भाग्य बदलने और उपलब्धि हासिल करने के लिए The Logically मंजुला को बधाई देता है।

Khusboo Pandey
Khushboo loves to read and write on different issues. She hails from rural Bihar and interacting with different girls on their basic problems. In pursuit of learning stories of mankind , she talks to different people and bring their stories to mainstream.

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