Saturday, June 25, 2022

एक बेटा अधिकारी और दूसरा नेता, फिर भी बूढ़ी मां सड़कों पर रहने को मजबूर, शरीर मे पड़ गए थे कीड़े

“माँ” दुनिया का सबसे पवित्र और बड़ा रिश्ता है ! माँ जिनसे इस सृष्टि का सृजन हो रहा है ! आज दुनिया 21वीं सदी के दौर में हैं जिसमें रिश्ते की कोई खास कद्र होती हुई नहीं दिखती ! जी हाँ इसकी बानगी बीते शुक्रवार को पंजाब के भटिण्डा में देखने को मिला ! एक अच्छे घर की बूढी माँ का सड़क किनारे दरिद्र अवस्था में देखा जाना दुनिया के सबसे पवित्र रिश्ते को शर्मशार कर देने वाला दृश्य था ! तो क्या लोग वाकई इतने बेरहम और निर्दयी हो गए हैं कि जिनके कोख से जन्म लिया उसका ये हश्र कर दिया..!!!

आज लोग बेहद हीं आधुनिक हो चले हैं और उनकी जिंदगी भागमभाग सी हो गई है ! रिश्ते की हर डोर फीकी हो चली है !

दरअसल बात पिछले शुक्रवार की है जब कुछ लोगों ने सड़क किनारे एक बूढी महिला को बिल्कुल हीं दरिद्र अवस्था में देखा ! करीब 80 साल की उस बूढी महिला के सर में कीड़े पड़े हुए थे ! कुछ लोगों और एनजीओ ने मदद कर उस बुजुर्ग महिला को अस्पताल तक पहुँचाया और उसके बाद उसके परिवार की तहकीकात की जाने लगी !

उस बुजुर्ग महिला के परिवार का पता चलते हीं लोगों को घोर आश्चर्य हुआ ! लोगों ने बताया कि वह बूढी महिला एक बड़े घर से ताल्लुक रखती हैं ! उनका बड़ा बेटा सरकारी अफसर है तो दूसरा बेटा बड़ा राजनेता ! अब भला इतने सम्पन्न घर की रहने वाली महिला की वैसी बुरी स्थिति बेहद हीं दर्दनाक है !




लोगों ने बताया कि वह महिला बहुत दिनों से सड़क के किनारे खाली मैदान में ईंटों की झोपड़ी बनाकर उसी में रह रही थीं ! वह अस्वस्थ भी थीं और उनके सर में कींड़े पड़े हुए थे ! यह दृश्य देखकर लोगों की आँखों में आँसू आ गए ! लोगों ने शीघ्र हीं एक एनजीओ की मदद से उन्हें सिविल हॉस्पीटल पहुँचाया ! इन सारे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया ! जिसके बाद लोगों ने उनके परिवार वालों को उनके बुरे हाल के बारे में बताया !

लोगों द्वारा पता चलने के बाद उस बुजुर्ग महिला का एक बेटा उन्हें फरीदकोट लेकर चला गया ! लेकिन जो दिन बाद सोमवार को उनकी मौत हो गई ! परिवार वालों ने गुपचुप तरीके से उनका अंतिम संस्कार किया ताकि किसी को भी इस घटना के बारे में ना पता चले !

दोनों बेटे जो समाज में अच्छा रूतबा रखते हैं उनके अलावा उस बूढी महिला की एक पोती भी है जो क्लास वन ऑफिसर है ! परिवार का कोई भी सदस्य इस मामले में किसी भी बात पर प्रतिक्रिया देने से बच रहा है ! वे सारे लोग एक बात अवश्य अपने जेहन में डाल लें कि एक सम्पन्न घर की रहने वाली वह बूढी महिला को जिन हालातों से गुजरना पड़ा वो उनके बेटों की सारी तरक्ककियों पर एक अमिट दाग है जिसे वह चाहकर भी नहीं छुड़ा पाएँगे !

माँ को अपनी जिंदगी से जुदा कर देना आखिर किस तरह की जिंदगी जीना है ! जिस माँ ने कई महीनों तक अनहद दर्द झेलकर , कठिनाईयों का सामना कर औलाद को जन्म देती है और कड़ी मेहनत कर उसकी परवरिश करती है और जब औलाद बड़े हो जाते हैं तो उसी माँ की हालत दयनीय हो जाती है ! ये सारे मंजर बेहद हीं दर्दनाक हैं !




आज जब दुनिया के लोग विकसित होने की होड़ में बेहद व्यस्त हो गए हैं ऐसे में रिश्तों की डोर फीकी और कमजोर होती हुई स्पष्ट प्रतीत होती है ! लोग भरसक खुद को उत्थान की दौड़ में शामिल कर चुके हैं लेकिन अगर उनके घर में ऐसी कोई भी घटना घटित होती है तो यह मान लेना चाहिए कि वह उनके उत्थान नहीं बल्कि पतन का द्योतक है !