Saturday, December 3, 2022

दिन में चाय बेची और रात में गार्ड की नौकरी की, फिर अपनी मेहनत से बने जूनियर इंजीनियर: मुकेश दाधिच

कहते हैं अगर मन में लगन हो और कुछ करने की चाह हो तो इंसान किसी भी हाल में अपने मकसद को हासिल कर ही सकता है। आज की हमारी यह कहानी एक ऐसे शख़्स की है जिन्हें कभी चाय बेचनी पड़ी कभी रात में बतौर गार्ड नौकरी करनी पड़ी। आज वही शख़्स अपने जूनियर इंजीनियर का सपना साकार कर हज़ारों के लिए उदाहरण बना है।

जोधपुर की निवासी मुकेश दाधीच ने अपनी आजीविका के लिए चाय बेचा, गार्ड की नौकरी की और मेहनत की बदौलत अपने सपने को साकार करने के लिए जी जान लगा दी। आज वह जूनियर इंजीनियर के तौर पर कार्यरत है और अपने सपने को साकार कर चुके हैं।

यह भी पढ़ें:-B.tech की नौकरी छोड़ शुरु किया फूलों की खेती, अब कमा रहे हैं सालाना 35 लाख का मुनाफा

किया चाय बेचने का काम

उनके पिता आजीविका के लिए चाय का स्टाल लगाया करते थे। घर की वित्तीय स्थिति बेहतर नहीं थी परंतु वे चाहते थे कि अपने बच्चों को पढ़ा लिखा कर बड़ा आदमी बनाएं। उनके बेटे मुकेश जब बड़े हुए तो वह अपने घर की स्थिति को ध्यान में रखते हुए पिता की मदद करने लगे। परंतु वह चाय बेचने के काम से उतने संतुष्ट नहीं थे क्योंकि उनका सपना था कि वह पढ़ाई लिखाई कर अच्छे आदमी बने।

रात में भी करते नौकरी

अपने चाय बेचने के काम से जब से भी वह फ्री होते पढ़ाई करने लगते। परंतु दिन पर दिन जिम्मेदारियां बढ़ती गई और पैसे की तंगी ने उनकी हालत खराब कर दी और उन्होंने दिन में चाय बेचने का निश्चय किया और रात में नागोरी गेट स्थित सेंट्रल बैंक के एटीएम पर गार्ड की नौकरी शुरू कर दी। वह गार्ड की नौकरी के दौरान भी बैठ कर पढ़ाई किया करते थे काम के साथ-साथ पढ़ाई के कारण वह अच्छे से सो नहीं पा रहे थे।

यह भी पढ़ें:-महुआ के फूल और वाइल्ड चावल खाकर करना पड़ता था गुजारा, आज अमेरिका में वैज्ञानिक हैं: प्रेरणा

मिला परिश्रम का फल

इतनी मुश्किलों का सामना करते हुए वह पढ़ाई को कभी नहीं छोड़े अब वह पीडब्ल्यूडी में जूनियर इंजीनियर की पोस्ट पर चयनित हुए। उनके इस सफलता से हर जगह खुशी का माहौल है उनका मानना है कि अगर आप लगातार प्रयास करते रहे तो सफलता एक-न-एक दिन आपके कदमों को जरूर चूमेगी।