Thursday, October 28, 2021

ड्रग्स के कारण अपने बेटे को खोने के बाद, पंजाब के यह दम्पति अब घर-घर जाकर नशामुक्त अभियान चलाते हैं

शराब का सेवन करने से हमारे शरीर को किसी भी तरह का कोई फायदा नहीं होता है। इसकी बुराईयां किसी से छुपी भी नहीं है। हम सभी शराब से होने वाले अवगुणो से भली-भाँति परिचित हैं। नशीले पदार्थों के सेवन से हमारे स्वास्थ्य को बहुत नुकसान होता है। हमारे शरीर के अन्दर जा कर यह लीबर को खराब और पाचन शक्ति को कम कर देता है। शराब एक जहर की तरह काम करता है। शराब के सेवन से कई जाने भी जाती हैं। इसके कारण न जाने कितने परिवार टुट के बिखर गयें है। शराब के कारण किसी ने अपना बेटा, किसी ने अपना भाई, किसी ने पति तो किसी ने अपना चाचा, मामा ऐसे कई रिश्ते हैं जिसे खो दिया है। जिस घर का व्यक्ति मदिरा पान करता हैं उस घर की सुख-शांति नष्ट हो जाती है, रोज वहां कलेश होता है।

हमारे देश में कई राज्यों ने शराबबंदी का मुहीम चलाया है जिससे लोग शराब से दूर रहें और उनकी जिंदगी के साथ-साथ परिवार भी सुख-शांति से रहें। इसके बावजूद भी देश में शराब अभी भी पूरी तरह बन्द नहीं है। एक जगह बन्द है तो दूसरी जगह नशीली पदार्थों की बिक्री चालू है। जहां बन्द है वहां भी चोरी छुपे नशे से संबंधित सभी चीज उप्लब्ध हो जाती है। ऐसे में अगर देश को नशामुक्त बनाना है तो पूरे देश में एक साथ नशे को बन्द करना होगा तब नशे से होनेवाली मौतें रुक सकती है। नशामुक्ति के लिए हमारे देश की सरकार को एक कठिन कदम उठाने की जरुरत हैं।

आज हम आपकों एक ऐसे परिवार की कहानी सुनाने जा रहें हैं जिसने नशीली पदार्थों के सेवन करने की वजह से अपने बेटे को खो दिया है। तब से वह परिवार शराब से दूर रहनें के लिए समाज में जागरूकता फैला रहा है। आईये जानतें हैं उस परिवार के बारें में।

भारत में अभी भी कई राज्य ऐसे है जहां शराब बन्द नहीं है और लोगों की इससे जान जा रही है। ऐसा ही एक राज्य है, पंजाब। यहां नेशनल सेंटर फ़ॉर बायोटेक्नालॉजी इन्फोर्मेशन ने एक सर्वे किया जिसमें पाया गया कि पंजाब में नशीली पदार्थों के सेवन से हर 3 व्यक्ति में से एक व्यक्ति को अपनी जान गंवानी पड़ती है।

मुख्तियार सिंह (Mukhtiyaar Singh) और भुपिंदर कौर (Bhupindar kaur) पंजाब (Punjab) के रहनेवाले दंपति है। मुख्तियार सिंह खेम करण में पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के सहायक के साथ लाइनमैन हैं। इनके बेटे का नाम मंजीत सिंह (Manjeet Singh) था। 26 मार्च 2016 को जानलेवा नशीले पदार्थों के सेवन से मंजीत सिंह को अपने जान से हाथ धोना पड़ा। अपने बेटे को खोने के बाद उन्होनें तरनतारन जिले (Tarantaaran) के पट्टी शहर के रहनेवाले वहां के लोगों से मिलते हैं। जिससे परिवार वाले अपने-अपने बच्चे को घातक पदार्थों के सेवन का आदत से बचाने के लिए वहां के निवासियों को जागरुक करतें हैं। मुख्तियार सिंह और भुपिंदर कौर उन लोगों को नशा से मुक्त होने के लिए प्रशासन की सहायता लेने के लिए सुझाव भी देते हैं।

मुख्तियार सिंह (Mukhtiyaar singh) और उनकी पत्नी ने नशे के विरुद्ध कारवाई की मांग करने के लिए उन्होंने सरकार से अपने बेटे मंजीत के लाश के साथ उप-विभागीय मजिस्ट्रेट से मदद मांगी। इसके अलावा किसी और परिवार के साथ वैसा न हो जैसा उनके साथ हुआ, इसलिए उन्होंने पंजाब (Punjab) के नवयुवकों को नशा से बचाव करने के लिए देश के प्रधानमंत्री (PM) नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से अपने बेटे के लिए कफन का निवेदन किया।

मुख्तियार सिंह कहना हैं, “कुछ परिजनों को मालूम होता है कि उनका बच्चा ड्रग्स लेता था और उनकी मृत्यु भी ड्रग्स के कारण ही हुईं है। लेकिन समाज में इज्जत बचाने के लिए वह लोग इस बात को मानने से डरते हैं। वह समाज और कलंक के डर से या फिर पुलिस के प्रेशर में आ कर इस बात को मानने से इन्कार कर देते हैं।” उनहोंने यह भी बताया, “दो अलग-अलग परिवारों ने ड्रग्स की वजह से मृत्यु होने के कारण अपने बच्चों की लाशों को अन्तिम संस्कार करने के लिए दे दिया हैं। लेकिन यह अच्छी बात है कि उन्होंने किसी भी प्रकार के कलंक और समाज के डर से इस बात को स्वीकार करने से इंकार न कर सार्वजनिक कबूल किया है। उनके संबंधियों की जान नशीली पदार्थों के सेवन के कारण गईं है।

मुख्तियार सिंह (Mukhtiyaar Singh) के अनुसार, प्रधानमंत्री दफ्तर तक पहुँचाने के लिए उस समय कार्यरत SDM के द्वारा ‘कफन’ इकट्ठा किया था। लेकिन उनको विश्वास था कि वह सही जगह तक नहीं पहुंचा क्योंकि हमारे देश के बहुत अधिकारी ऐसे भी होते हैं जो अपने पद का फायदा उठाते हैं। वह आम जनता की पुकार ना के बराबर सुनते हैं। इन्होनें बताया कि अपने बेटे की मौत को गंभीरता से एक मुद्दा के रूप में लेते हुए और अपना दर्द लोगों तक पहुंचाने के लिए ड्रग्स के विरुद्ध एक अभियान का आरंभ किया हैं जिसका नाम ‘कफन बोल पेया’ है।

The Logically मुख्तियार सिंह के उठाये हुए कदम की सराहना करता हैं और जनता से अनुरोध करता हैं वह नशे से दूर रहें जिससे उनके परिवार में खुशियाँ हमेशा बनी रहें।