Thursday, January 20, 2022

एक डॉक्टर जो लहूलुहान पेड़ों को का इलाज़ करता है, कील निकाल उन्हें स्वस्थ करता है

एक आदर्श समाज को बनाने के लिए संवेदनशील लोगों की आवश्यकता होती है।आज हम एक ऐसे ही व्यक्ति और उनकी टीम के विषय में बात करेंगे जो इस प्रक्रिया में लगे हैं।आइए जानते हैं विनोद कर्त्तव्य जी( Vinod Kartavya)के विषय में।

बंगलोर के निवासी विनोद जी भारत के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्था DRDO में सहायक वैज्ञानिक के रूप में कार्यरत हैं।उन्होंने एक अद्भुत पहल की है।वो और उनकी टीम बंगलोर की सड़कों के पेड़ों पर लगे पोस्टर,कील इत्यादि चीजों को निकालते हैं।पेड़ों पर लगे ये सारे पोस्टर लगभग किसी न किसी विज्ञापन के होते हैं जिन्हें किसी नुकीली पिन,स्टेपल इत्यादि की सहायता से पेड़ों पर चिपका दिया जाता है। पेडों पर लगे ये कील और अनचाही चीज़े पेड़ों के लिए खतरनाक हैं।इससे पेडों के जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।मानव जीवन के अस्तित्व के लिए पर्यावरण और पेड़ों के महत्व को देखते हुए विनोद जी ने यह अद्भुत मुहिम को शुरू किया है।

Nail free tree movement by vinod kartavya

इस कार्य की शुरुआत

इस कार्य के बारे में बात करते हुए विनोद जी कहते हैं कि हाल ही कि बात है जब मैं एक पेड़ का सहारा लेने के लिए अपने सर को टिकाया ही था कि कोई नुकीली चीज़ मेरे सिर के पिछले हिस्से में चुभ गई,मैंने तुरत उसे चेक किया तो पता चला कि ये एक कील है।उन्होंने तत्काल ही उस कील को उस पेड़ से निकाल दिया।आगे अपनी बात को जारी रखते हुए उन्होंने बताया कि उसके बाद मैंने उस क्षेत्र के लगभग सारे पेड़ों का निरीक्षण किया तो मुझे समझ में आया कि लगभग सारे पेड़ों की यही दशा है।इन सारे पेड़ पर लोगों ने अपने विज्ञापन को कील और नुकीली चीजों के माध्यम से पेड़ो पर लगा दिया है।इस स्थिति को देखते हुए उन्होंने पर्यावरण की रक्षा और लोगों के हित में इन वृक्षों को इन अनचाही चीजों से मुक्त करने की ठानी।

Nail free tree

बनाई अपनी एक टीम

अपने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विनोद जी ने अपने पाँच दोस्तों की एक टीम बनाई।यह टीम प्रत्येक रविवार को पेड़ों को अनचाही और खतरनाक वस्तुओं से मुक्त करने के लिए सड़कों पर उतरती है।इस टीम ने यह तय किया है कि रविवार को कुछ घंटे इन्हीं वृक्षों को समर्पित किया जाए।अब तक प्राप्त रिपोर्ट से यह बात सामने आई है कि इस टीम ने एक पेड़ से अब तक लगभग 2000 स्टेपल पिन और 250 से अधिक कीलों को निकाला है।इस प्रकार से 7 वृक्षों को इन्होंने नुकीली चीजों से मुक्त किया।इन 2000 स्टेपल पिन और 250 से अधिक कीलों को निकालने में लगभग 3 घंटे का वक्त लगा। इस विषय पर बात करते हुए उन्होंने लोंगो को जागरूक करने के लिए यह बताया कि पेड़ों पर इस तरह से पोस्टर चिपकाना Tree Protection Act and Bangalore municipal Act के तहत गैर-कानूनी कृत्य है।

vinod kartavya

लक्ष्य पर डटी टीम

यह टीम पेड़ो और पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है।इसके साथ साथ इस आइडिया को जन जन तक ले जाने की दिशा में भी प्रयासरत हैं।इसलिए इन्होंने एक कदम उठाया है जिसमें इस टीम ने सोशल मीडिया पर एक मुहिम चला रखी है जिसका नाम है नेल फ्री ट्री(Nail free tree)।इस मुहिम में इस टीम ने लोगों से यह अपील की आप लोग वृक्षों को नेल से मुक्त करें और नेल से मुक्त करने के बाद हमें अपना फ़ोटो भी पोस्ट करें। विनोद जी द्वारा किए गए इस अपील पर लोंगो से काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिली।लोग इस मुहिम में काफी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।

The Logically, विनोद कर्तव्य के इस नियत और इस कदम को सलाम करता है, और यह मुहिम जन-जन तक पहुँचे इस बात की ईश्वर से कामना करता है।