Saturday, July 31, 2021

जुगाड़: 22 साल के इस युवा लड़के ने खेती की सुरक्षा के लिए बना दिये अनेकों मशीन, जो खेती की रखवाली करते हैं

हम अपने घर को साफ सुथरा रखने के लिए बेकार चीज़ें बाहर कर देते हैं। उन्हें फेंकने से पहले हम कभी यह नहीं सोंचते कि इन सब चीजों का पुनः उपयोग किया जा सकता है। अक्सर हम सोचते है कि अगर इससे कुछ बनाए तो वह पुराना दिखेगा और हमारा वक़्त भी जाया होगा। लेकिन कहते हैं, न.. अगर सच्ची निष्ठा से किसी भी मूर्ति को गढ़ा जाए तो वह बहुत ही ख़ूबसूरत रूप ले सकती है। आज की यह कहानी 22 वर्षीय युवा किसान की है जो कबाड़ से एक ऐसी मशीन बनाएं हैं जिसकी बहुत सारी खूबियां है। आइये पढ़ते हैं, कबाड़ से बनाईं गईं उपयोगी मशीन के बारे में।

नारायण लाल धाकड़

खेती-बाड़ी को आसान बनाने के लिए आज के समय में कई प्रकार की मशीनों का निर्माण कंपनियों के द्वारा किया जा रहा है। ऐसी-ऐसी मशीने बन रहीं हैं जिन्हें देख मन में सवाल आता है कि क्या सच में इन्हें मनुष्य ने ही निर्मित किया है? कम्पनियों के द्वारा रासायनिक खाद के लिए भी मशीन का निर्माण हो रहा है जिससे किसान आसानी से उर्वरक का छिड़काव अपने खेतों में कर सकते हैं। लेकिन एक सत्य यह भी है कि इन सब मशीनों को सभी किसान नहीं खरीद सकते। सभी किसानों की इतनी आमदनी नहीं है कि वे अपने खेतों में उपयोग के लिए इन मशीनों को खरीद सकें। किसानों की इन्हीं परेशानियों को ध्यान में रखते हुए 22 वर्षीय नारायण लाल धाकड़ (Narayan Lal Dhakad) जुगाड़ तकनीक के द्वारा बहुत सारी मशीने बना चुकें हैं। सभी मशीनें किसानों के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध हो रही है।

12 वर्ष की उम्र से ही जाते हैं खेतों में
 
नारायण जयसिंहपुरा गांव के निवासी हैं। खेती में इन्हें बहुत रुचि थी। बहुत ही कम उम्र में इनके पिता का निधन हो गया। नारायण की दो बहने हैं। तब तीनों बच्चों की परवरिश उनकी मां ने किया। वह खेतों में काम करती थी। नारायण जब 12 वर्ष के थे, तभी से खेतों में जाने लगे थे। वहां सभी चीजों देखते और समझते कि खेती कैसे होती है। जब इनकी 12वीं की पढ़ाई सम्पन हुईं, तब से यह किसानों के लिए नये-नये तकनीक से उपकरण बनाने लगे ताकि किसानों को अपनी खेती में ज्यादा दिक़्क़त ना हो।

नील गाय को भगाने के लिए कियें आविष्कार

नारायण को खेती और किसानों से बेहद लगाव है। यही कारण है कि वह हमेशा उनकी मदद के लिए आविष्कार करने में लगें रहते हैं। किसान के लिए सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है- जानवरों का फसल को नष्ट करना। जानवरों में सबसे ज़्यादा परेशान नील गाय करती हैं। नारायण को पशुओं से भी प्यार है। इसलिए उन्हें मारना या चोटिल करना नारायण को नहीं पसंद। इस बात को ध्यान में रखकर देशी जुगाड़ से ऐसा उपकरण बनाया जिसकी आवाज सुन नील गाय खेतों से भाग जाती हैं। इनका यह आविष्कार सभी को बहुत ही ज़्यादा पसंद आया।

खरपतवार को साफ करने लिए बनाई माशिन

हम यह जानते हैं कि अच्छी फसल के लिए सबसे ज़रूरी है, खेत की तैयारी और समय समय पर खेतों की खरपतवार से सफ़ाई। अच्छी उपज के लिए खेतों से खरपतवार को उखाड़कर फेंकना ज़रूरी है। इसलिए नारायण ने देशी जुगाड़ से खरपतवार उखाड़ने वाली माशिन बनाईं।

कीड़े मकौड़े के लिए माशिन

किसान अगर फसल लगाते है तो उन्हें फसल को कीड़े-मकौड़ों से बचाना बहुत ज़रूरी है। इन्हें मारने के लिए नारायण ने लैंपनुमा मशीनें का निर्माण किया है ताकि किसान को कीड़े-मकौड़ों से राहत मिलें।

फसल को निकालने के लिए भी बनाया मशीन

अगर फसल की उपज अच्छी हुई है तो उसे हम मशीन या मजदूरों से कटवातें हैं। इसके लिए मजदूरों को मजदूरी देनी पड़ती है। अगर पैसा नहीं है, इसलिए किसान ख़ुद यह कार्य करें तो हाथों से यह करने में बहुत ही ज्यादा समय लगेगा। इस बात को ध्यान में रखते हुए नारायण ने फसल को निकालने वाली माशिन भी बनाई है जो आसानी ने पौधों को पकड़ उन्हें उखाड़ लेता है।

फसल साफ करने के लिए किये आविष्कार

फसल साफ करने के लिए नारायण ने अपने घर के घी के कनस्तर को इस तरह से काटा कि वह छननी जैसा तैयार हुआ। अब किसान इसकी मदद से बड़ी आसानी से फसलों को साफ कर सकते हैं।

वजन उठाने के लिए आविष्कार

अक्सर किसानों को अनाज ढोने में दिक्कत होती है। वजन ज्यादा होने के कारण बैलगाड़ी या मजदूरों की मदद लेनी पड़ती है। इसके लिए किसानों को कीमत चुकानी पड़ती है। इसे ध्यान में रखते हुये नारायण ने देशी जुगाड़ से ज्यादा वजन उठाने वाली मशीन भी बनाईं।

YouTube चैनल के द्वारा देते हैं जानकारी

नारायण ने “आदर्श किसान सेंटर” नाम से YouTube चैनल बनाया है जहां वह सभी आविष्कार का डेमो देते हैं। इस चैनल के लाखों फॉलोवर्स हैं। नारायण इस चैनल से महीने में 30 हज़ार की कमाई भी कर रहें हैं। अगर आप नारायण से कोई जानकारी लेने चाहते हैं तो आप no. 7742684130 पर या इनके ईमेल आईडी [email protected] पर सम्पर्क कर सकतें हैं।

नारायण ने जैसे देशी जुगाड़ से किसानों की मदद के लिए उपकरण का निर्माण किया है, वह सराहनीय है। इसके लिए The Logically नारायण को सलाम करता है और उम्मीद करता है कि अन्य युवा भी इनसे प्रेरित होकर आगे बढ़ेंगे।