अक्सर हमें एक कहावत सुनने को मिलती है,”किसी का हाथ लगने से सोना कोयला बन जाता है तो वहीं किसी के हाथ से कोयला भी सोना में बदल जाता है।” यह बात एक हद तक सही भी है। यह कहावत सच कर दिखाया है धनबाद के दो किसान भाईयों ने जो कोयले के जमीन पर शिमला मिर्च की खेती कर रहें हैं।

शिमला मिर्च की खेती पहाड़ी क्षेत्रों में अधिक होती है, लेकिन धनबाद के इन दो किसान भाई अपने गांव में इसकी खेती करने लगे हैं। आइए जानतें है, यह सब कैसे सम्भव हुआ।

निपेन आचार्य (Nipen Aacharya) और प्रदीप आचार्य (Pradeep Aacharya) दोनों भाई हैं। ये कलियोसाल (kaliyasol) प्रखंड के दूर एक ग्रामीण क्षेत्र साकुलचापड़ा (Saakilchaapada) गांव के रहनें वाले हैं। दो वर्ष पहले रांची कृषि विभाग की मदद से दोनों भाईयों की जमीन पर रक ग्रीनहाउस बनाया। दोनों भाइयों ने खीरा, करेला, झींगा, बैंगन, कोहरा, कद्दू आदि की खेती करने लगे। कुछ समय बाद इन्होनें (निपेन आचार्य और प्रदीप आचार्य) शिमला मिर्च की खेती करने के लिए प्रयोग शुरु किये। इन्होनें दूसरे राज्यों से शिमला मिर्च का बीज लाकर उसकी खेती आरंभ की और इसकी फसल उगाने में सफल भी रहे।

Source- Jagran

बिजली नहीं होने के कारण फसलों को हाथ से पानी पटाना पड़ता है। बिजली के लिए बिजली विभाग को लिखित आवेदन दिया गया है और बिजली के पोल भी लग गये है। पानी पटाने में सहायता करने के लिए गांव के मुखिया एवम् कलियासोल के बीडीओ (BDO) ललित (Lalit Prasaad Singh) प्रसाद सिंह की मदद से मनरेगा के द्वारा एक कुआं का बनाया गया, जिससे फसलों को पटाने में मदद मिले। ग्रीनहाउस से ही कृषि का काम सफल हुआ है। इससे शिमला मिर्च की अच्छी खेती भी हो रही है। दोनों भाई खेत में उगी सब्जियों को आसपास के बाजारों में बेचते हैं। इन दोनों को हर महिने लगभग दस हजार रुपए का मुनाफा होता हैं।

कृषि की अधिक से अधिक जानकारी के लिए निपेन आचार्य (Nipen Aacharya) ने अपने 19 वर्षीय बेटे अरिदम आचार्य (Aridam Aacharya) को इग्नू से एग्रीकल्चर की पढ़ाई करवा रहें हैं। दोनों भाइयों का कहना हैं कि यदि राज्य सरकार से मदद मिलेगी तो कृषि काम में समृद्ध बनने की मनोकामना हैं।

इनकी शिमला मिर्च की अच्छी फसल होते देखकर पंचायत के तेतुलीया गांव के अमर भंडारी (Amar Bhandaari) भी शिमला मिर्च की खेती करना आरंभ किये हैं। निपेन और प्रदीप ने गांव की भूमि पर शिमला मिर्च की फसल उगा कर दूसरें किसानों के लिए कृषि करने की एक नयी सीख दी हैं, इसके लिए The Logically इन्हें नमन करता हैं।

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