Wednesday, September 28, 2022

चावल के बेकार भूसी को शख्स ने बनाया “काला सोना”, अब सालाना 20 लाख रुपये कमा रहें

हम जानते हैं कि आज हमारा देश भारत कई तरह की समस्याओं से जूझ रहा है, जिसमें सबसे बड़ी समस्या है प्रदूषण। लोग अपने स्वार्थ के लिए क्या कुछ नहीं करते, वे एक पल के लिए यह नहीं सोचते कि उनके करतूत से पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ेगा। हालांकि आज के समय में कुछ ऐसे युवा देखने को मिल रहे हैं जो पर्यावरण को बचाने के लिए अपना अहम योगदान दे रहे हैं।

आज हम ओड़िशा के रहने वाले एक ऐसे हीं शख्स की बात करेंगे, जिन्होंने प्रदूषण से पर्यावरण को बचाने के लिए समाधान ढूंढा और उसी समाधान के बदौलत वे आज के समय में लाखों की कमाई कर रहे हैं।

टीचर की नौकरी छोड़ किया खुद का कारोबार

उड़ीसा (Odisha) के कालाहांडी में रहने वाले 40 वर्षीय बिभु साहू (Bibhu Sahu) ने अपनी प्रतिभा से सबका दिल जीत लिया हैं। बिभु ने खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए वर्ष 2007 में टीचर की नौकरी छोड़ दी और वर्ष 2014 में उन्होंने चावल मील का कारोबार शुरू किया। अब पिछले कई सालों से वे चावल मील का हीं कारोबार कर रहे हैं।

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चावल की भूसी की है स्टील कंपनियों में भारी मांग

चावल मील का कारोबार करने के दौरान जब बिभु (Bibhu Sahu) ने देखा कि चावल मील से बहुत ज्यादा मात्रा में भूसी निकलता है और इसे जलाने से पर्यावरण को क्षति पहुंचेगी। तब इन्होंने पर्यावरण को बचाने के लिए समाधान ढूंढना शुरू किया।

बहुत सारी जानकारी प्राप्त करने के बाद उन्हें पता लगा कि स्टील कंपनी में चावल की भूसी का यूज एक थर्मल इन्सुलेटर के रूप में किया जा सकता है। जिस वजह से यह कंपनियां इसे बड़ी पसंद से खरीदती है यानी कि इन कंपनियों में इस भूसी का ज्यादा मांग है। फिर क्या बिभु ने इन स्टील कंपनियों को भूसी का निर्यात करना शुरू कर दिया और यही करके वे आज में समय में लाखों की कमाई कर रहे हैं।

विदेशों तक चावल की भूसी पहुंचा कर, कर रहे हैं लाखों की कमाई

बता दें कि स्टील कंपनियों में चावल की भूसी का यूज एक थर्मल इन्सुलेटर के रूप में किया जाता है और यही कारण है कि इन कंपनियों में चावल की भूसी को भारी डिमांड पर खरीदा जाता है। आज के समय में बिभू (Bibhu Sahu) अपने चावल की बेकार भूसी को मिस्र, यूक्रेन और ताइवान जैसे कई देशों में पहुंचा रहे हैं और इसी कारोबार से वे सालाना 20 लाख रूपए से अधिक की कमाई हो रही हैं।