Tuesday, May 24, 2022

कोरोना के वक्त शादी के पैसे को बचाकर गांव के अस्पताल में लगवाए 50 बेड और ऑक्सीजन सिलिंडर

भारत में शादियों का माहौल अलग ही होता है इस माहौल में लोग अपनी हैसियत के हिसाब से खर्च करते हैं कुछ लोगों को बड़े
महकमे का शौक होता है। ढेर सारी गाड़ियां लोगों की भीड़ और अलग-अलग तरह का व्यंजन भारतीय शादियों की पहचान है।

लेकिन कोरोनाकाल के समय में एक ऐसी भी शादी हुई जिसमें ना ही मेहमान थे और ना ही अलग अलग तरीके के ढेर सारे व्यंजन , बल्कि इस जोड़े ने ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को मदद करने के लिए शादी के लिए बचाये पैसे से सरकारी अस्पताल में 50 बेड लगवाए और ऑक्सीजन सिलेंडर का व्यवस्था किया,जिससे कोरोना के मरीजों को राहत मिले।

एरिक एंटोन और मार्लिन की शादी आज पूरे भारतवर्ष के लिए उदाहरण बन चुकी है। इस जोड़े ने शादी के दिन सत्पाला गांव के सरकारी अस्पताल को 50 बेड और ऑक्सीजन सिलिंडर दान दिए।

क्रिस्चन परंपरा के अनुसार शादी में जब तक 2000 अतिथि ना आएं और उनके खाने के लिए बढ़िया भोजन के साथ शराब की व्यवस्था ना हो तब तक शादी को परिपूर्ण नहीं समझा जाता है । लेकिन नए इस जोड़े के प्रयास ने शादी में होने वाले फ़िज़ूल खर्च को बचाते हुए इंसानियत और समझदारी का नमूना पेश किया है।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार एरिक और मार्लिन की शादी में कुल 22 लोग उपस्थित थे जिन्होंने कोविड-19 का ख्याल रखते हुए मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा ।
कोविड-19 के कारण पालघर जिले में अभी तक 90 लोगों की जान जा चुकी है और 1500 से भी अधिक लोग इस बीमारी से संक्रमित हैं ! इस विपरीत परिस्थिति को देखते हुए जोड़े ने शादी में होने वाले फिजूल खर्च को सही जगह उपयोग करने का निर्णय लिया।

लोकल विधायक और जिला प्रशासन की मदद से, पालघर के ही एक गांव के अस्पताल को चुना गया और वहां बेड बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई । इस अस्पताल को बनाकर तैयार करने में बेड के अलावा और भी जरूरी सामानों का प्रबंध किया गया और अब यह पूर्ण रूप से सुचारू है।

एरिक एंटन और मार्लिन की शादी पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। Logically नए जोड़े को खुशहाल ज़िन्दगी की शुभकामनाएं देता है ।