Saturday, January 16, 2021

10 वी पास किसान ने शुरू किया पपीते की खेती, सलाना आय है 5 लाख से भी अधिक

हमारे देश में किसानों के जीवन-यापन का जरिया खेती है। किसान हर सम्भव प्रयास करते हैं कि वे कम समय में कई फसलों को उगाकर अधिक लाभ कमा सकें। हमारे यहां कई प्रकार की खेती होती है:- जैविक खेती, हाइड्रोपोनिक्स खेती, टिश्यू कल्चर खेती, मिश्रित खेती इत्यादि।

पपीता हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक है। इसके अनेक फायदें हैं। जैसे :-
1. यह कॉलेस्ट्रॉल कम करता है।
2. पाचनतंत्र को यह बेहद सही रखता है।
3. आंखों की रौशनी और रोग प्रतिरक्षा प्रणाली को भी बढ़ाने में मदद करता है।

लेकिन बहुत से व्यक्तियों को इसके फायदे और खेती कैसे करें यह जानकारी नहीं रहती है। हम आपको आज इसकी खेती के बारे में बताएंगे।

आज की हमारी यह कहानी एक ऐसे किसान की है जो कभी अपनी जिंदगी को बहुत ही मुश्किलों से व्यतीत कियें। आर्थिक परेशानियों के कारण इन्हें पढ़ाई छोड़नी पड़ी। इन्होंने अपनी मेहनत से गिरवी पड़ी जमनी छुड़ाई और उसमें खेती कर 5 लाख का फायदा कमाया।

परशुराम दास

मन मे लगन और दृढ़संकल्प हो तो कोई भी इंसान अपनी उपलब्धियों को हासिल कर सकता है। ऐसे ही हैं, भागलपुर (Bhagalpur) ज़िलें में स्थित एक गांव चापर (चापर) के रहने वाले परशुराम दास (Parshuram Das)। इनका जन्म गरीब परिवार में हुआ था। इस कारण इन्हें बहुत सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। घर की स्थित ठीक ना होने के कारण इनकी पढ़ाई भी सही तरीके से नहीं हो पाई। यूं कहा जाये तो इन्होंने 10वीं तक की पढ़ाई भी पूरी नहीं की। कुछ ही समय बाद इनकी शादी हुई और बच्चे भी हो गयें। इस दौरान घर का खर्चा बहुत ही ज्यादा हो गया। तब इनके पास जो 5 बीघा भुमि थी उसे गिरवी रखना पड़ी। थोड़ा मुश्किल हुआ क्योंकि जिस जमीन की मदद से गुजारा हो रहा था उसे ही….


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मित्र ने दिया खेती करने का सुझाव

उनकी यह स्थिति देख इनके एक मित्र ने इन्हें पपीता की खेती के बारे में सलाह दी। वर्ष 2011 में इन्होंने जो जमीन गिरवी रखी थी उसी को रेंट पर लिया। उसमें पपीते को लगाया। पहले तो इस खेती से इन्हें निराशा हाथ लगी। फिर भी इन्होंने अपने कार्य को जारी रखा। इन्होंने वापस से जम कर मेहनत की और इस बार खेती में सफल हुयें। आगे अन्य प्रकार के पपीते जैसे चड्डा सिलेक्शन, पूसा नन्हा और रेड लेडी लगायें। इस खेती से इन्हें 5 लाख का मुनाफा हुआ जिससे यह बहुत खुश हुयें और इन्होंने अपनी गिरवी रखे हुए खेत को भी छुड़ा लिया। इन्होंने अपने खेत के विषय में सबको बताया और सभी किसानों ने भी यह खेती को अपनाया।

पपीता का पेड़ 3-4 सालों तक देता है फायदा

पपीता को भी लगाने के लिए मौसम देखना अनिवार्य है। आप इसे फरवरी-मार्च या नवम्बर-दिसम्बर में लगा सकते हैं। यह पेड़ 3-4 सालों तक आपको प्रति हेक्टेयर के हिसाब से 80-100 टन का फल देगा। आप खुद सोंच सकतें हैं कि इससे कितना मुनाफा कमाया जा सकता है। हमारे यहां पपीते का डिमांड हर सब्जी मंडी में होता है।

10वीं पास ना होने के बावजूद भी परशुराम ने जो खेती की और उससे मुनाफ़ा कमाया, यह इनके परिश्रम का फल है। इसके लिए The Logically इन्हें सलाम करता है।

Khusboo Pandey
Khushboo loves to read and write on different issues. She hails from rural Bihar and interacting with different girls on their basic problems. In pursuit of learning stories of mankind , she talks to different people and bring their stories to mainstream.

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