Wednesday, August 4, 2021

Rashmi Samant: भारत की वह पहली महिला जो ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ का अध्यक्ष बनी

वर्तमान में भारतीय महिलाएं न केवल अपने ही देश में बल्कि बाहरी देशों में भी सफलता का परिचायक बनती जा रही हैं। विज्ञान से लेकर तकनीक हरेक क्षेत्र में भारतीय महिलाएं विदेशों में अनेक उच्च पदों पर नियुक्त होकर देश का सिर फख्र से ऊंचा उठा रही हैं। इसी श्रेणी में एक नाम रश्मि सामंत(Rashmi Samant) का भी है जो आजकल चर्चा का विषय बना हुआ है। रश्मि ब्रिटेन स्थित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के छात्र संघ चुनाव(Britain’s Oxford University Student Union Elections) को जीत कर संघ अध्यक्ष (Union President) का पद हासिल करते हुए इस पद पर नियुक्त होने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। बता दें कि रश्मि भारत के कर्नाटक राज्य स्थित मनिपाल (Manipal in Karnatka) निवासी हैं।

कौन हैं रश्मि सामंत

भारत के कर्नाटक राज्य स्थित मनिपाल में जन्मी रश्मि ने अपनी पढ़ाई मनिपाल और उडूपी से की है। जहां उन्होनें मनिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल करने के बाद विश्व की सबसे प्रसिद्ध ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया। वर्तमान में रश्मि इस यूनिवर्सिटी के लिनाक्रे कॉलेज (Linacre Coolege) से एनर्जी सिस्टम विषय में एमएससी(M.Sc in Energy System) कर रही हैं। रश्मि के पिता दिनेश(Dinesh) का उडूपी के निकट परकाला में बिजनेस है जबकि उनकी मां वात्सला(Vaatsala) एक ग्रहणी हैं।

Rashmi Samant

53 प्रतिशत से ज़्यादा वोट जीत कर रश्मि ने अध्यक्ष पद हासिल किया

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन इलेक्शन में रश्मि ने अपने तीन प्रतिद्वंदियों के खिलाफ 3708 वोट्स में से 1966 वोटों पाकर जीत हासिल की है।

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव के लिए इस बार भारी मात्रा में हुई थी वोटिंग

इस साल होने वाले ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी स्टूडेंट इलेक्शन्स की सबसे मज़ेदार बात यह रही कि यहां इस बार रिकार्ड तोड़ वोटिंग हुई थी। जिसमें 4881 छात्रों ने विभिन्न पदों के लिए 36405 वोट डाले थे।

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रश्मि के चुनावी कैंपेन की 4 बातें बेहद खास रहीं

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट इलेक्शन के कैंपेन के दौरान रश्मि का जिन 4 बातों को लेकर विशेष रुझान रहा उनमें यूनिवर्सिटी में उपनिवेशवाद(Freedom from Colonialism)से मुक्ति, समावेशिता(Inclusivity), कोविड-19 महामारी की रोकथाम(control on Covid-19) और छात्रों की मैंटल हेल्थ पर फोकस करना बेहद खास पहलू रहे।

 Oxford University

रश्मि यूनिवर्सिटी में जीवाश्म ईंधन की दिशा में भी करेंगी काम

वर्तमान में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के छात्र संध की अध्यक्ष बन चुकी रश्मि चाहती हैं कि वहां छात्रों की मेंटल हेल्थ पर फोकस करते हुए अधिक से अधिक फंडिंग प्राप्त हो सके। इसके अतिरिक्त यूनिवर्सिटी में जीवाश्म(Fossil Fuel) ईंधन को भी बढ़ावा देना चाहती हैं।

LGBT समुदाय को लेकर समाज की संकुचित सोच में बदलाव लाना चाहती हैं रश्मि

MIT में मनिपाल हैकथॉन की शुरुआत करने वाली रश्मि नें अपने चुनावी कैंपेन में होमोफोबिया और ट्रांसफोबिया(Homophobia and Transphobia) जैसी सोच से लड़ने की बात करते हुए LGBT समुदाय को सामाजिक सम्मान दिलाने और उनके प्रति लोगों की संकुचित सोच में बदलाव लाने की दिशा में काम करने का वादा भी किया।

कुछ अन्य भारतीय भी जीत हासिल करने में कामयाब रहे हैं

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के छात्र संघ की नवनियुक्त अध्यक्षा रश्मि सामंत के अलावा कुछ अन्य भारतीय छात्रों ने भी इन चुनावों में जीत हासिल की है। जिसमें साल 2021-22 के लिए देविका उपाध्यक्ष ग्रेजुएट इलेक्ट(Vice-President Graduate elect- Devika) और धीति गोयल स्टूडेंट ट्रस्टीज़ (Student’s Trustee- Dhiti Goyal)के पद पर नियुक्त की गई हैं।

Rashmi Samant

विश्व के लिए मिसाल बन चुकी रश्मि सामंत बेहद गुणी हैं

भारत के कर्नाटक राज्य से संबंध रखने वाली रश्मि पूर्व में एमआईटी(MIT) के छात्र यूनियन की टैक्नीकल सेक्रेटरी(technical secretary ) के पद पर भी काम कर चुकी हैं। क्लाइमेट चेंज(Climate Change) के संदर्भ में गहरी सोच रखने वाली रश्मि जून 2016 से 2017 तक मैसाच्यूसेट इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी के एडिटोरियल बोर्ड(Editorial Board of Institute of Technology, Massachusetts) में लेखिका रह चुकी हैं। ऑक्सफोर्ड एविएशन सोसाइटी की महासचिव रह चुकी रश्मि ने गोवा शिपयार्ड में अपनी इंटर्नशिप पूरी करने के बाद 2018 में यूनिवर्सिटी ऑफ केमिस्ट्री एंड टैक्नोलॉजी(University of Chemistry and Technology) में रिसर्च असिस्टेंट(Research Assistant) के रुप में भी काम किया है।

छात्रों के लिए रश्मि की सीख

रश्मि कहती हैं – “ छात्रों को पूरी तरह से अपने लक्ष्य की प्राप्ति करने की दिशा में प्रयत्नशील रहना चाहिए, लेकिन उसके लिए ज़रुरी नही कि आप 24 घंटे बस पढ़ते ही रहें और सबकुछ त्याग दें, बल्कि ज़रुरी है कि आप अपनी रुचि के सब काम करें, जीवन के हरेक क्षेत्र में कुछ बेहतर करने की चाह बनाये रखें, बेशक ही ये तमाम बातें आपको आपके लक्ष्य के निकट लाने में सहायक साबित होंगी”