Tuesday, April 20, 2021

लोगों से दवाइयां इकठ्ठा कर चलाते हैं मेडिसिन बैंक, जरूरतमन्दों को देते हैं मुफ्त में दवा: रविंदर सिंह

” करे कोशिश अगर इंसान तो क्या क्या नही मिलता वो उठकर चल कर तो देखे जिसे रास्ता नही मिलता”

यह बात सोलह आने सच है अगर इंसान चाहे तो उसे सब कुछ मिल सकता है जो वो पाना चाहता है बस जरूरत होती है खुद से खुद की पहचान करवाने की। हृदय परिवर्तन होने पर भगवान हमसे हर वो काम करवा लेते है जैसा हम चाहते है बस जरूरत है आस्था और विश्वास की। हमे अपने इस जीवन मे अच्छे कर्म करते हुए दूसरो की मदद करते रहना चाहिए। यदि हम पैसे से मदद नही कर सकते तो अपने शरीर से किसी जरूरतमंद की सेवा करे जैसा कि रविंदर सिंह कर रहे है। वह पिछले 7 वर्षों से वंचितों की सेवा कर रहे है व पर्यावरण और मानवीय परियोजनाओं में काम कर रहे है। जिनका मानना है नर सेवा ही नारायण सेवा है।

परिचय

रविंदर सिंह एक परोपकारी व्यक्ति है जो मानते है कि “मानव जाति की सेवा भगवान की सेवा है। रविंदर सिंह सर्विंग मैनकाइंड सेवा के संस्थापक है वह मानते है कि वह वंचित लोगों के जीवन को बदलने के लिए जन्मे और प्रतिबद्ध हैं। रविंदर जी पिछले 7 वर्षों से पर्यावरण और मानवीय परियोजनाओं पर काम कर रहे है वह पिछले 2 वर्षों से एक मेडिसिन बैंक भी चला रहे है।

ऐसे हुई शुरुआत

किसी भी चीज़ की शुरुआत आसान नही होती और कुछ चीज़ें ऐसी होती है जिसे देखते ही हमारे मन मे हज़ारो सवाल उत्पन्न होते है किसी सवाल के जवाब तो मिल जाते है तो किसी सवाल के जवाब की तलाश में हम वो काम कर देते है जिसके बारे में हमने सोचा भी नही था। हम जानते है कि रविंदर की शुरुआत कैसे हुई
रविंदर बताते है इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी जब वह अपने जन्मदिन पर एक अनाथालय गए थे वह आगे बताते है क्योंकि मेरी प्रेरणा मेरे गुरु हैं इसलिए मैं गर्व से कह सकता हूं कि मेरे गुरु के कारण मेरा जीवन पूरी तरह से बदल गया है यहाँ वह अपने आध्यात्मिक गुरु “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी” के बारे में बात कर रहे है। जिन्होंने उन्हें आनंद और खुशी का रास्ता दिखाया है। गुरु आपको नई राह दिखाते है।


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जरूरतमंदो की मदद के लिए खोला मेडिसिन बैंक

The Logically से बात करते समय रविंदर सिंह(Ravinder singh) ने बताया कि वह पिछले 2 वर्षों से एक मेडिसिन बैंक(Medicine Bank) भी चला रहे है इस परियोजना से वह लोगों द्वारा स्वेच्छा से दान की गई अनुपयोगी व जिन दवाइयो की तिथि अभी समाप्त नही हुई उसे एकत्र करते है और ज़रूरतमंद लोगों को मुफ्त में बांटते है। जिससे मानव जाति का कल्याण हो रहा है और जरूरतमन्द लोगो को सही समय पर दवाइया उपलब्ध करवा कर वह बीमार व वंचितों की मदद कर उन्हें उनका स्वास्थ्य लौटा रहे है।

एक घटना जिसने ज़िंदगी को अलग ढंग से सोचने पर मजबूर कर दिया

रविंदर सिंह(Ravinder Singh) हमे बताते है कि वह 2017 में एक आदमी से रैन बसेरे मे मिले जोकि नेत्रहीन था और त्वचा रोग से पीड़ित भी था वहाँ की केअर टेकर ने कहा पहले इस आदमी को कुछ कपड़े दे दीजिए वह उठा तो देखा वह बुरी तरह से खुजली कर रहा था उसके कपड़े इतने मैले थे कि उनमें कीड़े लग गए थे इस अंधे आदमी को इतने दर्द में देख कर मेरा दिल दहल गया। भगवान के आशीर्वाद से मैंने उसके कपड़े बदले और हमने उसे 2 लोवर्स (लगभग नई) एक शर्ट और एक जैकेट प्रदान की। आखिरकार उसे राहत मिल गई भगवान उसे आशीर्वाद दे फिर मैं 2018 में फिर से उनसे मिलने गया और सबसे अच्छी बात यह थी कि वह उस समय बहुत बेहतर स्थिति में थे और बाद में मुझे पता चला कि उन्हें एक बेहतर जगह पर स्थानांतरित कर दिया गया था।

रविंदर सिंह कई परियोजनाओ से जुड़े है और उनका एकमात्र लक्ष्य है वंचितों व जरूरत मन्दो की मदद करना आइए एक नज़र उनकी परियोजनाओं की और डालते है जोकि इस प्रकार है :

  1. वह पिछले 5 वर्षों से प्रदूषण मुक्त ड्राइव का आयोजन कर रहे है जिनमे बिना बम पटाख़ों की दिवाली सहित कई स्थानों पर अनाथालय, स्कूल व पार्क आदि में वृक्षारोपण आदि शामिल है।
  2. वह अलग-अलग अवसरों पर पौधे का वितरण करते है अब तक 5000+ पौधे वितरित कर चुके है और 700+ पौधे उनके द्वारा लगाए जा चुके है।
  3. पार्क और धार्मिक स्थानों पर विभिन्न प्रकार के नुक्कड़ नाटक और लघु फिल्में जोकि पर्यावरण पर आधारित होती है का आयोजन कर लोगो को जागरूक कर रहे है।
  4. रविंदर सिंह दिव्यांग बच्चो के स्कूल नियमित रूप से जाते रहते है और बच्चों को प्रेरित करते है और तुम सब कर सकते है यह हौसला भी उनमें जगाते है तथा वह विभिन्न अवसरों पर बच्चो से मिलकर उन्हें अच्छा महसूस करवाते है तथा सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित करते है।
  5. रविंदर जी पिछले 5 वर्षों से विभिन्न रैन बसेरों में चाय और नाश्ते के साथ ऊनी वस्त्रो का वितरण भी करते है जिसका नाम उन्होंने ऊनी ड्राइव रखा है।
  6. तपती धूप में गर्मियों में जहाँ हम एक ओर ऎसी की हवा में घरों और दफ्तरों में बैठे होते है वही कई रिक्शा चालक ऐसे होते है जिन्हें समय पर पानी भी नसीब नही होता ऐसे में रविंदर जी एक मसीहा बन कई रिक्शा चालकों को पानी की बोतलों और तौलियों का वितरण करते है।
  7. वह तरह तरह के सेमिनारो का आयोजन करते है जिसमें बच्चों को अनुशासन सिखाना व उनके अच्छे पालन-पोषण के टिप्स और स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण के महत्व पर आधारित होते है।
  8. हर साल मेडिसिन बैंक चलाना (Medicine Bank)
  9. वह 2015 में भूकंप के दौरान नेपाल गए थे जहाँ उन्होंने जरुरतमंदो की सहायता की।
    10.जहां कोरोनकाल में सब लोग एक दूसरे से दूरी बनाए हुए थे वही गरीबों व मजदूरों को भर पेट भोजन भी नही मिल पा रहा था वो कहीं आ जा नही सकते थे किसी से मदद नही ले सकते थे वही रविंदर जी अपनी जान की परवाह किए बिना Covid19 महामारी के दौरान जरूरतमन्दो को सूखे राशन का वितरण कर रहे थे।

रविंदर सिंह को 4 मार्च को पटना में * यंग इंडिया चेंज मेकर्स अवार्ड * दिया गया व 15 मार्च 2020 को जयपुर में ICF GLOBAL EXCELLENCE AWARD से नवाजा गया। रविंदर सिंह ने वो कथन सिद्ध कर दिया कि यदि आप किसी भी काम को पूरी शिद्दत से करना चाहो तो पूरी कायनात उन्हें तुमसे मिलाने की साजिश करती है। भगवान का साथ और उनके प्रति आस्था से रविंदर सिंह ने हर वो कार्य किया जो कभी कभी असंभव सा लगता है और अभी भी अपने काम मे पूरी ईमानदारी से लगे हुए है वह हम सबके लिए प्रेरणा है जिन्होंने मानवता की मिसाल पेश की है सच मे रविंदर सिंह हम सभी लोगो को बहुत प्रभावित करते है व प्रेरणा देते है और वंचितों की मदद करने का हौसला भी देते है। हम आपके प्रयासो की सराहना करते है और आप के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते है।

Anu Gangwal
दिल्ली विश्वविद्यालय से एम ए और ट्रांसलेशन कर चुकी है अनु साहित्य में विशेष रुचि रखती हैं। इनकी रचनाएँ विभिन्न पत्र पत्रिकाओं तथा वेबसाइटों पर प्रकाशित होती रहती हैं। वर्तमान में फ्रीलांसर राइटर, एडिटर, प्रूफरीडर तथा ट्रांसलेटर का कार्य कर रही हैं।

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