Monday, November 30, 2020

गरीबी के कारण पढाई छोड़नी पड़ी दूसरों के घर साफ सफाई किये, अब खुद का बिज़नेस शुरू कर 30 करोड़ के मालिक बन चुके हैं

अपने परिश्रम से सफलता हासिल करना हमारे देश के व्यक्तियों को बखूबी आता है। कई लोग मेहनत कर तकदीर की लिखी बात को सफलता में परिवर्तित कर देते हैं। आज की यह कहानी ऐसे शख्स की है जिन्हें अब किसी परिचय की जरूरत नहीं है। लेकिन पहले यह सफाई का कार्य किया करते थें और अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए। परन्तु आज वह 1 या 2 नहीं बल्कि 30 करोड़ के मालिक हैं। आईए जानते हैं उनकी सफलता और संघर्ष की कहानी।

रेणुका अराध्य

50 वर्षीय रेणुका अराध्य (Renuka Aradhya) बेंगलुरू (Bengaluru) के एक गांव गोपसन्द्रा से संबंध रखने वाले हैं। उनका जीवन संघर्ष भरा रहा है। वह अपने गांव में पिता के साथ भीख मांगते और जीवन गुजारते। उनका जन्म पुजारी परिवार में हुआ तो सही लेकिन घर की आर्थिक स्थिति इतनी खराब कि बताया नहीं जा सकता।

Renuka Aradhya

दूसरों के घर की नौकरी

जब यह थोड़े समझदार होने लगे तब पढ़ाई शुरू की। लेकिन घर की स्थिति के कारण उन्हें पढ़ने में दिक्कत होती थी। उन्होंने दूसरों के घर में काम करना शुरू किया और तब पढ़ाई किया। जब उनकी दसवीं तक की शिक्षा सम्पन्न हुई तब यह मंदिर में काम करने लगे। इसके अतिरिक्त उन्होंने एक बुजुर्ग व्यक्ति की सेवा अपने जिम्मे लिया और देखभाल करने लगे।

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पिता का हुआ निधन

वह आगे पढ़ना चाहते थे तब वह शहर के आश्रम में भेजे गए। लेकिन आश्रम की स्थिति भी इस कदर थी कि उन्हें 2 वक्त की रोटी के लिए दिक्कत होती। एक कहावत है “पेट मे रोटी नहीं तो प्रभु का नाम भी नही लिया जाता” तो उसमें रेणुका पढ़ाई कैसे करते। वह अपनी पढ़ाई अच्छी तरह से नहीं कर सके और परीक्षा में असफल रहे। जब वह घर आए तब उनके पिता का निधन हो गया जो कि बहुत दुःखद था। अब उन पर घर-भार का जिम्मा आ गया।

Renuka Aradhya

गार्ड की नौकरी और अन्य कार्य

घर सम्भालने के लिए उन्होंने कम्पनी में नौकरी की। उन्होंने यह कार्य 1 साल किया और फिर प्लास्टिक एवं बर्फ निर्मित कम्पनी में नौकरी करने लगे। फिर वह बैग की ट्रेंडिंग कम्पनी में भी नौकरी किया। अब उन्होंने खुद के व्यवसाय का निश्चय किया और सूटकेस कवर का व्यापार का शुभारंभ किया। दुर्भाग्यवश उन्हें उसमें असफलता मिली और वह 30 हजार रुपये के घाटे में चले गए।

आगे उन्होंने गार्ड का नौकरी कीइ लेकिन कुछ दिनों कर उसे छोड़ दिया। अब वह कार ड्राइविंग का निश्चय कर कुछ रुपये कर्ज लिये और यह कार्य शुरू किया। अब उनकी मेहनत ने उनका भाग्य बदल दिया और वह सफल हुए।

संघर्ष से सफलता की यात्रा करने वाले रेणुका अराध्य को The Logically सलाम करता है।

Khusboo Pandey
Khushboo loves to read and write on different issues. She hails from rural Bihar and interacting with different girls on their basic problems. In pursuit of learning stories of mankind , she talks to different people and bring their stories to mainstream.

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