Thursday, October 28, 2021

पिछले 5 वर्षों से कर रही हैं आर्गेनिक खेती, सलाना 10 लाख के आमदनी के साथ ही अनेकों लोगों को सीखा रही हैं तरीका

अभी भी कुछ लोगों के मन में विचार आता है कि कृषि पुराने जमाने की बात है। इसमें अब सम्भावनाएं नहीं रही। इसके बावजूद भी कई लोगों ने यह साबित कर दिखाया है कि खेती में आज भी रोजगार के साथ-साथ अच्छी आमदनी भी है। खेती की बात हो तो पुरूष किसान के बारे में अधिक सुनने को मिलता है जैसे कृषि कार्य में पुरूष की एक छवि बन गई हो। लेकिन महिला भी कृषि कार्य में पुरुषों से कम नहीं हैं। और तो और आजकल तो कई महिलाएं खुद के दम पर सफलता प्राप्त कर रही हैं। वह साबित कर रही हैं कि वे भी खेती कर के अच्छी कमाई कर सकती हैं।

आज हम अपको ऐसी ही एक महिला किसान के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके दादाजी ने यह कहकर खेती करने से मना कर दिया था कि वह इस काबिल नहीं है। इसके बावजूद भी महिला ने साबित कर दिया कि वह भी खेती कर सकती है और फिर कर के दिखाया भी। आज वह 10 लाख रुपये की आमदनी भी कमा रही हैं। उस महिला किसान ने कृषि क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। आइए जानते हैं उस महिला के बारे में तथा उनकी खेती के बारे में।

Saniha harish farming

सनिहा हरीश (Saniha Harish) कर्नाटक (Karnataka) के मैसूर की रहनेवाली हैं। वह पिछ्ले 5 वर्षों से अपने शहर में जैविक खेती कर रही हैं। उन्हें प्रतिवर्ष लाखों रुपये की आमदनी भी होती है। लेकिन सनिहा की खेती करने की राह सरल नहीं थी। सनिहा ने बताया कि, उनके पास अधिक जमीन थी, और वे बचपन से ही खेती करना चाहती थी। परंतु उनके दादाजी को लगता था कि वे खेती करने योग्य नहीं है। अपने दादाजी के बात को सनिहा ने एक चुनौती के रूप में लिया। स्कूल की शिक्षा खत्म होने के बाद सनिहा ने जेएसएस कॉलेज मैसूर से एग्रीकल्चर से B.SC में दाखिला करवाया। उसके बाद उन्होंने छोटे स्तर पर आधुनिक खेती की शुरुआत की।

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वह बताती हैं कि आरंभ के दिनों में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उपज की सही कीमत नहीं मिल रही थी। लेकिन सनिहा ने अपने कदम पीछे नहीं हटाए और अपने हौसले के साथ आगे बढ़ती रहीं। वर्तमान में वह 11 एकड़ की भूमि पर मिश्रित खेती कर रही हैं। इसके अलावा सनिहा का 1 हजार वर्ग फीट का एक टेरेस गार्डेन भी है, जहां सब्जियां और औषधीय पौधों की खेती की जाती है।

plant

सनिहा 100 से अधिक फलों, सब्जियों और औषधीय पौधों की खेती करती हैं। उदाहरण के लिए टमाटर, गोभी, मिर्च, स्ट्रॉबेरी, बीन्स, प्याज, लहसुन, नींबू, केला, लेमन ग्रास, मशरुम और अदरक आदि। सनिहा को इन सभी की खेती से प्रत्येक वर्ष 10 लाख रुपये की कमाई होती है।

सनिहा के काम में उनके पति काफी सहायता करते हैं। पिछ्ले वर्ष नवंबर के माह में उन्होंंने एक मशरुम ट्रेनिंग सेंटर खोला। उस सेंटर में वर्तमान में 35 किसान प्रशिक्षण लेते हैं। इसके अलावा उन्होंने एक इंस्टाग्राम पेज भी बनाया है जहां लोग गार्डनिंग के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण सवाल पूछते हैं। सनिहा के कार्यों से प्रेरित होकर उनके पड़ोसी भी कृषि कार्य करना आरंभ कर दिए हैं।

खेती की शुरुआत कैसे करें।

इस बारें में सनिहा कहती हैं कि, आरंभ हमेशा कम बजट और कम समय में तैयार होने वाले पौधे से करनी चाहिए। इससे खेती करने के बारे में नए अनुभव मिलेंगे। आरंभ के 1-2 वर्ष परेशानी हो सकती है लेकिन आनेवाले समय में दिक्कतें नहीं होंगी।

Saniha harish farming

किस तरह के पौधे से शुरूआत करें

यदि कोई पहली बार खेती कर रहा है तो उसे गोभी, टमाटर, मिर्च और बीन्स जैसी पौधों से शुरुआत करनी चाहिए।

बागवानी के लिये मिट्टी बनाने की विधि

सनिहा ने मिट्टी तैयार करने के बारे में बताया कि हर फसल के बाद गोबर, किचन वेस्ट आदि से बनाया हुआ जैविक उर्वरक का प्रयोग करना चाहिए। इसके प्रयोग से मिट्टी में लगे कीट को खत्म करने में सहायता मिलेगी। इसके बाद मिट्टी को बैग में डालकर खेती कार्य शुरु करना चाहिए।

छत पर बागवानी करना है आसान।

छत पर गार्डनिंग करने के बारें में सनिहा ने बताया कि, इसका कोई नुकसान नहीं है। सिंचाई के पानी का कहीं से रिसाव न हो इस बात का ध्यान रखना चाहिए।

गार्डनिंग के लिए कम कीमत में संसाधनों की पूर्ति

सनिहा कहती हैं कि कम लागत में संसाधनो की पूर्ति के लिए पौधे लगाने हेतु घर पर पड़े पुराने डिब्बों व बरतनों आदि का प्रयोग करना चाहिए तथा खाद के लिए किचेन वेस्ट समान जैसे सब्जियों के छिलके, दाल-चावल का धुला हुआ पानी इत्यादि का प्रयोग करना चाहिए।

सिंचाई करने की विधि

फसलों की सिंचाई करने के बारे में सनिहा बताती है कि छत पर लगे पौधों की सिंचाई बाल्टी और मग से किया जा सकता है। लेकिन जमीन पर लगे फसल की सिंचाई के लिए ड्रिप इरिगेशन विधि का प्रयोग करना चाहिए।

बागवानी करने का सही समय।

सनिहा कहती हैं कि, बागवानी के लिए जून-जुलाई का माह बहुत अच्छा होता है। इस समय सिंचाई की चिंता नहीं होती है। इसके अलावा इस मौसम में गर्मी की अपेक्षा मिट्टी में कीड़े कम लगते हैं।

पेड़-पौधों की देखभाल कैसे करें

पेड़-पौधों की देखभाल करने के लिये जैविक उर्वरकों का प्रयोग करना चाहिए। यदि पौधे में किट लग रहें है तो नीम के तेल का स्प्रे करना चाहिए। इसके साथ ही पौधे को 4-5 घंटे प्रतिदिन धुप दिखाना चाहिए।

Saniha harish farming ideas

पेड़-पौधों के पोषण के लिये घरेलू नुस्खे

सनिहा ने बताया कि पेड़-पौधे के पोषण के लिए वर्मी कम्पोस्ट, गाय के गोबर से बना हुआ ऑर्गेनिक उर्वरकों का इस्तेमाल करना चाहिए। यदि कोई खाद नहीं बना सकता है तो वह किचन वैस्ट को पिस कर सीधे मिट्टी मे मील दें, इससे मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ेगी।

सनिहा आगे कहती है कि, जैविक खेती आवश्य करे। आजकल सभी रसायन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कर रहें है, जिससे हम सभी का स्वास्थ्य बेहद प्रभावित हो रहा है, तरह-तरह की बीमारिया जन्म ले रही है। इन सभी बीमारियों से बचने के लिये घर में सब्जियां उगाने का प्रयास करे। जैसे टमाटर, मिर्च, लहसुन आदि।

The Logically सहिना हरीश को उनकी सफल खेती के लिए बधाई देता है तथा अपनी खेती से दूसरों को प्रेरित करने हेतु उनकी सराहना करता है।