Sunday, June 26, 2022

40 पौधे से की गई शुरूआत आज 400 पौधे तक पहुंच गया है, मिलिए बेहद सफल गार्डेनर शशिमनचंदा से

बीते कुछ वर्षों से गार्डेनिंग के प्रति लोगों में काफी क्रेज देखने को मिल रहा है। अपने आवश्यकतानुसार लोग अपने खाने योग्य फल तथा सब्जियों को अपने टेरेस गार्डन, होम गार्डन, किचन गार्डन या बालकनी में तैयार कर रहे हैं। गार्डेनिंग से जुड़े आज के हमारे इस लेख में आप एक ऐसी महिला से मिलेंगे जिन्होंने अपने छत को टेरेस गार्डन (Terrace garden) में तब्दील किया है। उनके टेरेस गार्डन में लगभग 400 तक पौधे लगे हुए हैं। जिसकी शुरूआत उन्होंने मात्र 40 पौधों से की थी और इन्हें अपने छत पर लगाया था। आज वह इसमें सफलता हासिल कर अन्य लोगों के उदाहरण बन चुकी हैं।

इस लेख के अलावा आपके समक्ष एक वीडियो भी साझा किया जा रहा है जिसकी मदद से अगर आप भी चाहें तो अपने छत पर गार्डेनिंग करना सीख सकते हैं।

वह महिला शशिमनचंदा (Shashiman Chanda) हैं जो गुड़गांव (Gurugram) से ताल्लुक रखती हैं। उन्होंने अपने टेरेस गार्डन की शुरुआत वर्ष 2019 के 19 नम्बर में की थी जो आज सफल हो चुका है। वैसे तो वह गार्डेनिंग किया करती थीं लेकिन वह ऑर्नामेंटल प्लांट भी लगाई हैं, लेकिन उन्होंने वर्ष 2019 में अपने छत पर वेजिटेबल उगाना प्रारंभ किया। वेजिटेबल गार्डेनिंग के लिए उन्होंने ट्रेनिंग लिया है तब जाकर वह इसमें सफल हुई हैं। -Terrace gardening from Gurugram by Shashiman Chanda

उन्होंने अपने वेजिटेबल गार्डन में सभी प्रकार के सब्जियों को उगाया है। उन्होंने अपने छत पर गिलोय, तोरी, घीया, बैंगन, गिलोय, पपीता, करेला आदि को उगाया है। उनका यहां एक हेल्पर भी है जो हर कार्य में उनकी मदद करता है। वह बीजों से सब्जियों का पौधा तैयार करती हैं। जैसे ही सर्दियों का मौसम प्रारम्भ होता है वह मिट्टी का निर्माण कर बीज की बुआई करती है। सर्दियों के मौसम में वह टमाटर, पालक मिर्च आदि को उगाती हैं। उनके गार्डन में आपको एक बुलेट मिर्चा का पौधा मिलेगा जो काफी ज्यादा तीखा होता है और अधिक फल भी देता है। -Terrace gardening from Gurugram by Shashiman Chanda

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  • विभिन्न प्रकार के पौधे

इस बुलेट मिर्च की साइज छोटी होती है। ये देखने में छोटी है लेकिन इसका तीखापन सब्जियों को तीखा कर देता है। इस मिर्च के बीज उनकी एक मेड गांव से लाकर उन्हें दी थी। उन्होंने अपने टेरेस गार्डन (Terrace garden) में शकरकंदी भी उगाया है जो अच्छा परिणाम दिया है। इसके अतिरिक्त उन्होंने अपने छत पर फूलों, बेसिल तथा तुलसी, सदाबहार, समी का पौधा भी लगाया है। -Terrace gardening from Gurugram by Shashiman Chanda

वीडियो यहाँ देखें:-👇👇

इसके अतिरिक्त उन्होंने यहां, भिंडी, पोई साग को भी उगाया है। साथ ही उन्होंने चाइना ऑरेंज तथा ककड़ी भी उगाई है। वह बताती हैं कि उनका ककड़ी अच्छा ग्रोथ किया और पौधे से अच्छे फल भी मिलें। अब तक आपने सुना होगा कि लोबिया की खेती में लोग कठिन से सफलता हासिल करते हैं। लेकिन शशि ने भी अपने टेरेस गार्डन (Terrace Garden) में लोबिया को भी उगाया है जिसकी वह हार्वेस्टिंग भी कर चुकी हैं और आगे ये हार्वेस्टिंग के लिए तैयार भी है। उनके गार्डन में आपको 1 वर्ष पुराना बैंगन का पौधा भी मिलेगा जो अच्छा फल देता है। उनके गार्डन में आपको अच्छा-खासा करेले का पौधा भी मिलेगा जो अधिक फल देता है। -Terrace gardening from Gurugram by Shashiman Chanda

  • गार्डेनिंग के लिए तीन चीजें हैं महत्वपूर्ण

वह बताती हैं कि किसी गार्डेनिंग के लिए तीन चीजें महत्वपूर्ण होती हैं। सीड्स, सैंपलिंग और सीजन। वह बताती हैं कि मैं हमेशा मौसम को ध्यान में रखकर बीज की बुआई करती हूं। शुरुआत में मुझे थोड़ी परेशानियां हुईं थीं लेकिन धीरे-धीरे हर चीज की समझ आ गई। अब हम से जान चुके हैं कि कब किस पौधे को कौन सी चीज की जरूरत है। जैसे, मिट्टी को बदलना, सिंचाई और उर्वरक तथा कीटनाशक दवाओं का छिड़काव। -Terrace gardening from Gurugram by Shashiman Chanda

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  • ग्रो बैग में लगाया है पौधा

उन्होंने अपनी गार्डेनिंग के लिए प्रवीण मिश्रा से प्रशिक्षण लिया है और वह इतनी अच्छी गार्डेनर बन चुकी हैं कि अन्य लोग उनसे प्रेरणा लेते हैं। उन्होंने अपने बगीचे में जो पौधे लगाए हैं वह पहले उसका बीज जर्मीनेशन करती हैं और आगे इन्हें ग्रो बैग ने ट्रांसप्लांट करती है। बीज जर्मीनेशन के लिए वह प्लास्टिक के टप का उपयोग करती हैं और जब ट्रांसप्लांट करना हो तो उसे ग्रो बैग में ले जाती हैं। -Terrace gardening from Gurugram by Shashiman Chanda

आगे इसका समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है और ध्यान रखा जाता है। आप देख सकते हैं कि किस तरह शशि का छत हरियाली से भरा हुआ है और यहां कितने पौधे लगे हुए हैं। कुछ पौधे फल दे रहें हैं तो कुछ फूल तो वही कुछ अब फल के लिए तैयार किए जा रहे हैं। –Terrace gardening from Gurugram by Shashiman Chanda