Friday, February 3, 2023

उस दिलेर महिला पायलट की कहानी जिसने रूस-यूक्रेन युद्ध के वक्त 249 स्टूडेंट्स को सुरक्षित वापस लाई

आम लोग भी अपनी मेहनत और हौसले से खास बन जाते हैं। कुछ ऐसे ही कहानी है कैप्टन शिवानी कालरा (Captain Shivani Kalra) की। कुछ दिन पहले तक तो वह एक आम फ्लाइट कैप्टन थी, परंतु रूस और यूक्रेन के युद्ध के दौरान वह भारतीय छात्रों को वापस लाने का ऑपरेशन गंगा में शामिल हुई थी और तब से वह एक प्रसिद्ध फ्लाइट कैप्टन के रुप में जानी जा रही हैं। आज हम आपको कैप्टन शिवानी के जीवन से जुड़ी कुछ ऐसी बातें बताएंगे, जिसके बारे में बहुत ही कम लोग जानते होंगे। – Captain Shivani’s Kalra from Delhi got involved in Operation Ganga and brought 249 students safely to their country.

बचपन में ही कर चुकी थी पायलट बनने का फैसला

कैप्टन शिवानी बचपन में ही यह तय कर चुकी थी कि वह बड़ी होकर पायलट ही बनेगी। वह चाहती थी कि वह बड़ी होकर आसमान की सैर करे, बादलों को पास से देखे। खास बात यह है कि शिवानी बड़ी होकर अपने बचपन के इस सपने को पूरा भी की और आज वह एयर इंडिया में कैप्टन के तौर पर काम कर रही हैं। हाल ही में चल रहे रूस और यूक्रेन के युद्ध में भारत ने छात्रों को वापस बुलाने के लिए ऑपरेशन गंगा चलाया, जिसमें शिवानी अकेली ऐसी महिला थी जो 249 छात्रों को सुरक्षित अपने देश लेकर आई।

शिवानी अपनी पर्सनल लाइफ और स्टाइल को लेकर भी काफी मशहूर है

शिवानी के अनुसार उन्हें लाइसेंस मिलने के बाद भी आठ साल तक जॉब नहीं मिला था। ऐसे में वह इवेंट्स में काम करती रहीं और ट्रेनिंग के लिए लिया गया लोन दे रही थी। शिवानी ना केवल अपने कार्य को लिए बल्कि पर्सनल लाइफ में और स्टाइल और फैशन के लिए भी काफी फेमस हैं। अब तक कई युवाओं को कैप्टन शिवानी की लाइफ स्टोरी से मोटिवेशन मिल चुका है। बता दें कि शिवानी दिल्ली की रहने वाली हैं, लेकिन वह एक पंजाबी फैमिली से ताल्लुक रखती हैं। 12 पास करने के बाद वह एक लोकल टीवी न्यूज चैनल के लिए न्यूज रीडिंग करती थी। शिवानी बताती हैं कि मैं कॉमन फील्ड में नहीं जाना चाहती थीं।

शिवानी के पिता ने बेटी के लिया 35 लाख का लोन

शिवानी के पापा ने उन्हें दो ऑप्शंस दिया, जिसमें वह आगे बढ़ सकती थीं। इनमें से एक था मीडिया इंडस्ट्री और दूसरा उनके बचपन का सपना पायलट बनना। शिवानी अपने बचपन के सपने को अहमियत देते हुए पायलट बनने का फैसला की, जिसमें उनके परिवार ने भी उनका पूरा साथ दिया। शिवानी एक पढ़े-लिखे परिवार से हैं, जिसमें उनकी मां स्कूल में टीचर है और उनके पिताजी जनरल मैनेजर। पायलट बनने के लिए उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती थी पैसा क्योंकि इसके लिए बहुत पैसों की जरूरत थी। इस दौरान उनके पिता ने बेटी के सपने को पूरा करने के लिए 35 लाख तक का लोन ले लिए।

लाइसेंस लेने के बावजूद करना पड़ा 8 साल तक इंतजार

शिवानी बताती हैं कि मैं लाइसेंस लेने के समय काफी खुश थी क्योंकि उसके बाद मैं ऑफिशिअली प्लेन उड़ा सकती थी, लेकिन लाइसेंस मिलने के बाद उन्हें उनका हक़ नहीं मिल पाया। उस दौरान एविएशन इंडस्ट्री के लोगों की जॉब जाने लगी, जिससे उन्हें नौकरी नहीं मिली। अब चिंता था लोन कैसे चुकाएंगे? शिवानी बताती हैं कि वह समय मेरे लिए बहुत मुश्किल से भरा था क्योंकि इतनी बड़ी रकम का लोन चुकाना और जॉब भी ना मिल पाना बहुत बड़ी समस्या थी। ऐसे में वह इवेंट का काम कर अपना लोन चुकाने लगी। अक्सर 10-12 घंटे ईवेंट में खड़े होकर काम करने के बाद उन्हें केवल एक हज़ार रुपया मिलता था। – Captain Shivani’s Kalra from Delhi got involved in Operation Ganga and brought 249 students safely to their country.

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ऑपरेशन गंगा में किया गया शिवानी को शामिल

आठ साल बाद वह दिन आया जब एयर इंडिया ने पायलट की वैकेंसी निकाली। 2016 में शिवानी एयर इंडिया का एग्जाम और इंटरव्यू क्लियर की। उसके बाद 2 साल का ट्रेनिंग पूरा करके साल 2018 में वह पायलट के रूप में एयर इंडिया में शामिल हो गई। जब उनके पापा ने यह जाना तो वह खुशी से उन्हें गले लगाया और गोदी में उठाकर सारे घर में घुमाया। साल 2018 से शिवानी एयरइंडिया में बतौर पायलट जॉब कर रही हैं। कैप्टन शिवानी बताती है कि ऑपरेशन गंगा के दौरान उनके सीनियर्स ने उन्हें कॉल करके पूछा कि क्या आप ऑपरेशन गंगा का हिस्सा बनना चाहती हैं। ऐसे में शिवानी बिना कुछ सोचे हां कर दी। यह चुनौतीपूर्ण फैसला था क्योंकि उस दौरान यूक्रेन और रूस की लड़ाई अपने चरम पर थी।

शिवानी बताती है कि उनके इस फैसले में उनके पेरेंट्स ने भी उनका साथ दिया। हालांकि माता-पिता होने के नाते उन्हें टेंशन जरूर था, लेकिन उनका कहना था कि ‘तुम केवल स्टूडेंट्स को वापस नहीं ला रही हो बल्कि परिवार के लोगों को उनसे मिलाने के लिए जा रही हो। जाओ और सुरक्षित वापस आओ’। इस ऑपरेशन के दौरान शिवानी की टीम में 15 लोग थे, जिसमें 5 पायलट, 7 केबिन क्रू और 3 इंजीनियर थे। शिवानी बताती हैं कि जब हम यूक्रेन पहुंचे तो वहां मौजूद छात्रों के चेहरे पर एक उम्मीद की किरण नजर आई। ऐसे में उन्होंने छात्रों को इस बात का भरोसा दिलाया कि वह सही सलामत अपने घर जरूर पहुंचेंगे। जब वह बुडापेस्ट से दिल्ली वापस आए तो वहां मौजूद हर शख्स ताली बजा रहा था।

शिवानी की सोशल मीडिया पर 6 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स

शिवानी बताती है कि जब हमलोग स्टूडेंट्स को सही सलामत भारत लेकर लौटे तो उनकी फैमिली में उन्हें काफी दुआएं दी। कैप्टन शिवानी की सोशल मीडिया पर फैशन और ब्युटी कंटेंट को लेकर काफी फैन फॉलोइंग है। बता दें कि उनके इंस्टाग्राम पर करीब 6 लाख फॉलोवर्स हैं। शिवानी कहती हैं कि मुझे यह यूनिफॉर्म काफी अट्रैक्टिव लगती थीं इसलिए मैं ऐसी जॉब में जाना चाहती थी, जहां मुझे यूनिफॉर्म पहनने का मौका मिले लेकीन पर्सनल लाइफ की बात करें तो मुझे स्टाइलिश और मॉडर्न ड्रेस पहनना ज्यादा पसंद है। शिवानी कहती है मेरा कोई खास डिजाइनर नहीं है, लेकिन मुझे फैशन की सेंस हैं इसलिए मुझ पर हर ड्रेस अच्छी लगती है। मैं हमेशा कलर कॉम्बिनेशन, एसेसरीज, ज्वेलरी आदि को मैच करके पहनती हूं, जिससे किसी भी ड्रेस में बेहतर लुक मिल सके।

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शिवानी खुद को रखती हैं बिल्कुल फिट

कैप्टन शिवानी बताती हैं कि मेरी जॉब में फिटनेस काफी अहमियत रखती हैं। ऐसे में कभी उन्हें जिम जाने का समय नहीं मिलता तो वह घर पर ही सारा एक्सरसाइज करती हैं। इसके अलावा ड्यूटी के दौरान घर या पर्सनल सारी परेशानियों को छोड़कर माइंड बिल्कुल फ्रेश रखना पड़ता है। हर साल उन लोगों का मेडिकल टेस्ट होता है, जिसमें फिजिकल फिट होना काफी जरुरी होता है। शिवानी जिम जाने के साथ है अपनी डाइट का खास ख्याल रखती हैं। बता दें कि डाइट में वह हेल्दी फूड्स और सलाद का सेवन करती हैं। इसके अलावा शिवानी प्रोटीन फूड भी लेती हैं। शिवानी की सफलता की कहानी हर उस युवा को प्रेरित करती है, जो धैर्य खो कर सफलता का इंतजार नहीं कर पाते। – Captain Shivani’s Kalra from Delhi got involved in Operation Ganga and brought 249 students safely to their country.