Tuesday, May 24, 2022

प्लेटफॉर्म पर चाय बेचने वाले इस सख्स ने बनाया इडली को ब्रांड, आज 2000 तरीकों से इडली बनाकर बने “इडली मैन”

स्वाद से भरपूर इडली (Idli), दक्षिण भारत का मुख्य व्यंजन है, लेकिन वर्तमान में यह भारत समेत पूरे विश्व में काफी प्रसिद्ध है। इसकी लोकप्रियता इतनी अधिक है कि इसे दुनिया भर में एक दिवस के रूप में मनाया जाता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इसे इडली मैन से मशहूर एनियावान (Idli Man Eniyavan) के जन्मदिवस के उपलक्ष में 30 मार्च को सेलीब्रेट किया जाता है। इसी क्रम में चलिए जानते हैं इनके बारें में विस्तार से-

कौन है एनियान?

एनियावान (Eniyavan) का जन्म तमिलनाडू (Tamilnadu) के कोयंबटूर (Coimbatore) में हुआ था और वहीं पले-बढ़े थे। इनकी जिंदगी के किस्से काफी प्रेरणादायक है। उनके जीवन में एक समय ऐसा था, जब आर्थिक स्थिति दयनीय होने की वजह से उन्हें कभी ऑटो रिक्शा चलाना पड़ा तो कभी रेलवे प्लेटफॉर्म पर लोगों को चाय पिलाने का काम किया। शुरु से ही इनका व्यवहार काफी मिलनसार, सरल और खुशमिजाज था, जिसके कारण जो भी उनसे मिलता था वह पहली बार में ही काफी प्रभावित हो जाता था।

एक औरत ने बदल दी जींदगी

सभी के जीवन में एक समय ऐसा आता है जब जिंदगी अपना रुख बदलती है। एनियावान (Eniyavan) के जीवन में भी ऐसा समय उस वक्त आया, जब वे रेलवे प्लेटफॉर्म पर चाय पिलाने का काम करते थे। उसी दौरान चंद्रा नामक महिला जो इडली बेचती थी, से उनकी मुलाकात हुई। उन्होंने उस महिला के साथ काम करने में रुचि जताई और इडली बनाना सीखा। फिर क्या था, उनके जीवन में बदलाव आना शुरु हो गया और उनकी एक अलग कहानी शुरु हुई।

यह भी पढ़ें :- गर्मी में पक्षियों को बचाने के लिए इन युवाओं ने शुरू की मुहिम, बिना रूके हर रोज दे रहे पानी और दाना

इडली को अधिक-अधिक लोगों तक पहुंचाने का किया फैसला

इडली कैसे बनाते हैं यह सीखने के बाद एनियावान ने फैसला किया कि, वे इस व्यंजन को अधिक-से-अधिक लोगों तक पहुंचाएंगे। इसकी शुरुआत उन्होंने वर्ष 1997 में दो इडली मेकिंग बॉक्स (Idli Making Box) के साथ चेन्नई से की। हालांकि, अनेकों लोगों तक इस डिश को पहुंचाना बहुत मेहनत भरा काम था, फिर भी वे इस काम में लगे रहे। लोगों के बीच इस डिश को लोकप्रिय बनाने के लिए होटल से बढ़िया जगह कोई और नहीं हो सकता था, क्योंकि यह एक ऐसी जगह होती है जहां रोजाना अनेकों लोग आते-जाते रहते हैं। एनियावान (Eniyavan) भी इस काम के लिए होटलों का चयन किया और प्रतिदिन इडली बनाकर वहां पहुंचाने लगे।

हार न मानकर बढ़ते रहे आगे

इस काम की शुरुआत में एनियावान (Idli Man Eniyavan) के सामने अनेकों कठिन चुनौतियां सामने आ रही थीं, उन्हें कई रातें प्लेटफॉर्म पर ही गुजारनी पड़ी। इसके बावजूद भी उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने अपने काम में पूरी लगन और निष्ठा से लगे रहे, परिणामस्वरुप धीरे-धीरे उनके बिजनेस का विस्तार होना शुरु हो गया। किसी ने सही कहा है यदि मेहनत और लगन से कुछ किया जाए तो सफलता जरुर मिलती है।

Story of idli man eniyavan
Eniyavan, idli man of India

चेन्नई में खोला अपना पहला रेस्टोरेंट

एनियावान ने चेन्नई में अपना पहला रेस्टोरेंट खोला जिसका नाम “मल्लीपू इडली” (Mallypu Idli Restaurant) रखा। वर्तमान में यह रेंस्त्रा सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विश्व के कई देशों में काफी प्रसिद्ध है। भारतीयों के लिए बहुत ही गर्व की बात है कि एक भारतीय डिश को विश्वभर के लोग बेहद पसंद से खाते हैं। एनियावान द्वारा चेन्नई में खोला गया यह मशहूर रेस्टोरेंट (Mallypu Idli) की खास बात यह है कि, यहां तकरीबन 2 हजार से अधिक प्रकार का इडली बनाया जाता है, जिसकी खोज एनियावान ने ही की है। इसकी यही विशेषता ही इसे बाकियों की तुलना में खास बनाती है, जिससे यह देश समेत विश्व में भी काफी प्रसिद्ध है।

इस वजह से 30 मार्च को मनाया जाने लगा विश्व इडली दिवस

एनियावान ने अपने इस सफर में 30 मार्च 2015 को लगभग 44 kg वजन का केक और इडली के 1328 प्रकार बनाया। यह दिन उनके जीवन का एक ऐसा दिन थी, जिससे उन्हें विश्व भर में एक अलग पहचान मिली। इस कारनामे के बाद से ही 30 मार्च की “विश्व इडली दिवस” (World Idli Day) के रूप में मनाया जाने लगा। उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि उनकी जिंदगी में कभी ऐसा मुकाम भी आएगा, वाकई यह दिन बेहद खास था।

यह भी पढ़ें :- पिता को हुई कैंसर की बीमारी से मिली सीख, अब जैविक खाद बनाने का काम शुरू कर लाखों रुपये महीने में कमा रहे हैं

250 से अधिक अवार्ड्स से हो चुके हैं सम्मानित

अभी तक उन्हे 250 से अधिक अवार्ड्स से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा उन्हें इनोवेशन के लिए “अव्वल विक्कटन यम्मी पुरस्कार” और “लाइफटाइम एचीवमेंट पुरस्कार” समेत अन्य कई मशहूर सम्मान से भी सम्मानित हो चुके हैं। उन्हें “वर्ल्ड बुक ऑफ इंडिया अवार्ड” से भी पुरस्कृत किया जा चुका है। वास्तव म इतने सारे पुरस्कार से सम्मानित होना बहुत गर्व की बात है। अब वे प्रतिवर्ष 30 मार्च को विभिन्न प्रकार की इडली बनाते हैं।

युवाओं के लिए हैं प्रेरणास्त्रोत

एनियावान (Idli Man Eniyavan) ने जिस प्रकार अपने जीवन में आनेवाली सभी समस्याओं जैसे, पहले ऑटोरिक्शा चलाया, फिर चाय बेची, का डटकर सामना किया और आगे बढ़ते रहें, इससे युवाओं को शिक्षा लेनी की जरुरत है। आज कई युवा हार मानकर गलत कदम उठा रहे हैं, ऐसे में उन्हें इडली मैन एनियावान से प्रेरणा लेनी चाहिए।