Saturday, July 31, 2021

भगवान शिव जी की सबसे प्राचीन ज्योतिर्लिंग है सोमनाथ ! यहां भक्तों में होता है आस्था का अविरल प्रवाह !

भगवान शिव के धामों का नाम आए और सोमनाथ मंदिर का नाम पीछे रहे या गौण हो यह हो हीं नहीं सकता । अपने गौरवपूर्ण इतिहास को समेटे यह तीर्थ स्थल भक्ति भाव में हमेशा सराबोर रहता है ।

भगवान शिव जी कृपा के कारण भक्तों का यहाँ आना लगातार जारी रहता है । सावन के महीने भक्तों की भीड़ बहुत ज्यादा हो जाती है । सोमनाथ मंदिर भारत के बारह ज्योतर्लिंगों में से एक प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग हैं। सोमनाथ ज्योतिर्लिंग को भारत का पहला ज्योतिर्लिंग कहा जाता है। यह बेहद प्राचीन मंदिर है । वैभवशाली इतिहास होने के कारण कई बार इस मंदिर को अलग-अलग राजाओं ने पुनर्निर्माण किया !

यह गुजरात के काठियावाड़ क्षेत्र में स्थित है। सोमनाथ मंदिर के वर्तमान भवन का निर्माण महान स्वतंत्रता सेनानी व भारत के तत्कालीन गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल जी ने करवाया था। सोमनाथ मंदिर के दर्शन के लिए हजारों के भीड़ में श्रद्धालु लोग देश- विदेश से आते हैं। सोमनाथ मंदिर प्रतिदिन सुबह 6 बजे से लेकर रात्रि 9 बजे तक खुला रहता है। सोमनाथ मंदिर में भगवान शिव की ज्योतिर्लिंग की पूजा- अर्चना होती है। यहां दिन भर में तीन बार आरती की जाती है। सुबह 7 बजे, दोपहर 12 बजे और शाम 7 बजे आरती होती है। इस मंदिर के पास से तीन नदियां हिरण, कपिला और सरस्वती का महासंगम होता है।

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सोमनाथ मंदिर दुनियां के सबसे अमीर मंदिरों में से एक है। इस मंदिर में एक कुंड भी है। जिसे सोमकुंड कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस कुंड में स्वयं भगवान ब्रह्मा और शिव जी का अंश हमेशा विद्यमान रहता है। और इसे चन्द्र कुंड के नाम से भी जाना जाता है। इस कुंड में स्नान कर लेने से सारे पाप से मुक्ति मिल जाती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। सोमनाथ मंदिर के आस- पास अनेकों मंदिर हैं। अहिलेश्वर, अन्नपूर्णा, भैरवेश्वर मंदिर, अघोरेस्वर मंदिर, इष्टदेव हाटकेश्वर मंदिर जैसे अनेकों मंदिर यहां अवस्थित हैं। सोमनाथ मंदिर में रात्रि में एक घंटे का साउंड एंड लाइट शो चलता है। सोमनाथ मंदिर तीन प्रमुख भागों गर्भगृह, सभामंडप और नृत्यमंडप में विभाजित है। सोमनाथ मंदिर के ऊपर दस टन का कलश लगा है और इसकी ध्वजा 27 फुट ऊंची है।


यह भारत के प्रमुख धार्मिक स्थानों में से एक है जहाँ भक्ति-भाव उमड़ता हुआ दिखता है । भक्तों की भीड़ यहाँ पूरे वर्ष होती है । ऐसी मान्यता है कि यहाँ शिव पूजा करने से पाप धुल जाते हैं , संकट का नाश होता है और भक्त को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है । इस मंदिर के बारे में ऐसा कहा जाता है कि यहां महाशिवरात्रि की रात सोमनाथ मंदिर में 108 बार महामृत्युंजय जाप करने से सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है।

सोमनाथ मंदिर में भक्तों की आस्था देखते बनती है । यहाँ भगवान शिव की महिमा की अपरंपारता बखूबी देखी जा सकती है ।