Saturday, December 3, 2022

UPSC में 4 बार हुए असफल हुए लेकिन नहीं मानी हार, पांचवे प्रयास में ऑल इंडिया तीसरी रैंक लाकर बने IAS अधिकारी

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। इस परीक्षा में हर साल लाखों कैंडिडेट बैठते हैं जिसमें से महज कुछ ही छात्रों को सफलता मिलती है। लेकिन असफलता से बिना डरे अधिकांश युवा अपने आप को इस परीक्षा की तैयारी में झोक देते हैं और अपनी कठिन मेहनत और लगन से आखिरकार कामयाबी के शिखर तक पहुंच जाते हैं।

उपर्युक्त कथन IAS जुनैद अहमद (IAS Junaid Ahmed) पर सटीक बैठती है। एक औसत छात्र होने और बार-बार निराशा हाथ लगने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी राह पर चलते रहे। अन्ततः उन्हें अपनी मंजिल मिल ही गई, वे पांचवी प्रयास में UPSC में सफल हुए। इसी कड़ी में चलिए जानते हैं IAS जुनैद के प्रेरणादायक सफर के बारें में-

जुनैद अहमद के बारें में कुछ बातें..

जुनैद अहमद (IAS Junaid Ahmed) का जन्म उत्तरप्रदेश (Uttar Pradesh) के बिजनौर जिले के नगीना कस्बे के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिताजी का नाम जावेद हुसैन है और वह एक वकील हैं तथा मां आयशा रजा गृहिणी हैं। आमतौर पर लोगों को लगता है कि पढ़ाई में होशियार बच्चे ही कुछ बड़ा मुकाम हासिल कर सकते हैं जबकी ऐसा नहीं है। जुनैद भी एक औसत छात्र थे, 10वीं और 12वीं की परीक्षा में उन्हें महज 60% ही अंक मिले थे।

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इन्जीनियरिंग के बाद किया UPSC की तैयारी करने का फैसला

इण्टरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद जुनैद ने इन्जीनियरिंग करने का फैसला किया और इसके लिए नोएडा के शारदा विश्विद्यालय से इन्जीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। एक औसत स्टूडेंट होने के कारण इस परीक्षा में उन्हें 65% ही मार्क्स मिला। हालांकि, इन्जीनियरिंग की पढ़ाई से उन्हें संतुष्टी नहीं मिली, वे कुछ बड़ा हासिल करना चाहते थे और उसी दौरान उनके मन में UPSC का ख्याल आया। Success Story of IAS Junaid Ahmed.

परिवार का मिला साथ

अब IAS बनना जुनैद का सपना था लेकिन एक औसत छात्र के लिए देश की सबसे कठिन परीक्षा में सफलता हासिल करना सरल नहीं था। लेकिन कहते हैं न बुलंद हौसले और कड़ी मेहनत से हर चीज सम्भव है। जुनैद ने साल 2013 से अपने आप को पूरी तरह UPSC को दे दिया और IAS बनने के लिए कठिन मेहनत करने लगे। उनके इस सफर में उनके परिवार का भी भरपुर साथ मिला। हालांकि, संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी करने से पहले उन्होंने इसके बारें में पूरी जांच-पड़ताल की और इसके बारें में पता लगाया।

8 से 9 घंटे करते थे पढ़ाई

UPSC के बारें में रिसर्च करने के बाद एक बार उन्हें जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्थित जामिया रेजिडेंशियल कोचिंग एकेडमी के बारें में जानकारी मिली, जहां फ्री में UPSC की तैयारी करवाई जाती है और बच्चों के रहने खाने की सुविधा भी मुफ्त में है। जुनैद को भी इस अकादमी में दाखिला मिल गया और रोजाना 8-9 घंटे मन लगाकर पढ़ाई करने लगे। पढ़ाई के दौरान खुद को तरोताजा महसूस कराने के लिए वह कभी-कभी मूवी, खेल या फिर जिम की मदद लेते थे।

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भारतीय राजस्व विभाग में नहीं थी रुचि

कड़ी मेहनत के बावजूद भी UPSC के पहले प्रयास में जुनैद को असफलता हाथ लगी लेकिन उन्होंने अपना मन छोटा नहीं किया और पुन प्रयास किया। दूसरे और तीसरे प्रयास में भी वे इस परीक्षा को पास करने में असफल रहे। तीन बार फेल होने के बावजूद भी वह डटे रहे और अपनी असफलता से शिक्षा लेकर दोगुनी मेहनत से तैयारी में जुट गए। उन्होंने चौथी बार UPSC की परीक्षा दी जिसमें उन्हें 352 रैंक के साथ सफलता मिली। इस रैंक के हिसाब से उनका चयन भारतीय राजस्व विभाग में हो रहा थे लेकिन उन्हें यह मंजूर नहीं था।

पांचवीं प्रयास में ऑल इंडिया तीसरी रैंक लाकर बने IAS अधिकारी

जुनैद को भारतीय प्रशासनिक सेवा के पद पर जाने का सपना था और इस सपने को पाने के लिए उन्होंने भारतीय राजस्व विभाग की नौकरी नहीं की। वे फिर से तैयारी में जुट गए और पांचवीं प्रयास में उन्होंने साल 2018 के UPSC Exam में ऑल इंडिया तीसरी रैंक हासिल करके परचम लहरा दिया और उनका चयन IAS के लिए हो गया। एक इंटरव्यू के दौरान जुनैद बताते हैं कि शुरु में वह अधिक देर तक पढ़ाई करते थे लेकिन जब बेसिक क्लियर हो गया तब वह रोजाना 4 घन्टे पढ़ाई करने लगे।

The Logically जुनैद अहमद (IAS Junaid Ahmed) को उनकी सफलता के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं देता है।