Friday, February 3, 2023

घुमन्तू परिवार में जन्म ली, भेंड़ चराई, 60 साल के अधेड़ से शादी फिक्स हुई! फिर भी बनी इंटरनेशनल मॉडल: Waris Dirie

इस फिल्म के पोस्टर की नीव 21 अक्टूबर 1965 को ही पड़ चुकी थी. कैसे?  वो आप आगे की कहानी में देखें.

जरा सोचिए! सोमालिया जैसे देश में एक नोमैड फॅमिली(Nomad Family)  के 12 बच्चों में से एक लड़की घर छोड़कर नंगे पाँव भागना शुरू  करती है. इस भागने कि प्रक्रिया में उसका सामना जंगल, जानवर, झाड़ियों, काँटों से होता है लेकिन वो तब तक नहीं रुकती जब तक कि वो खुद को ऐसे जगह नहीं पहुंचा दे जहाँ से तरक्की का रास्ता शुरू होता है. भागने के उस एक फैसले से आगे चलकर (जिसमें उस बच्ची की माँ का भी योगदान था) Desert Flower नाम से वो लड़की अपनी आत्मकथा (Autobiography) लिखती है और उसी नाम से उस किताब पर आधारित फिल्म भी बनती है.  13 साल की इस लड़की का नाम Waris Dirie है. आपको जानकार ये हैरानी होगी कि उसके नाम का मतलब भी Desert Flower है. भगवान ने उसके नाम में आने वाली ज़िंदगी का रहस्य छुपा रखा था.

अब इसके भागने की कहानी सुनिए.

तेरह साल की उम्र में 60 साल के आदमी से शादी का फैसला(Waris Dirie marriage)

 21 October 1965 को पैदा हुई इस बच्ची को अचानक से 13साल की उम्र में ये  उसे पता चलता है कि  उसकी शादी 60 साल के एक बहुत बड़ी उम्र के आदमी से कर दी जाने वाली है. इस खतरनाक तरीके के अरेंज मैरिज (Arrange Marriage)  की बात सुनकर वह घबरा जाती है.  Desert Flower नाम से लिखी अपनी आत्मकथा में Waris खुद लिखती हैं कि…

मेरे लिए सबसे डरा देने वाले दुःस्वप्न (Nightmare) की शुरुआत उस दिन हुई जब मेरे पिताजी ने मेरे अरेंज्ड मैरिज की घोषणा कर डाली. मुझे तेजी से कोई कदम उठाना था, मैंने अपनी माँ से कहा कि मैं भागना चाहती हूँ. मेरे प्लान में यह भी था कि मैं मोगादिशु में अपनी आंटी (Aunty) को ढूँढूँ , इस जगह को मैंने पहले कभी नहीं देखा था.

(My nightmare journey began when my father announced he had arranged my marriage. I had to act fast, I told my mother I wanted to run. My plan was to find an aunt who lived in Mogadishu, the capital, a place I had never been.)

तेज़ कदम से अपनी मंजिल की ओर भागती एक लड़की: Waris Dirie

जब उसका परिवार और पिता रात को सो रहे थे तब उसकी माँ ने उसे जगाते हुए कहा कि “तुम भाग जाओ”. उस तेरह साल की बच्ची ने अपनी चारों ओर देखा उस रात उसे अपने साथ ले जाने के लिए कुछ भी नहीं था- न पानी, न दूध और न कुछ खाने को. नंगे पाँव सिर पर एक स्कार्फ लपेट कर लड़की उस मरुस्थल की काली रात में निकल पड़ी.

उस बच्ची को यह भी नहीं पता था कि कौन सी दिशा मोगादिशु को जाती है. उसे बस इतना पता था कि उसे भागना है. पहले अंधेरी रात की वजह से धीमे कदमों से वो चलती रही लेकिन जैसे आसमान साफ हुआ वो एक हिरणी की गति से भागने लगी. भागते वक्त उसे इस बात का ख्याल सता रहा था कि कहीं मेरे पिता मेरा पीछा करते करते मेरे पास न पहुंच जाए और उस व्यक्ति से मेरी शादी न कर दें .

पिता द्वारा उसका पीछा करना और शेर से सामना(Waris Dirie life struggle)

जिसका डर था वही हुआ , उस लड़की के  पिता बालू पर पड़े मेरे कदमों के निशान को फॉलो (Follow) करते हुए उसके करीब पहुच चुके थे. अपने पिता को करीब आते देख उसने मारे  डर के और तेज भागना शुरू कर दिया और सूर्यास्त (Sunset) तक भागती रही. अब उस लड़की का मारे भूख के हालात खराब हो चुकी थी. उसके पाँवों से खून निकल रहा था. कई दिनों तक भागने के कारण भूख, दर्द और डर के मारे हालत खराब हो चुका था. इतनी परेशानी से बेहाल होकर वो बेहोश हो गिर पड़ी. उस लड़की की आँख तब खुलती है जब उसके सामने एक शेर खड़ा था. मारे डर के पसीने छूट रहे थे लेकिन अचानक से उसके मन में हिम्मत जागी, बिना डर के वो शेर के आगे खड़ी हो गई लेकिन पता नहीं उस शेर को क्या हुआ वापस चला गया. उसे जाते देख Waris के मन में अचानक से एक बात कौंधी कि मैं बच गई इसका मतलब भगवान ने मेरे लिए कोई अलग ही योजना (Plan)  तय कर रखा है. भगवान उसे कुछ करने का संदेश दे रहे थे. 

Waris ने अपनी आत्मकथा (Autobiography) में इस बात का जिक्र करते हुए लिखा है कि When I realized the lion was not going to kill me, I knew that God had something else planned, some reason to keep me alive. “What is it?” I asked as I struggled to my feet. “Direct me.”

मोगदिशु से लंदन पहुँचना और एक अनपढ़ लड़की का अंग्रेज़ी सीखना(Waris dirie life journey continues)

काफी संघर्षों के बाद वो अपनी उस आंटी के यहाँ पहुँचती हैं जो कि मोगादिशु में रहती थी. वहाँ से वो अपने अंकल के पास जाती है जो लन्दन में रहते थे. अपने अंकल के घर पर उसने नौकरानी का काम किया. उसे कुछ भी पढ़ना लिखना नही आता था लेकिन वहाँ उसे एक फ़ास्ट फ़ूड के रेस्तराँ (Restraunt) में किचन (Kitchen) का काम मिल गया और YMCA (Young Men’s Christian Association) की मदद से रहने के लिए एक कमरा मिल गया. यहीं पर उसने अंग्रेज़ी लिखने और बोलने की Class को join किया.

एक असहाय लड़की से सुपर मॉडल बनना

बात 1983 की है जब वो 18 साल की हुई तब लंदन की गलियों से गुजरते हुए एक फोटोग्राफर Mike Goss ने उसे देखा. उस फोटोग्राफर ने फोटोशूट किया. Mike Goss ने ही Modeling के लिए उसका Portfolio तैयार करवाया. 1987 में ब्रिटिश फोटोग्राफर  Terence Donovan के यहाँ उसने अपना पहला Job शुरू किया. उस फोटोग्राफर द्वारा लिए गए फ़ोटो ने उसे Modeling की दुनिया में उतार दिया. 1987 में Waris Dirie ने एक Multinational company के calender के लिए Photoshoot किया और इसके साथ साथ जेम्स बॉन्ड (James Bond) की फ़िल्म The Living Daylights में भी काम किया. इसके साथ ही वो दुनिया के leading fashion magazine जिसमें कि Vogue भी शामिल है का हिस्सा बन गई. BBC ने उसके इस journey को दिखाते हुए A Nomad in New York नामक एक डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म का भी निर्माण किया. वो असहाय लड़की अब वो एक International Super Model बन चुकी थी.

दुनिया के कई प्रतिष्ठित सम्मान को प्राप्त किया

आज वारिस डिरी एक सोमाली मॉडल, लेखक, अभिनेत्री और महिला जननांग विकृति Female Genital Cutting (FGC) के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाली एक  मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं. अपने इस योगदान के लिए दुनिया में न जाने कितने ही सम्मान से नवाजा गया है. जिनमें से कुछ महत्वपूर्ण पुरस्कार निम्नलिखित हैं-

साल 2000 में Glamour magazine के लिए Women of the Year Award को प्राप्त किया.

वर्ष 2002 में  umbrella association of the German bookselling trade द्वारा Corine Award दिया गया

वर्ष 2004 में USSR के राष्ट्रपति (President) Mikhail Gorbachev द्वारा Women’s World Award प्रदान किया गया.

साल 2005 में कैथोलिक चर्च द्वारा Bishop Óscar Romero Award दिया गया. ये तो बहुत कम है इनके द्वारा लिए गए पुरस्कार की List लंबी है. 

क्या है Female Genital Mutilation?

Waris Dirie खुद इस प्रथा का शिकार हुई है. अपने द्वारा दिए गए Interview में उन्होंने कहा था कि अफ्रीका में सबसे ज्यादा मेहनत औरतें करती हैं लेकिन सबसे ज्यादा खराब हालत में वही है. लड़कियों और महिलाओं के जननांगों को विकृत करने की इस कुप्रथा को फीमेल जेनिटल म्यूटिलेशन या एफजीएम कहा जाता है. आम बोलचाल की भाषा में इसको महिलाओं का खतना भी कहते हैं. इस प्रक्रिया में महिला के बाहरी गुप्तांग (Genital Area) को काट दिया जाता है. इस प्रकिया से गुजरने वाली लड़कियों को गंभीर दर्द, अत्यधिक रक्तस्राव, संक्रमण, यूरिन पास करने और सदमा लग जाने जैसी दिक्कतों से गुज़रना पड़ता है. इस प्रथा को सामाजिक नियम के नाम पर आज भी की देशों में चल रहा है. Waris इस प्रथा को अमानवीय और बाल अधिकारों का हनन मानती हैं. वो लगातार इस प्रथा को हटाने के लिए काम करती आ रही हैं.

आपको बता दे कि विश्व भर में 6 फरवरी को हर साल ‘महिला जननांग विकृति के खिलाफ़ शून्य सहनशीलता का अंतरराष्ट्रीय दिवस’ फीमेल जेनिटल म्यूटिलेशन डे (Female Genital Mutilation Day) मनाया जाता है. इसको लेकर यह लक्ष्य निर्धारित किया गया है कि वर्ष 2030 तक महिला जननांग विकृति की इस कुप्रथा को ख़त्म कर दिया जाये. वर्तमान में लगभग 20 करोड़ महिलाएं और लड़कियां जहां इस कुप्रथा की शिकार हैं. वहीं हर वर्ष लगभग 40 लाख के इस कुप्रथा का शिकार होने का खतरा बना हुआ है.
 

उनके संघर्ष और उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों को इतने कम में नहीं समेटा जा सकता है। ये एक छोटी सी झलकी है जो ये बताती है कि इंसान की चाह से बढ़कर कुछ नहीं होता. वो चाहे तो क्या नहीं कर सकता.

The Logically, इनके साहस और जुझारू व्यक्तित्व के आगे नतमस्तक है. इनके हौसले को सलाम करता है. उनकी कहानी को पढ़ते समय हम पर ये जिम्मेदारी है कि हम उनसे प्रेरणा लेकर इस अग्निपथ पर आगे बढ़ते रहे.