Tuesday, April 20, 2021

3 साल की उम्र से ही बोलने और सुनने में है अक्षम, व्हीलचेयर पर बैठी पढाई कर मैट्रिक में 90% मार्क्स लाकर असम्भव को सम्भव किया

कहते हैं कि अगर कुछ करने का जज्बा हो तो हर राह आसान हो जाती है। बस इरादों में दम होनी चाहिए फिर आपकी कमजोरी भी आपकी ताकत बन जाती है। इसी बात को एक कश्मीर (Kashmir) की रहने वाली लड़की ने साबित किया है। जी हां हम बात कर रहे है ताबिया इकबाल (Tabia iqbal) की, जो न सुन सकती है न बोल सकती है फिर भी वो आज हम सभी के लिए प्रेरणा की स्रोत बनी हुई है।

‌न बोल सकती है न सुन सकती है फिर भी खुद को बेहतरीन किया साबित :–‌ताबीया इकबाल को बोलने और सुनने दोनो में दिक्कत है फिर भी उन्होंने 10वीं में 90.4 मार्क्स हासिल किया।
‌500 में से इनको 452 नंबर मिले है !

Tabia Iqbal got 90% marks in matric exam



‌3 साल के उम्र में ऑर्थोपेडिक परेशानियों ने घेर लिया :–

‌ताबीया के पिता मोहम्मद इकबाल ने एक बातचीत के दौरान बताया कि, जब ताबीया 3 साल की थी तब उनको ऑर्थोपेडिक परेशानियों ने घेर लिया, जिसके कारण वो व्हीलचेयर पर ही चलने लगीं।

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‌सिर्फ लिप मूवमेंट ही कर सकती है ताबीया :–

‌ताबीया के पिता ने बताया, वह सिर्फ लिप मूवमेंट ही कर सकती है जिसके कारण वो नार्मल स्कूल में नहीं जा सकती थी।



‌ताबीया ने की निजी विद्यालय से पढ़ाई :–

‌लिप मूवमेंट के सिवाय कोई मूवमेंट नही कर सकती थी ताबीया, जिसके कारण वो नॉर्मल स्कूल नहीं जा सकती थी, इसी वजह से उनका एडमिशन एक निजी विद्यालय में कराया गया। जब वो स्कूल जाने लगी तो प्रिंसिपल ने उनकी रुचि पढ़ाई में देखा और उन्होंने ताबीया के पिता को इस बारे में बताया।

‌प्रिंसिपल ने इस बच्ची के लिया किया काफी मेहनत :–

‌प्रिंसिपल ने इनकी रुचि पढ़ाई के लिए देखा उसके बाद से वो अपना समय निकाल कर ताबीया के घर आने लगी और घर आकर इनको पढ़ाना शुरू कर दिया। ताबीया के पिता ने बताया, प्रिंसिपल ने कड़ी मेहनत किया और वो एक टॉपिक बार–बार पढ़ाई थी, जिसके वजह से ताबीया को सब याद हो जाता था। ताबीया ने पूरा मेहनत किया और आज उसने अपनी मेहनत और लगन के कारण परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया है।

‌ताबीया ने अपने मेहनत से इस बात को सिद्ध किया है कि, आपके हौसलों के आगे हर मुश्किल राह आसान हो जाती है।

निधि भारती
निधि बिहार की रहने वाली हैं, जो अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अभी बतौर शिक्षिका काम करती हैं। शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने के साथ ही निधि को लिखने का शौक है, और वह समाजिक मुद्दों पर अपनी विचार लिखती हैं।

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