Thursday, January 28, 2021

IIT से पढाई करने के बाद नौकरी नही किये, आर्गेनिक खेती कर कमा रहे हैं लाखों रुपये महीना

हर किसी के जीवन में एक लक्ष्य ज़रूर होता है और वह उसे किसी भी कीमत में पर पाना चाहता है। एक ख़्वाब कि वह कुछ बने, कुछ नया या अलग करे। कोई पढ़-लिखकर इंजिनियर बनना चाहता है तो कोई डॉक्टर, शिक्षक, वैज्ञानिक, बिज़नेसमैन या कुछ और। इन्सान अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए क्या कुछ नहीं करता। अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए वह हर सम्भव प्रयास करता हैं, इन्सान अपनी कड़ी मेहनत और विवेक से आखिरकार मंजिल की ऊंचाइयों को छू ही लेता हैं।

हमारे देश की युवा पीढ़ी भी चाहती हैं कि वह पढ़ लिखकर एक अच्छी सी कम्पनी में काम करे। वह अपनी एक अलग पहचान बनाये। लेकिन इससे अलग भी कुछ युवा ऐसे भी हैं जो किसी कम्पनी में काम करना पसंद नहीं करते। उन्हें कुछ अलग करने का जुनून होता हैं और उसके लिए वह पूरी लगन के साथ मेहनत करते हैं। ऐसे ही एक युवा हैं तथागत बारोड़ जिन्होंने आईआईटी की डिग्री लेने के बाद नौकरी न कर खेती करने के बारें में सोचा और अपनी काबिलियत के दम पर वह सफल भी हुए।

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आइए जानते हैं तथागत के बारें में।

तथागत बारोड़ (Tathaagat Baarod) मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के शाजापुर जिले के कालापिपल तहसील (Kaalaapipal Tahseel) के रहने वाले हैं। तथागत ने मौलाना आजाद नेशनल इन्स्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉज़ी भोपाल (Maulana Azad National Institute Of Technology, Bhopal) से बीटेक (B.Tech) किया हैं और बाम्बे IIT से मास्टर्स की उपाधि हासिल की है। तथागत ने इतनी पढ़ाई करने के बाद किसी कम्पनी में काम नहीं किया और खेती को अपना करियर चुन लिया। खेती के मामले में वह नये थे। इसलिए उन्होंने अलग-अलग गांवों में जाकर कृषकों से खेती करने के गुण सीखे। उसके बाद उन्होंने आर्गेनिक (Organic) खेती की शुरुआत की। इसके लिए तथागत ने अपनी कम जमीन में सबसे पहले गेहूं की फसल उगाई। वह खेतों में डालने के लिए खाद जानवरों के गोबर और मूत्र से बनाते और उस बनाये हुए खाद को ही खेतों में डालते हैं। इसके बाद तथागत के खेत की उत्पाद की मांग बढ़ने लगी। उत्पाद की मांग बढ़ते देख कर तथागत ने खेती का विस्तार किया जिससे फसलों का पैदावार भी बढ़ने लगा।

तथागत (Tathaagat) के अनुसार वह अपने कस्टमर को इतनी सुविधा देना चाहतें हैं जिससे उनको किसी भी सामान के लिए दूसरे जगह जाने की ज़रुरत न पड़े। वह अपने यहां से ही सब चीजें उप्लब्ध कराना चाहतें हैं जैसे- मसाला, फल, सब्जी और अनाज इन सब की ज़रुरत को तथागत अपने खेतों से पुरा करना चाहतें हैं ताकी उनके कस्टमर को आसानी हो सके। इसके लिए तथागत ने एक व्हाट्सएप ग्रुप (WhatsApp Group) बनाया है। इस ग्रुप का नाम है माय फैमिली फार्मर (My Family Farmer)। तथागत के प्रोडक्ट्स की मांग इस तरह बढ़ने लगी कि वह 18 एकड़ की जमीन पर 17 प्रकार के फसलों की आर्गेनिक खेती करते हैं। तथागत ने बताया कि उनकी एक साल में लगभग नौ लाख रुपये की आमदनी हो जाती है। तथागत कृषि करने के अलावा कार्बनिक खाद का निर्माण भी करतें हैं। इस काम को करने के लिए तथागत तीन वर्ष से जुटे हुए हैं। तथागत (Tathaagat) पशुपालन भी करतें हैं और पशुओं के दुध से अलग-अलग उत्पाद भी बनाते हैं।

इस नयी पीढ़ी का कृषि की ओर रुझान अच्छी बात है। The Logically तथागत बारोड़ के इस काम के लिए उनकी प्रशंसा करता है।

Shikha Singh
Shikha is a multi dimensional personality. She is currently pursuing her BCA degree. She wants to bring unheard stories of social heroes in front of the world through her articles.

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