Sunday, September 19, 2021

गांव में नेटवर्क नही रहता तो शिक्षक पेड़ पर बैठाकर नोट्स डाऊनलोड कराते हैं: जहां चाह वहां राह

पेड़- पौधें हमारे जीवन के लिए बहुत ही आवश्यक हैं। इनसे हमें फल, फूल, छाया और प्राणवायु कहा जाने वाला ऑक्सीजन मिलता है। बहुत से लोग पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दें रहें हैं। आजकल लॉकडाउन में अधिकांश व्यक्तियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षा का क्षेत्र इससे काफी ज़्यादा प्रभावित हो रहा है। हमारे बच्चे जो आने वाले भारत के भविष्य हैं, वे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। बहुत कठिनाइयों का सामना कर कुछ बच्चें पढ़ रहे हैं लेकिन ज़्यादातर बच्चों के पास सुविधा नहीं है, पढाई करने की। आज की हमारी कहानी एक गांव के ऐसे स्कूल की है जहां नेटवर्क की परेशानी के कारण वहां के बच्चे और शिक्षक पेड़ पर बैठ कर पढ़ाई करने की कोशिश कर रहें हैं।

Source-Indiatimes

कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण हर जगह कॉलेज और स्कूल बंद पड़े हैं। जिस कारण पढ़ाई में छात्रों को बहुत परेशानी हो रही है। कुछ स्कूल ऑनलाइन क्लास के माध्यम से बच्चों को शिक्षा देने की कोशिश में लगी है। लेकिन जिसके पास ऑनलाइन क्लास की व्यवस्था नहीं है, वह छात्र इस पढ़ाई से वंचित रह जा रहे हैं। ज़्यादातर जगहों में ऑनलाइन क्लास के लिए बच्चों के पास फोन नहीं है तो कहीं नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या बहुत ज़्यादा है।




आजकल सोशल मीडिया पर भारत की विभिन्न राज्यों की कुछ तस्वीरें देखने को मिल रही है। जिसमें ऑनलाइन क्लास में होने वाले परेशानियों का सामना शिक्षक और उनके छात्र व्यक्त कर रहे हैं। कुछ तस्वीर महाराष्ट्र (Maharashtra) के नंदुरबार (Nandurbar) जिले के एक गांव की है, जहां पर नेटवर्क की परेशानी के कारण बच्चे और शिक्षक पेड़ पर चढ़कर पढ़ाई करने का प्रयत्न कर रहे हैं।

वहां के एक शिक्षक लक्ष्मण पवार (Laxman pawar) बच्चों को ऑनलाइन क्लास कराने के लिए पेड़ या किसी ऊंची जगह पर ले जा रहे हैं जहां नेटवर्क में परेशानी ना हो। न्यूज एंजेसी ANI के मुताबिक इस मसले पर इलाके के उप-निदेशक शिक्षा प्रभागीय अधिकारी नाशिक प्रवीण पाटिल (Pravin Patel) का कहना है कि बच्चों को जहां नेटवर्क मिलता है, वहां स्टडी मटीरियल के साथ जाकर बच्चें पढ़ाई करते हैं।

Maharashtra: Man in Dhadgaon village, Nandurbar district gives lessons to children using smartphones while sitting atop a tree, in order to get better network connectivity.

Deputy Director Education Divisional Nashik Pravin Patil says, the area has fewer mobile network towers. pic.twitter.com/MqOoUXYaPN

— ANI (@ANI) August 18, 2020

अपने बच्चों को शिक्षा से जुड़े रखने के लिए जो कार्य Laxman pawar ने किया है, वह प्रशंसीय है। इसके लिए The Logically उन्हें सलाम करता है।