Wednesday, September 28, 2022

18 वर्षों से टायर पंचर बनाने का काम कर रही है यह महिला, लोगों ने दिया ‘टायर स्पेशलिस्ट दीदी’ का नाम

हमारे समाज ने पुराने समय से ही महिलाओं और पुरुषों के कामों का बंटवारा करके पुरुष को सशक्त और महिला को कमजोर बना दिया है। समाज की यही धकियानूसी सोच ने महिलाओं को जहां चारदिवारी में कैद कर दिया है वहीं पुरुषों को आसामान का परिंदा बना दिया है। लेकिन अब समय बदल रहा है। बदलते दौर के साथ महिलाएं अब हर वो काम कर रही है जिसे हमारे समाज के लोग पुरुष प्रधान समझते हैं। मॉडर्न युग में अब महिलाएं किसी भी काम को बेझिझक कर रही हैं और पुरुषों से कंधा से कन्धा मिलाकर चल रही हैं।

यह कहानी भी एक ऐसी ही महिला की है जिसने उस क्षेत्र में महारत हासिल कर ली है जिसे हमारे समाज में पुरुषों के उपयुक्त माना जाता है। Tire Specialist Didi Kamala Negi From Nainital, Uttarakhand.

यह कहानी है टायर स्पेशलिस्ट दीदी की..

दरअसल, उत्तराखंड (Uttarakhand) के नैनीताल (Nainital) जिले के रामगढ़ ब्लॉक ओड़ाखान की रहनेवाली कमला नेगी को लोग “टायर स्पेशलिस्ट दीदी” (Tire Specialist Didi) “आयरन लेडी” (Iron Lady) के नाम से भी जानते हैं। इसका कारण यह है कि 57 वर्षीय कमला बाइक से लेकर JCB तक के टायर को कुछ ही समय में ठीक कर देती हैं। कमला नेगी सिर्फ पंचर ही नहीं बल्कि बाइक और कार की सर्विसिंग भी करती हैं।

भारी वाहनों के पंचर भी बनाती हैं कमला नेगी

टायर डॉक्टर कमला नेगी (Tire Doctor Kamala Negi) कहती हैं कि, साल 2004 से उन्होंने इस काम को सिर्फ साइकिल के पंचर बनाने से किया था। लेकिन धीरे-धीरे वह लोगों के स्कूटर और मोटरसाइकिल के पंचर भी बनाने लगी। उनका यह सफर यही तक नहीं रुका। वह इनसब के अलावा बड़े और भारी वाहनों के टायर भी ठीक करने लगी। 18 वर्षों से पंचर बनाने का काम कर रही कमला नेगी स्कूटर, कार, बस, ट्रक और JCB जैसे वाहन के पंचर भी बना सकती हैं।

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महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संस्था से भी जुड़ी हैं

कमला नेगी (Kamala Negi) को उनके गांव के लोगों के अलावा आसपास के इलाके के लोग भी जानते हैं। वह एक दिन में 5 से 6 पंचर बना देती हैं। लेकिन कमला नेगी सिर्फ पंचर ही बनाने का काम नहीं करती है बल्कि वह अपने गांव की एक संस्था जिसका नाम “चिराक संस्था” है, से भी जुड़ी हुई हैं। यह संस्था कृषि के क्षेत्र में काम करती है और कमला नेगी इसी संस्था के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश कर रही हैं। अपने सहारनीय योगदान के लिए साल 2010 में कमला नेगी महिला समाख्या की तरफ से सम्मानित भी हो चुकी हैं।

अखंड ज्योति स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष भी है कमला नेगी

कमला नेगी चिराक सन्स्था से जुड़ने के अलावा रामगढ़ ब्लॉक के दाड़िमा गांव की अखंड ज्योति स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष भी हैं। इस सहायता समूह में इकट्ठे रुपयों को महिलाओं के विकास के लिए खर्च किया जाता है। कमला नेगी ने अथक प्रयासों के वजह से ही इस सहायता समूह में अभी तक 1 लाख से अधिक रुपये जमा हो चुके हैं तथा साथ ही 8 महिलाएं भी इससे जुड़ चुकी हैं। अखंड ज्योति स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं में से किसी को भी पैसों की जरुरत होती है तो यह समूह उन्हें 1% के ब्याज पर 20 से 40 हजार रुपये देती है।

पति का मिलता है साथ

कमला नेगी (Tire Specialist Didi Kamala Negi) के कामों में उनके पति का भरपूर साथ मिलता है। उनके दो बच्चे हैं जिसमें से एक सेना में भर्ती होकर देश की सेवा कर रहा है जबकी एक बेटी की शादी हो चुकी है। बता दें कि, रामगढ़-मुक्तेशर मार्ग पर उनकी टायरों की दुकान है जहां वह गाड़ियों के पंचर बनाने का काम करती हैं। उनकी दूकान के 25 किमी के रेंज तक कोई भी पंचर का दूसरा दुकान नहीं है। Tire Specialist Didi Kamala Negi From Nainital, Uttarakhand.

अन्त में कमला नेगी कहती हैं…

वह कहती हैं कि, यदि इन्सान के अंदर कुछ करने के लिए सच्ची लगन और मेहनत हो तो उसके लिए कोई भी काम असम्भव नहीं होता है। सच्ची निष्ठा और कड़ी मेहनत से किसी भी काम में सफलता हासिल की जा सकती है। इसके अलावा जिसके अंदर ह्मेशा कुछ सीखने की ललक हो तो उसे मंजिल तक पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता है।

वास्तव में कमला नेगी भारी वाहनों का पंचर बनाने का काम करके साबित कर दिया है कि महिलाएं कोई भी काम कर सकती हैं। उनके लिए ऐसा कोई काम नहीं जिसे सिर्फ पुरुष ही कर सकते हैं। कमला नेगी से सभी को प्रेरणा लेकर अपनी-अपनी मंजिल की ओर बढ़कर सफलता हासिल करनी चाहिए।