Wednesday, September 28, 2022

MBA, B.tech की पढ़ाई करने के बाद नहीं लगा नौकरी में मन तो शुरु किया खेती, अब 15 करोड़ की कमाई कर रहे

आज के आधुनिक समय में भी लोग खेती-बाड़ी को कम आंकते हैं। उनका मानना है कि कृषि क्षेत्र अभी काफी पिछड़ा हुआ है और किसानों को इससे अच्छी कमाई नहीं होती है लेकिन ऐसा नहीं है। कृषि क्षेत्र में भी काफी विकास हुआ है जैसे नए-नए कृषि उपकरणों का आविष्कार, खेती में नई तकनीक का इस्तेमाल आदि। इन सभी चीजों से कृषि कार्य भी आसान हुआ है और अच्छी आमदनी का जरिया भी है।

जी हाँ, पहले भले ही खेती-बाड़ी से अच्छी आमदनी नहीं होती थी लेकिन आज अच्छी-खासी पढ़ाई करने के बाद भी युवा नौकरी न करके खेती बाड़ी में अपना करियर बना रहे हैं और लाखों-करोड़ों रुपये की कमाई भी कर रहे हैं। आज की यह कहानी भी ऐसे ही दो युवक की हत्या जिसने उच्च शिक्षा ग्रहण करने के बाद भी कृषि क्षेत्र का चयन किया और आज उसी से करोड़ों की आमदनी कमा रहे हैं।

कौन है वह दो युवक?

हम बात कर रहे हैं शशांक भट्ट (Shashank Bhatt) और अभिषेक भट्ट (Abhishek Bhatt) की जो उत्तरप्रदेश (Uttarpradesh) की राजधानी लखनऊ (Lucknow) के एक माध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं। शशांक भट्ट ने MBA की पढ़ाई की है जबकी उनके भाई अभिषेक ने B.Tech की शिक्षा ग्रहण की है। MBA की डिग्री लेने के बाद शशांक की नौकरी करने लगे, लेकिन उस नौकरी में उनका मन नहीं लगा। वे ऐसा कुछ करना चाहते थे जिससे उन्हें संतुष्टी मिले।

नौकरी में नहीं लगा मन तो शुरु की खेती

कुछ अलग करने की चाह में उन्हें खेती करने का विचार आया और उनके इस काम में अभिषेक का भरपूर साथ मिला। शशांक बताते हैं कि, साल 2010 में MBA की पढ़ाई पूरी हुई उसके एक वर्ष बाद साल 2011 में उन्होंने खेती की तरफ रुख कर लिया। खेती की तरफ बढ़ते रुझान में उनके मामा जिनका नाम राजीव राय है से बहुत कुछ सीखने को मिला। बता दें कि, उनके मामा पहले से ही आधुनिक कृषि क्षेत्र से जुड़े हुए थे जिससे शशांक को इस क्षेत्र में मदद मिली।

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बड़ी समस्या थी घरवालों को खेती के लिए मनाना

सभी के माता-पिता चाहते हैं कि उनका बेटा-बेटी उच्च शिक्षा ग्रहण करके बेहतर जीवनयापन करें। ऐसे में नौकरी छोड़ खेती करने के शुरुआती दिन शशांक के लिए चुनौतीपूर्ण था। वह कहते हैं कि, माध्यम परिवार से होने की वजह से परिवार के लोगों को खेती के लिए राजी करना काफी चुनौतीपूर्ण काम था। लेकिन जैसे-जैसे करके घरवालें उनके इस काम के लिए मान गए और अनुमति दे दी।

देशभर से इकट्ठी की आधुनिक खेती के बारें में जानकारी

किसी भी काम को शुरु करने से पहले उसके बारें में हर एंगल से समझना बहुत जरुरी होता है। ऐसे में जब शशांक को परिवार से अनुमती मिल गई तो उसके आधुनिक खेती के बारें में जानने और समझने के लिए उन्होंने देश भर का भ्रमण करना शुरु किया। इससे उन्हें कई सारी Modern Farming से जुड़ी जानकारियां मिली जिसका इस्तेमाल उन्होंने अपनी खेती में किया।

लीज पर जमीन लेकर शुरु की खेती

वह कहते हैं कि, कृषि के मामले में देखा जाएं तो उत्तरप्रदेश काफी पिछड़ा हुआ है। ऐसे में प्राप्त जानकारियों के बल पर उन्होंने छोटे स्तर पर आधिनिक खेती आरम्भ की। शशांक को खेती शुरु करने के लिए जमीन की जरुरत थी, ऐसे में उन्होंने एक किसान से 5 एकड़ खेत लीज पर ले ली और शिमला मिर्च की खेती शुरु की। लेकिन आज वे 22 एकड़ से अधिक जमीन पर शिमला मिर्च के साथ-साथ जुकिनी और फुलगोभी का उत्पादन कर रहे हैं।

शशांक के अनुसार, आधुनिक खेती (Modern Farming) की लोगों ने काफी सराहना की। अब पूरे राज्य समेत इजराइल से भी भी लोग खेती के इस तरीके को जानने और सीखने के लिए आने लगे। सभी ने इस तकनीक को सीखने के साथ-साथ काफी प्रशंशा भी की।

Two brothers Shashank Bhatt and Abhishek Bhatt from Lucknow earning 15 Crore rupees by Modern Farming

खुद की कम्पनी द्वारा करते हैं किसानों की मदद

रेवन्यू के बारें में बताते हुए शशांक कहते हैं कि, आरम्भ में काफी समस्याएँ आईं, लेकिन धीरे-धीरे सबकुछ बदलने लगा और इसी से आज 15 करोड़ से अधिक की कमाई हो रही है। शशांक और अभिषेक खेती-बाड़ी से जुड़े कामों को करने के लिए एक कम्पनी की भी स्थापना की है जिसका नाम “एग्रीप्लास्ट” है। इस कम्पनी के तहत अनेकों की सन्ख्या में किसान भाई आधुनिक खेती का प्रशिक्षण लेते हैं।

एग्रीप्लास्ट के बारें में शशांक ने बताया कि, किसान भाई उनकी वेबसाइट से भी सम्पर्क कर सकते हैं। इसके अलावा कॉल सेंटर की सुविधा भी उप्लब्ध है जिसके जरिए कम्पनी द्वारा किसानों को मदद पहुँचाते हुए उन्हें आगे की राह बताया जाता है।

तकरीबन 10 हजार किसान जुड़ चुके हैं

वर्तमान में शशांक (Shashank Bhatt) और उनके भाई अभिषेक (Abhishek Bhatt) किसानों को आधुनिक खेती के लिए जागरुक कर रहें हैं ताकि वे भी अच्छी कमाई कर सकें। वर्तमान में शशांक से लगभग 10 हजार से अधिक किसान जुड़े हुए हैं जिसने वे हमेशा मॉडर्न फार्मिँग के बारें में मार्गदर्शन करते रहते हैं।

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क्या है भविष्य की योजना?

भविष्य की योजनाओं के बारें में बताते हुए वह कहते हैं कि, किसानों की अधिकाधिक लाभ दिलाने हेतु नई तकनीकों को भारत में लाने की योजना है। इसके अलावा हमें अपने देश में किसानों को आधुनिक तकनीक की सुविधा देनी पड़ेगी ताकि उन्हें दोगुना लाभ प्राप्त हो सके। हालांकि, वह बताते हैं कि खेती के लिए उन्हें सरकार की तरफ से सब्सिडी मिली थी जिससे उन्हें आगे बढ़ने में मदद मिली।

खेती में हैं अपार सम्भावनाएं

आधुनिक खेती (Modern Farming) में करियर के बारें में उन्होंने बताया कि, बड़ी संख्या में युवा उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद नौकरी करने के बाजय खेती की तरफ रुख कर रहे हैं क्योंकि वर्तमान में खेती में सम्भावनाएं अधिक है। उनका भी कहना है कि जो लोग गांव से जमीन बेचकर शहर की ओर जा रहे हैं इससे बेहतर है आधुनिक खेती में हाथ आजमाएं और अच्छी कमाई करें।