Saturday, March 6, 2021

इन सब्जियों को आसानी से छोटे गमलों में भी लगा सकते हैं, इनके अनेको स्वास्थ सम्बन्धी फायदे हैं

हरी साग-सब्जियों के फायदे तो हम भलि-भांति जानतें हैं। इनसे हमें बहुत ही लाभ मिलता है। चाहे वह पाचनतंत्र हो या त्वचा, बाल, दांत या कैंसर जैसे रोगों से बचाव। हमारे देश के अधिकांश व्यक्ति गांव में हों या शहरों में वे अपनी मेहनत से बहुत ही कम जमीन में सब्जियों, फल, फूल और औषधियों को उगा रहें हैं। जिनके पास जगह की कमी है वह दीवार पर भी खेती कर रहें हैं।

आज हम आपको कुछ ऐसे सब्जियों के बिषय में बतायेंगे जो सेहत के लिए लाभदायक भी हैं और इन्हें घर पर गमलों में आसानी से उगाकर उनका लाभ उठाया जा सकता है। वैसे तो सभी सब्जियां फायदेमंद ही होती है। लेकिन अगर वही हम बाजार से खरीद कर खाएं तो जरूरी नहीं की ये ताजी सब्जियां हों और जैविक खाद के माध्यम से उगाई गई हों। इन सब्जियों में हानिकारक केमिकल भी हो सकते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होतें हैं।

ये जो सब्जियां हैं, इन्हें ज्यादातर सर्दियों के मौसम में उगाया जाता है और हम इसे अपने घर पर आसानी से उगा सकते हैं। इनका सेवन कर अपने शरीर को हष्ट-पुष्ट बना सकते हैं। तो चलिए पढ़ते हैं इन सब्जियों के बारे में कि वे सब्जियां कौन-कौन सी हैं और इनके क्या फायदें हैं।


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  1. पालक (Spinach)- पालक के बीज को हम आसानी से गमलें में मिट्टी डालकर उगा सकतें हैं। मात्र 40-45 दिन में यह उग जायेगा और इन्हें हम जितना काटेंगे उतना ही उपजता जायेगा। ऐसे हम इसे 2 महीने तो आराम से खा सकतें हैं। इसके सेवन से हमें कोई भी इंफेक्शन की प्रॉब्लम नहीं होगी। हमारा खून भी बेहतर तरीके से बनेगा। खाने के लिए हम इसकी कई तरह की डिश बनाकर खा सकते हैं। जैसे पालक पनीर, पालक और सरसों का साग मिलाकर रोटी के साथ, आलू में पालक मिलाकर सब्जी बनाकर या फिर इसका सुप बनाकर भी इसका सेवन कर सकते हैं। पालक से हमें जो पोषक तत्व मिलते हैं, वह है, आयरन (Iron), फास्फोरस (Phosphorus), प्रोटीन (Protein), मैग्निशियम (Magnesium), कैल्शियम (Calcium), पोटेशियम (Potassium) और विटामिन (Vitamin)।
  2. करी पत्ता (Curry Leaves)- करी पत्ते की पत्तियां दिखने में नीम के पत्ते की तरह होती है, इसीलिए इसे “मीठा नीम” भी कहा जाता है। इसके पौधों को लगाने के लिए हमें इसे नर्सरी से लाकर लगा सकते हैं। इसका उपयोग सब्जियों में छौंक लगाने के लिए, सांभर या फिर दाल में डालने और चटनी बनाने में किया जाता है। इसका एक फायदा यह भी हैं कि अगर इसका काढ़ा बनाकर उस व्यक्ति को दिया जाय जिसे उल्टी हो रही है तो उसे उल्टियां होनी बंद हो जाएंगी। इसमें फाइबर (Fiber), फॉस्फोरस (Phosphorus), कैल्शियम (Calcium), विटामिन (Vitamin) और प्रोटीन (Protein) होता है।
  3. गाजर (Carrot)- गाजर के बीज को क्यारी में मेड़ के ऊपर लगाया जाता है। 1 महीने बाद यह पौधा बाहर आयेगा। मात्र 4 माह के बाद इसका फल खाया जा सकता है। खाने में इसका हलवा लोगों को बहुत पसंद है। इसका उपयोग जूस, फल, सब्जी, और सलाद बनाने में किया जाता है। इसमें आपको विटामिन (Vitamin), आयरन (Iron), पोटैशियम (Potassium), फाइबर (Fiber) और कैल्शियम (Calcium) होता है। इसका फायदा यह है कि इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ता है साथ ही सर्दी-खांसी में राहत मिलती है।
  4. आंवला (Gooseberry) – आंवला को लगने में थोड़ा ज्यादा वक़्त लगता है। यह लगभग 4 वर्ष बाद तैयार होता है। यह एक स्तंभ में लगाया जाता है। इसमे Vitamin C होता है जो खून को साफ करता है। हमारे बाल के लिए भी यह लाभदायक होता है। साथ ही इससे खांसी, कब्ज और सांस के बीमारी में भी आराम मिलता है।
  5. धनिया (Coriander)- इसके बीज को हम आसानी से गमला में लगा सकतें हैं। यह मात्र 4 दिनों में पत्ते देने लगेगा और इसे काटने पर यह और ज्यादा उपजाऊ होगा। इसका चटनी लोगों को ज्यादा पसंद है। अगर इसके पत्तों को सब्जी में डाला जाता है तो उसका स्वाद बहुत ही जायकेदार हो जाता है। यह थाइराइड और सुगर के रोगियों के लिए लाभकारी होता है। इसमें प्रोटीन (Protein), फाइबर (Fiber), और कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrate) पाया जाता है।

Note:-

अगर आप इनमें से कोई पौधा लगा रहें तो ध्यान रखें कि क्यारी बनाते समय बीज डालने के लिए उसमें धेरा अधिक ना करें वरना वह बीज अंकुरित नहीं होगा। आपको पौधों का निरीक्षण भी समयानुसार करना चाहिए ताकि कीड़ो की प्रॉब्लम हो तो जैविक खाद से उसे मिटा सकें। अगर ठंडी अधिक है तो पौधों को ढक दें ताकि ठंड से यह पौधे गलकर नष्ट ना हो।

The Logically अपने पाठकों से अपील करता है कि वे कोशिश कर अपने घर पर जैविक खाद के माध्यम से सब्जियों को उगायें और उसका सेवन कर स्वस्थ रहें।

Khusboo Pandey
Khushboo loves to read and write on different issues. She hails from rural Bihar and interacting with different girls on their basic problems. In pursuit of learning stories of mankind , she talks to different people and bring their stories to mainstream.

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